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Shamli News: अब दो साल नहीं, छह माह में होगा टीबी रोगियों का इलाज
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले के क्षय रोगियों के लिए खुशखबरी है। जिले में क्षय रोग पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रेजिमन से मरीजों के उपचार की व्यवस्था शुरू की है। जिले में बीपाल एम रेजिमेन से चार मरीजों का इस महीने से उपचार शुरू किया गया है। इनमें दो कैराना, एक थानाभवन व एक मरीज कांधला क्षेत्र से है।
पहले एमडीआर यानि जटिल टीबी मरीजों का उपचार नौ से 27 महीने तक चलता था, लेकिन अब बीपाल एम रेजिमेन से महज छह महीने में मरीज को बीमारी से मुक्ति मिल जाएगी। जिले में करीब दो हजार टीबी मरीजों का उपचार चल रहा है। इसमें से करीब 50 क्षय रोग के जटिल मरीज हैं।
पिछले दो साल में जिले के 25 से अधिक गांवों को क्षय रोग मुक्त घोषित किया जा चुका है। पहले जटिल क्षय रोगियों को नौ से 27 माह तक दवाई खानी पड़ती थी, तब कहीं जाकर आराम लगता था। जिले में क्षय रोग की जांच सभी सीएचसी और जिला अस्पताल पर उपलब्ध है। इसके साथ ही गांव-गांव क्षय रोगी खोज अभियान समय समय पर चलाया जाता है।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विनोद कुमार का कहना है कि इस व्यवस्था से छह माह में ही मरीज ठीक हो सकेंगे।
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शामली। जिले के क्षय रोगियों के लिए खुशखबरी है। जिले में क्षय रोग पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रेजिमन से मरीजों के उपचार की व्यवस्था शुरू की है। जिले में बीपाल एम रेजिमेन से चार मरीजों का इस महीने से उपचार शुरू किया गया है। इनमें दो कैराना, एक थानाभवन व एक मरीज कांधला क्षेत्र से है।
पहले एमडीआर यानि जटिल टीबी मरीजों का उपचार नौ से 27 महीने तक चलता था, लेकिन अब बीपाल एम रेजिमेन से महज छह महीने में मरीज को बीमारी से मुक्ति मिल जाएगी। जिले में करीब दो हजार टीबी मरीजों का उपचार चल रहा है। इसमें से करीब 50 क्षय रोग के जटिल मरीज हैं।
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पिछले दो साल में जिले के 25 से अधिक गांवों को क्षय रोग मुक्त घोषित किया जा चुका है। पहले जटिल क्षय रोगियों को नौ से 27 माह तक दवाई खानी पड़ती थी, तब कहीं जाकर आराम लगता था। जिले में क्षय रोग की जांच सभी सीएचसी और जिला अस्पताल पर उपलब्ध है। इसके साथ ही गांव-गांव क्षय रोगी खोज अभियान समय समय पर चलाया जाता है।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विनोद कुमार का कहना है कि इस व्यवस्था से छह माह में ही मरीज ठीक हो सकेंगे।