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योग से ही बनेगा शरीर निरोग

Sat, 20 Jun 2020 11:51 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2020 11:51 PM IST
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Only body will be healthy through yoga
थानाभवन। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, गलत खान-पान और काम के दबाव के चलते लोग अक्सर कई छोटी-छोटी बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं, लेकिग योग में इन बीमारियों को दूर करने की भी पूरी ताकत है। योग दिवस के मौके पर योगाचार्य डा. सुरेंद्र कल्याणी कि नियमित योगाभ्यास, आसन और प्राणायाम से तनाव के साथ तमाम बीमारियों से भी दूर रहा जा सकता है।
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डायबिटीज
मंडूक आसन : घुटनों के बल एड्डी के बीच में बैठना है, दोनों पैर के अंगूठे मिले रहेंगे, दोनों मुठ्ठियों को नाभी के दाएं व बाएं सटा दें। सांस बढ़ते हुए शरीर को खींचकर ऊपर की ओर तान दें। सांस खाली करते हुए ठुड्डी को आसन से लगाने का प्रयास करें, यह करते हुए क्षमता के हिसाब से रुक जाएं। मंडूक आसन का अच्छे से अभ्यास करने से एक सप्ताह में ही शुगर का लेवल घटना शुरू हो जाता है।
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तनाव
भ्रामरी प्राणायाम : पद्मासन या सुखासन में बैठकर दोनों हाथों के अंगूठों से कान बंद करें। सबसे छोटी अंगुली व रिंग फिंगर होठों को दबाएंगी, साथ ही अन्य दो अंगुलियां आंखों पर हलका का सा दबाव देते हुए माथे पर टिक जाएंगी। सांस को इतना भरें कि आपके कंठ तक सांस भर जाए। सांस को नासिका से विसर्जित करते हुए भ्रमर की गुंजार करते हैं। तनाव को दूर भगाने का यह बहुत अच्छा व्यायाम है। इसे लगातार दिन में दो बार करने से तनाव मुक्त हो जाएगा। शुरूआत में दस आवृत्ति से शुरू करें और फिर बढ़ाते जाएं।
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मोटापा
अग्निसार क्रिया : सुखासन में बैठेंगे, कमर व गर्दन सीधी रहेगी। दोनों हाथ घुटनों पर रहेंगे, पहले सांस को नासिका से गहरा भरें, फिर सांस को पूरी तरह से खाली कर दें। जब सांस पूरी बाहर खाली हो जाए तो नाभी से ऊपर वाले भाग को भीतर खींचेे और ढीला छोड़े। ऐसा क्षमता के हिसाब से करते हुए धीरे-धीरे आवृत्तियों को बढ़ाएं। इससे 15 दिन में ही मोटापे पर काफी असर पड़ेगा।
गठिया
ताड़ासन : आसन पर कमर के बल लेट जाएं। एड़ी व पंजे को मिला लें, दोनों हाथ ऊपर लेे जाते हुए कानों के साथ सटा दें और दोनों हथेलियों को आपस में मिला दें। सांस भरते हुए नाभी से नीचे का हिस्सा नीचे और ऊपर का हिस्सा ऊपर खींचकर तान दें और शरीर की लंबाई को चार से छह इंच बढ़ा दें। इससे आपका यूरिक एसिड रक्त में घुल जाएगा और गठिया समाप्त हो जाएगा।

पेट की समस्या
भुजंगआसन : पेट के बल लेट जाएं, दोनों पांव की पूंछ बना दें और उन्हें मिला दें। दोनों हाथ की हथेलियां मस्तिष्क के दाएं-बाएं कर लें। सामान्य सांस में मस्तिष्क को उठाएं, सांस भरते हुए सिर को उठाएं, कुछ समय रुकें, धीरे-धीरे सांस खाली करते हुए पहले धड़ व बाद में मस्तिष्क को मिला दें। भुजंगआसन के करने से आंख सक्रिय होती हैं और मल का विसर्जन हो जाता है।
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