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निजी अस्पताल में मरीज के उपचार का महंगा बिल थमाया
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। शहर के सहारनपुर रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती महिला मरीज के उपचार का भारी भरकम बिल बनाने पर परिजनों ने हंगामा किया। पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत कराया। इस मामले में डीएम ने एसडीएम को जांच सौपी है।
कस्बा ऊन निवासी कुलदीप ने बताया कि उसने मां प्रसंदी देवी को गुर्दे में परेशानी होने पर नौ जुलाई को सहारनपुर रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। कुलदीप का कहना है कि उसकी मां के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो उसने रेफर करने के लिए कहा। अस्पताल की तरफ से उसे जो बिल दिया गया, उसमें बहुत महंगी फीस ली गई। ऑक्सीजन, ऑक्सीजन चार्ज, आईसीयू का चार्ज, चिकित्सक की विजिट फीस इमरजेंसी फीस मिलाकर दो लाख रुपये से अधिक का बिल दिया गया। इसमें करीब एक लाख रुपये ऑक्सीजन के बताए गए। उसने बिल ज्यादा होने की बात कही तो वहां मौजूद एक चिकित्सक ने कहा कि इतना ही बिल का भुगतान करना होगा।
कुलदीप का कहना है कि वहां पर जो चिकित्सक मौजूद था, वह बीएएमएस डिग्रीधारक था। इस मामले की शिकायत डीएम जसजीत कौर से की गई। डीएम ने बताया कि गंगा अमृत हॉस्पिटल में मरीज के उपचार का बिल ज्यादा बनाने का मामला जानकारी में आया है। इसकी जांच एसडीएम को सौंपी गई है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, हॉस्पिटल संचालक डॉ. सुनील पंवार का कहना है कि मरीज का बिल ज्यादा नहीं बनाया गया है। जो सही था, वहीं बिल मरीज के परिजनों को दिया गया।
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शामली। शहर के सहारनपुर रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती महिला मरीज के उपचार का भारी भरकम बिल बनाने पर परिजनों ने हंगामा किया। पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत कराया। इस मामले में डीएम ने एसडीएम को जांच सौपी है।
कस्बा ऊन निवासी कुलदीप ने बताया कि उसने मां प्रसंदी देवी को गुर्दे में परेशानी होने पर नौ जुलाई को सहारनपुर रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। कुलदीप का कहना है कि उसकी मां के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो उसने रेफर करने के लिए कहा। अस्पताल की तरफ से उसे जो बिल दिया गया, उसमें बहुत महंगी फीस ली गई। ऑक्सीजन, ऑक्सीजन चार्ज, आईसीयू का चार्ज, चिकित्सक की विजिट फीस इमरजेंसी फीस मिलाकर दो लाख रुपये से अधिक का बिल दिया गया। इसमें करीब एक लाख रुपये ऑक्सीजन के बताए गए। उसने बिल ज्यादा होने की बात कही तो वहां मौजूद एक चिकित्सक ने कहा कि इतना ही बिल का भुगतान करना होगा।
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कुलदीप का कहना है कि वहां पर जो चिकित्सक मौजूद था, वह बीएएमएस डिग्रीधारक था। इस मामले की शिकायत डीएम जसजीत कौर से की गई। डीएम ने बताया कि गंगा अमृत हॉस्पिटल में मरीज के उपचार का बिल ज्यादा बनाने का मामला जानकारी में आया है। इसकी जांच एसडीएम को सौंपी गई है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, हॉस्पिटल संचालक डॉ. सुनील पंवार का कहना है कि मरीज का बिल ज्यादा नहीं बनाया गया है। जो सही था, वहीं बिल मरीज के परिजनों को दिया गया।
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