फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Not only plant saplings, also take a pledge to save

पौधे लगाना ही नहीं, बचाने का भी संकल्प लें

Sun, 05 Jun 2022 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jun 2022 11:54 PM IST
विज्ञापन
Not only plant saplings, also take a pledge to save
शामली। वीवी पीजी कॉलेज शामली में विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण और आज की चुनौतियां विषय पर वर्चुअल विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
विज्ञापन

रविवार को आयोजित ऑनलाइन विचार गोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि मां शाकंभरी विश्वविद्यालय सहारनपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. भूपेंद्र कुमार ने किया। उन्होंने कार्यशाला में प्रतिभाग कर रहे स्वयंसेवकों से कहा कि हमें पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए पौधे लगाने के साथ उन्हें बचाने का भी संकल्प लेना चाहिए। आज हमें संकल्प लेना चाहिए इस नारे के साथ कि पौधे लगाना ही नहीं बचाना भी है। हमें प्रयास करना चाहिए कि जो हमें मिल रहा है, हम अपनी आने वाली पीढ़ी को उससे बेहतर सौंपकर जाएं।
स्वयंसेविका तनुश्री धीमान ने कहा कि हमें अपनी धरती को हरा भरा बनाना है और पर्यावरण को बचाना है। सागर ने कहा कि हमें कागज के पैकेट और कपड़े के थैले का प्रयोग करना चाहिए। मानवी ने कहा कि पेड़ हमारी संपत्ति है। हमें हर संभव तरीके से इसे बचाने का प्रयास करना चाहिए और साथ ही पर्यावरण को साफ रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए। कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन कालेज की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. छवि ने किया। गोष्ठी में विजेंद्र देशवाल, निशा, रिया संगत, खुशी, प्रियंका, लतिका, राहुल, आकांक्षा और सलोनी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

जीवन में पेड़ों का महत्व बताया
कांधला। कस्बे के राजकीय महिला महाविद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। प्राचार्य प्रो. प्रमोद कुमारी ने महाविद्यालय प्रांगण में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण में पौधों की भूमिका को रेखांकित किया। गूगल मीट के माध्यम से आयोजित ऑनलाइन गोष्ठी में जंतु विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संजय कुमार ने विश्व पर्यावरण दिवस के संबंधित इतिहास व पर्यावरण में होने वाले बदलाव जैसे ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन आदि की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मात्र एक डिग्री सेंटीग्रेड तापक्रम के बढ़ने से पृथ्वी पर बाढ़, सूखा, बढ़ती गर्मी व बढ़त सर्दी आदि विभिन्न भयावह परिवर्तन हो चुके हैं। वनस्पति विज्ञान विषय के प्राध्यापक डॉ. बृजेश कुमार राठी ने 1972 से 2022 तक के पिछले 50 वर्षों में पर्यावरण संरक्षण के लिए हुए विभिन्न प्रयासों, संधि, समझौतों बारे में बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed