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Shamli News: मेरठ करनाल हाईवे के उपरिगामी पुलों पर रात्रि में छाया रहता है अंधेरा
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- लिंक मार्गों के कट पर नहीं है कोई रिफ्लेक्टर और संकेतक
- काठा पुलिया पर टूटी रेलिंग दे रही दुर्घटनाओं को न्योता
संवाद न्यूज एजेंसी
झिंझाना। मेरठ करनाल हाईवे पर बने सभी छह उपरिगामी पुल में से किसी पर भी रात में रोशनी की व्यवस्था नहीं है। कई पुल पर तो अभी तक पोल का कार्य भी शुरू नहीं हुआ है। इससे रात्रि में चलने वाले वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। हाईवे पर कई लिंक मार्गों पर रिफ्लेक्टर तक नहीं लगे हैं। झिंझाना के निकट काठा पुलिया पर रेलिंग टूटी हुई है, जिससे दुर्घटना होने का खतरा बना है।
मेरठ करनाल हाईवे गांव गुर्जरपुर बाईपास से लेकर बिडौली यमुना पुल तक बने सभी छह उपरिगामी पुल गांव टपराना, झिंझाना गाड़ी वाला चौराहे पर, गांव अहमदगढ़, गांव केरटू में, गांव मन्नू गढ़ और बिडौली चौराहे पर हाईवे निर्माण कंपनी ने यातायात शुरू करा दिया गया है। जबकि अभी तक किसी भी उपरिगामी पुल पर रात में लाइट का कोई प्रबंध नहीं है। कई पुल पर तो अभी तक पोल लगाने तथा लाइटिंग का कार्य भी शुरू नहीं हुआ है। इससे पुलों के ऊपर वाहन चालकों के साथ दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। झिंझाना के निकट हाईवे पर काठा पुलिया की टूटी रेलिंग भी दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है। इस और हाईवे निर्माण टीम का ध्यान नहीं है।
पूर्व चेयरमैन नौशाद ठेकेदार का कहना है कि रात्रि में किसी भी उपरिगामी पर लाइट न होने से अनुमान से ही गाड़ी को निकालना पड़ता है। वहीं इस हाईवे पर कई लिंक मार्गों पर अभी तक रिफ्लेक्टर नहीं लगे हैं। जिनसे दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है।
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आरएसएस इंटर कॉलेज के प्रबंधक शैलेंद्र मित्तल का कहना है कि हाईवे निर्माण टीम को पुलों के ऊपर यातायात शुरू करने से पहले लाइटिंग सिस्टम चालू कर देना चाहिए था। इससे यातायात सुगम हो सके। लेकिन ऐसा नहीं होने से दुर्घटना का खतरा अधिक है।
सोनू खान का कहना है कि झिंझाना फ्लाईओवर से करनाल मार्ग पर झिंझाना के लिए कट पर कोई रिफ्लेक्टर नहीं लगाया गया है। जिससे कस्बे में आने वाले लोगों को अपनी जान का खतरा बना रहता है। फ्लाईओवर पर लाइटिंग की समस्या अलग से है।
व्यापारी अनिल बंसल का कहना है कि रात में झिंझाना से शामली जाते समय पुलों के ऊपर अंधेरा रहता है। कई बार बाइक सवार उल्टी दिशा से आने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। लिंक मार्गों पर रिफलेक्टरों का होना आवश्यक है।
कोट
हाईवे निर्माण टीम के प्रोजेक्ट मैनेजर अजय चरण का कहना है कि अभी कुछ फ्लाईओवर पर पोल लाइट का कार्य अधूरा है जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। सभी पुलों का एक साथ इलेक्ट्रिक कनेक्शन किया जाएगा। रिफ्लेक्टर और संकेतक सभी लिंक मार्गों पर लगाए जा रहे हैं जिन पर नहीं लगे उन पर जल्दी लगा दिए जाएंगे।
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- काठा पुलिया पर टूटी रेलिंग दे रही दुर्घटनाओं को न्योता
संवाद न्यूज एजेंसी
झिंझाना। मेरठ करनाल हाईवे पर बने सभी छह उपरिगामी पुल में से किसी पर भी रात में रोशनी की व्यवस्था नहीं है। कई पुल पर तो अभी तक पोल का कार्य भी शुरू नहीं हुआ है। इससे रात्रि में चलने वाले वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। हाईवे पर कई लिंक मार्गों पर रिफ्लेक्टर तक नहीं लगे हैं। झिंझाना के निकट काठा पुलिया पर रेलिंग टूटी हुई है, जिससे दुर्घटना होने का खतरा बना है।
मेरठ करनाल हाईवे गांव गुर्जरपुर बाईपास से लेकर बिडौली यमुना पुल तक बने सभी छह उपरिगामी पुल गांव टपराना, झिंझाना गाड़ी वाला चौराहे पर, गांव अहमदगढ़, गांव केरटू में, गांव मन्नू गढ़ और बिडौली चौराहे पर हाईवे निर्माण कंपनी ने यातायात शुरू करा दिया गया है। जबकि अभी तक किसी भी उपरिगामी पुल पर रात में लाइट का कोई प्रबंध नहीं है। कई पुल पर तो अभी तक पोल लगाने तथा लाइटिंग का कार्य भी शुरू नहीं हुआ है। इससे पुलों के ऊपर वाहन चालकों के साथ दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। झिंझाना के निकट हाईवे पर काठा पुलिया की टूटी रेलिंग भी दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है। इस और हाईवे निर्माण टीम का ध्यान नहीं है।
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पूर्व चेयरमैन नौशाद ठेकेदार का कहना है कि रात्रि में किसी भी उपरिगामी पर लाइट न होने से अनुमान से ही गाड़ी को निकालना पड़ता है। वहीं इस हाईवे पर कई लिंक मार्गों पर अभी तक रिफ्लेक्टर नहीं लगे हैं। जिनसे दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है।
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आरएसएस इंटर कॉलेज के प्रबंधक शैलेंद्र मित्तल का कहना है कि हाईवे निर्माण टीम को पुलों के ऊपर यातायात शुरू करने से पहले लाइटिंग सिस्टम चालू कर देना चाहिए था। इससे यातायात सुगम हो सके। लेकिन ऐसा नहीं होने से दुर्घटना का खतरा अधिक है।
सोनू खान का कहना है कि झिंझाना फ्लाईओवर से करनाल मार्ग पर झिंझाना के लिए कट पर कोई रिफ्लेक्टर नहीं लगाया गया है। जिससे कस्बे में आने वाले लोगों को अपनी जान का खतरा बना रहता है। फ्लाईओवर पर लाइटिंग की समस्या अलग से है।
व्यापारी अनिल बंसल का कहना है कि रात में झिंझाना से शामली जाते समय पुलों के ऊपर अंधेरा रहता है। कई बार बाइक सवार उल्टी दिशा से आने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। लिंक मार्गों पर रिफलेक्टरों का होना आवश्यक है।
कोट
हाईवे निर्माण टीम के प्रोजेक्ट मैनेजर अजय चरण का कहना है कि अभी कुछ फ्लाईओवर पर पोल लाइट का कार्य अधूरा है जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। सभी पुलों का एक साथ इलेक्ट्रिक कनेक्शन किया जाएगा। रिफ्लेक्टर और संकेतक सभी लिंक मार्गों पर लगाए जा रहे हैं जिन पर नहीं लगे उन पर जल्दी लगा दिए जाएंगे।