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उमरपुर संघर्ष में एक घायल ने दम तोड़ा
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थानाभवन। छत पर लिंटर डालने को लेकर उमरपुर गांव में दो पक्षों में संघर्ष के बाद एक घायल व्यक्ति ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर दो लोगों को हिरासत में ले लिया है।
क्षेत्र के गांव उमरपुर में शुक्रवार सुबह छत पर लिंटर डालने को लेकर दो पक्षों में संघर्ष हो गया था। जिसमें एक पक्ष से सुखपाल, प्रेमो, नितिन और दूसरे पक्ष से महेश रोहित, सनी, गोपाल, रवि घायल हो गए थे। सुखपाल और महेश को गंभीर हालत में जिला अस्पताल मुजफ्फरनगर रेफर कर दिया गया था। जहां उपचार के दौरान महेश ने दम तोड़ दिया। थाना प्रभारी प्रभाकर कैंतूरा ने बताया कि मृतक के परिवार की ओर से सोनू, जगबीर, मुकेश और नितिन के खिलाफ हत्या करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने चारों लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए मुकेश और अनिल को गिरफ्तार कर लिया है।
घर न आता तो बच जाती जान
महेश की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। परिजनों का कहना है कि महेश सहारनपुर जिले में काम करता है। लॉकडाउन के बावजूद वह अपने काम में व्यस्त था। तीन दिन पहले उसकी बड़ी बेटी बीमार हो गई थी। उसका उपचार कराने के लिए ही वह घर आया था। परिजन ने बताया कि यदि महेश घर नहीं आता तो उसकी जान बच सकती थी।
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क्षेत्र के गांव उमरपुर में शुक्रवार सुबह छत पर लिंटर डालने को लेकर दो पक्षों में संघर्ष हो गया था। जिसमें एक पक्ष से सुखपाल, प्रेमो, नितिन और दूसरे पक्ष से महेश रोहित, सनी, गोपाल, रवि घायल हो गए थे। सुखपाल और महेश को गंभीर हालत में जिला अस्पताल मुजफ्फरनगर रेफर कर दिया गया था। जहां उपचार के दौरान महेश ने दम तोड़ दिया। थाना प्रभारी प्रभाकर कैंतूरा ने बताया कि मृतक के परिवार की ओर से सोनू, जगबीर, मुकेश और नितिन के खिलाफ हत्या करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने चारों लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए मुकेश और अनिल को गिरफ्तार कर लिया है।
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घर न आता तो बच जाती जान
महेश की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। परिजनों का कहना है कि महेश सहारनपुर जिले में काम करता है। लॉकडाउन के बावजूद वह अपने काम में व्यस्त था। तीन दिन पहले उसकी बड़ी बेटी बीमार हो गई थी। उसका उपचार कराने के लिए ही वह घर आया था। परिजन ने बताया कि यदि महेश घर नहीं आता तो उसकी जान बच सकती थी।
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