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पड़ताल: थोड़े रुपये देना हो जाएगा ऑपरेशन, आयुष्मान भारत योजना के तहत अवैध रूप इलाज की खुली पोल

Sun, 26 Nov 2023 09:39 AM IST
Dimple Sirohi महबूब अली, संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
महबूब अली, संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 26 Nov 2023 09:39 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश के शामली में आयुष्मान योजना को खुद स्वास्थ्य विभाग खुद ही पलीता लगा रहा है। यहां चंद रुपये देकर आयुष्मान योजना के तहत अवैध रूप से मरीजों का उपचार किया जा रहा है। 
 

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Operation will be done by paying a little money, patients are being treated illegally under Ayushman
कॉल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इसे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत ही कहा जाएगा कि जिस अस्पताल पर 52 दिन पहले आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों की संख्या में फर्जीवाड़ा और अनियमितता मिलने पर सील किया गया था अब उसके अंदर फिर से आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को उपचार देने का दावा किया जा रहा है।

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यही नहीं, अस्पताल के मालिक ने अस्पताल द्वारा आयुष्मान योजना के तहत उपचार करने के संबंध में जगह-जगह बैनर भी लगा दिए हैं। कर्मचारी चंद रुपये लेकर भाेले-भाले लोगों को योजना के तहत बढि़या उपचार देने का दावा कर रहे हैं। अमर उजाला ने पड़ताल की तो कर्मचारी से संवाददाता की कुछ इस तरह से बात हुई। पेश है बातचीत के प्रमुख अंश...

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संवाददाता : भाई मैं झिंझाना से आया हूं, क्या आयुष्मान भारत योजना के तहत गले के जबड़े का ऑपरेशन हो सकता है।
कर्मचारी : नहीं भाई, हमारे यहां पर बवासीर, पित की थैली आदि का ऑपरेशन होता है।

संवाददाता : आयुष्मान कार्ड चल जाएगा क्या?
कर्मचारी : बिल्कुल चल जाएगा, मगर इसके लिए तुम्हें थोड़े अधिक रुपये खर्च करने होंगे।

संवाददाता: कितने रुपये भाई बता दो
कर्मचारी : कल आ जाना पूछकर बता दूंगा।

संवाददाता: अस्पताल पर तो कुछ दिन पूर्व सील लग गई थी।
कर्मचारी: अब खुल चुकी है।

संवाददाता: कोई बात नहीं भाई, कल आता हूं।

 ब्लॉक प्रमुख ने बैठक में जोरशोर से उठाया मुद्दा 
ब्लॉक प्रमुख विनोद कुमार ने दिशा की बैठक में कहा कि कांधला के सिटी अस्पताल में अनियमितता मिलने पर 52 दिन पहले ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सील लगाई थी, क्योंकि यहां पर आयुष्मान भारत योजना के तहत भर्ती मरीजों की संख्या में फर्जीवाड़ा मिला था। जिस पर सांसद ने सीएमओ डाॅ. संजय अग्रवाल से जवाब तलब करते हुए मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने के आदेश दिए।

ब्लॉक प्रमुख ने बताया कि अस्पताल के संचालक ने कांधला और शामली शहर में कई स्थानों पर आयुष्मान के तहत फिर से उपचार के बोर्ड लगा दिए हैं, जिसके कारण मरीज भी भ्रमित हो रहे हैं। कहा कि जिले के कई अन्य अस्पतालों में भी यह फर्जीवाड़ा चल रहा है। डीएम रविंद्र सिंह ने भी इस मामले में कार्रवाई कराने की बात कहीं है।

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यह बोले सीएमओ 
सीएमओ डाॅ. संजय अग्रवाल का कहना है कि सिटी अस्पताल पर सील लगाई गई थी मगर अब अस्पताल ने पंजीकरण करा लिया है। मगर आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पताल किसी भी सूरत में मरीजों का उपचार करने के लिए अधिकृत नहीं है। कल ही टीम को भेजकर कार्रवाई कराई जाएगी।

चार अक्तूबर को अस्पताल पर लगाई गई थी सील
बीते चार अक्तूबर को कांधला कस्बे के बाईपास रोड पर स्थित सिटी हॉस्पिटल पर सीएमओ ने भारी पुलिस बल के साथ मिलकर छापेमारी की। अनियमितता मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया था। छापेमारी के दौरान बारह बेड के लिए मान्य सिटी हॉस्पिटल में 19 मरीज भर्ती मिले थे, जबकि 62 मरीज के आयुष्मान कार्ड पोर्टल पर चढ़े मिले थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से 394 आयुष्मान कार्ड, तीन रजिस्टर कब्जे में लेते हुए अस्पताल को सील कर दिया था।

 सिटी अस्पताल के प्रबंधक कृष्णवीर का कहना है कि उनके यहां पर आयुष्मान योजना के तहत कोई उपचार नहीं किया जा रहा है। बोर्ड पहले ही लगाया गया था। आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को उपचार देने की बात गलत है।

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