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बारिश कम होने से धान को हो रहा नुकसान
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बारिश कम होने से धान को हो रहा नुकसान
शामली। इस साल बारिश की बेरुखी से फसलें प्रभावित हो रही हैं। मानसून के समय पर आने के बावजूद बारिश नहीं हो रही है। लोग बारिश की उम्मीद में आसमान की ओर निहार रहे हैं। अपेक्षा से कम बारिश होने से धान की फसल की सिंचाई की लागत भी बढ़ रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार अभी तक शामली जिले में औसत से 100 मिलीमीटर कम बारिश हुई है।
धान की फसल की रोपाई हुए एक माह गुजर चुका है। फसल में कल्ले निकलने शुरू हो गए हैं। इस साल धान की फसल के लिए पर्याप्त बारिश न होने से किसानों को नलकूपों एवं डीजल पंप से सिंचाई करनी पड़ रही है। इससे फसल की उत्पादन लागत बढ़ रही है। मौसम एवं कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक इस साल धान की फसल के लिए पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। कृषि विज्ञान केंद्र शामली के कृषि वैज्ञानिक डाक्टर शीशपाल सिंह के मुताबिक धान की फसल में शुरू के एक माह 3-5 सेमी पानी होना चाहिए। पानी सूख जाने से जमीन में दरार आ जाती है, इससे पहले ही धान में 3-5 सेमी पानी की सिंचाई कर दें। धान की फसल में गोभ अवस्था में पानी पांच सेमी भर देना चाहिए। इस साल धान की फसल के लिए पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मृृदा विभाग के अध्यक्ष डाक्टर अशोक कुमार अहलुवालिया ने बताया कि शामली जिले में अभी तक औसत से 100 एमएम बारिश कम हुई है। पूर्वी यमुना नहर खंड के उपराजस्व अधिकारी अंबुज कुमार चौधरी के मुताबिक इस साल जुलाई 2020 तक 733 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। जुलाई 2019 तक 429 मिलीमीटर और जुलाई 2018 तक में 949 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई थी।
वर्ष 2020 का जिले में बारिश का आंकड़ा
माह -- -- बारिश मिलीमीटर में --
1-- जनवरी-- -70 -
2- फरवरी- - 35 -
3- मार्च- - 194 -
4- अप्रैल- -35-
5- मई - -53-
6- जून- -58-
7- जुलाई- -288
कुल बारिश- -733-
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शामली। इस साल बारिश की बेरुखी से फसलें प्रभावित हो रही हैं। मानसून के समय पर आने के बावजूद बारिश नहीं हो रही है। लोग बारिश की उम्मीद में आसमान की ओर निहार रहे हैं। अपेक्षा से कम बारिश होने से धान की फसल की सिंचाई की लागत भी बढ़ रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार अभी तक शामली जिले में औसत से 100 मिलीमीटर कम बारिश हुई है।
धान की फसल की रोपाई हुए एक माह गुजर चुका है। फसल में कल्ले निकलने शुरू हो गए हैं। इस साल धान की फसल के लिए पर्याप्त बारिश न होने से किसानों को नलकूपों एवं डीजल पंप से सिंचाई करनी पड़ रही है। इससे फसल की उत्पादन लागत बढ़ रही है। मौसम एवं कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक इस साल धान की फसल के लिए पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। कृषि विज्ञान केंद्र शामली के कृषि वैज्ञानिक डाक्टर शीशपाल सिंह के मुताबिक धान की फसल में शुरू के एक माह 3-5 सेमी पानी होना चाहिए। पानी सूख जाने से जमीन में दरार आ जाती है, इससे पहले ही धान में 3-5 सेमी पानी की सिंचाई कर दें। धान की फसल में गोभ अवस्था में पानी पांच सेमी भर देना चाहिए। इस साल धान की फसल के लिए पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मृृदा विभाग के अध्यक्ष डाक्टर अशोक कुमार अहलुवालिया ने बताया कि शामली जिले में अभी तक औसत से 100 एमएम बारिश कम हुई है। पूर्वी यमुना नहर खंड के उपराजस्व अधिकारी अंबुज कुमार चौधरी के मुताबिक इस साल जुलाई 2020 तक 733 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। जुलाई 2019 तक 429 मिलीमीटर और जुलाई 2018 तक में 949 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई थी।
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वर्ष 2020 का जिले में बारिश का आंकड़ा
माह -- -- बारिश मिलीमीटर में --
1-- जनवरी-- -70 -
2- फरवरी- - 35 -
3- मार्च- - 194 -
4- अप्रैल- -35-
5- मई - -53-
6- जून- -58-
7- जुलाई- -288
कुल बारिश- -733-