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Shamli News: आग से बचाव के मानकों को पूरा न करने वाले दस अस्पतालों को नोटिस
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शामली। जिले में चल रहे ज्यादातर निजी अस्पतालों में आग से बचाव के लिए मानक पूरे नहीं हैं। अग्निशमन विभाग ने ऐसे दस निजी अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस के बाद भी मानक पूरे नहीं किए जाते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली के एक अस्पताल में हाल ही में आग लगने की घटना के बाद शासन ने प्रदेश में सभी अस्पतालों का निरीक्षण कर मानकों की जांच करने के निर्देश हैं। शासन के निर्देश पर जिले में निजी अस्पतालों में निरीक्षण शुरू किया गया। अभी तक निजी अस्पतालों में किए गए निरीक्षण में आग से बचाव के लिए जो इंतजाम पाए गए हैं, वे पर्याप्त न होने के साथ ही मानकों पर खरा नहीं उतरे। एफएसओ सतेंद्र कुमार ने बताया कि आग से बचाव के लिए तय मानकों को पूरा न करने वाले शामली व कैराना के दस निजी अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है। अस्पतालों को नोटिस भेजकर कहा गया कि वे मानकों को पूरा करें। अगर मानक पूरे नहीं किए जाते तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एफएसओ का कहना है कि निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया जा रहा है। उधर, सीएफओ जेके श्रीवास्तव ने बताया कि अग्निशमन विभाग की तरफ से निजी अस्पतालों में आग से बचाव के इंतजाम और मानकों को लेकर निरीक्षण शुरू किया गया है। यह अभियान एक सप्ताह तक चलेगा। निरीक्षण में जो भी सामने आएगा, उसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
-जिला अस्पताल में फायर फाइटिंग की बनी है सेंट्रल लाइन
जिला अस्पताल में फायर फाइटिंग की सेंट्रल पाइप लाइन बनी है। अस्पताल परिसर में ही पानी की पाइप लाइन से जोड़ा गया है। पानी की पर्याप्त उपलब्धता है। ऊन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अग्निशमन यंत्र, अलार्म लगे मिले, वहीं पानी से आग बुझाने वाला सिस्टम भी लगा पाया गया, लेकिन अस्पताल के दोनों तल पर लगे सभी करीब 25 फायर सिलिंडर लगे हुए हैं और सभी सक्रिय हैं। अस्पताल परिसर में फायर हाइड्रेंट भी लगे हैं, लेकिन पाइप लाइन की व्यवस्था नहीं है। चिकित्सा प्रभारी डॉ़ तरुण ने बताया कि जल्दी ही इसकी भी व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद स्वचलित पानी की सप्लाई होगी। झिंझाना सीएचसी पर अग्निशमन यंत्र लगे हुए हैं। पानी से आग बुझाने वाला सिस्टम भी लगाया जा रहा है।
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दिल्ली के एक अस्पताल में हाल ही में आग लगने की घटना के बाद शासन ने प्रदेश में सभी अस्पतालों का निरीक्षण कर मानकों की जांच करने के निर्देश हैं। शासन के निर्देश पर जिले में निजी अस्पतालों में निरीक्षण शुरू किया गया। अभी तक निजी अस्पतालों में किए गए निरीक्षण में आग से बचाव के लिए जो इंतजाम पाए गए हैं, वे पर्याप्त न होने के साथ ही मानकों पर खरा नहीं उतरे। एफएसओ सतेंद्र कुमार ने बताया कि आग से बचाव के लिए तय मानकों को पूरा न करने वाले शामली व कैराना के दस निजी अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है। अस्पतालों को नोटिस भेजकर कहा गया कि वे मानकों को पूरा करें। अगर मानक पूरे नहीं किए जाते तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एफएसओ का कहना है कि निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया जा रहा है। उधर, सीएफओ जेके श्रीवास्तव ने बताया कि अग्निशमन विभाग की तरफ से निजी अस्पतालों में आग से बचाव के इंतजाम और मानकों को लेकर निरीक्षण शुरू किया गया है। यह अभियान एक सप्ताह तक चलेगा। निरीक्षण में जो भी सामने आएगा, उसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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-जिला अस्पताल में फायर फाइटिंग की बनी है सेंट्रल लाइन
जिला अस्पताल में फायर फाइटिंग की सेंट्रल पाइप लाइन बनी है। अस्पताल परिसर में ही पानी की पाइप लाइन से जोड़ा गया है। पानी की पर्याप्त उपलब्धता है। ऊन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अग्निशमन यंत्र, अलार्म लगे मिले, वहीं पानी से आग बुझाने वाला सिस्टम भी लगा पाया गया, लेकिन अस्पताल के दोनों तल पर लगे सभी करीब 25 फायर सिलिंडर लगे हुए हैं और सभी सक्रिय हैं। अस्पताल परिसर में फायर हाइड्रेंट भी लगे हैं, लेकिन पाइप लाइन की व्यवस्था नहीं है। चिकित्सा प्रभारी डॉ़ तरुण ने बताया कि जल्दी ही इसकी भी व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद स्वचलित पानी की सप्लाई होगी। झिंझाना सीएचसी पर अग्निशमन यंत्र लगे हुए हैं। पानी से आग बुझाने वाला सिस्टम भी लगाया जा रहा है।
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