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Shamli News: भाजू के पास इंटरचेंज की जारी नहीं हुई अधिसूचना
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भाजू गांव के पास दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के ऊपर से गुजरते बिजली के तार।
- फोटो : SHAMLI
शामली। तीन राज्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पांच जिलों से होकर गुजरने वाले दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे का भाजू गांव के पास इंटरचेंज स्वीकृत की अधिसूचना जारी नहीं हुई है। जिससे भौराकलां, सिसौली और शाहपुर आने जाने वाले आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। शामली से भौराकलां और सिसौली जाने के लिए पानीखत-खटीमा हाईवे पर लालूखेड़ी और मेरठ-करनाल हाईवे पर फुगाना और खरड़ होकर जाना पड़ेगा।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर दिल्ली के अक्षर धाम से शुरू होकर गाजियाबाद, बागपत जिले के ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली होकर सहारनपुर बाईपास से गणेश चौक होते हुए देहरादून तक प्रस्तावित है। बागपत से लेकर सहारनपुर जिले के गणेशपुर बाईपास तक चार फेस में प्रस्तावित एक्सप्रेसवे का शामली जिले में तीसरा फेस मेरठ-करनाल हाईवे के लांक गांव से शुरू होकर थानाभवन क्षेत्र के ख्यावड़ी गांव तक है। एक्सप्रेसवे भौराकलां-सिसौली मार्ग को भाजू गांव के पास क्रॉस कर रहा है। भाजू गांव के पास भौराकलां-सिसौली मार्ग पर फ्लाईओवर प्रस्तावित किया है।
फ्लाईओवर पर अंडरपास और इंटरचेंज के लिए भूमि भी नहीं खरीदी गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से इंटरचेंज की अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इंटरचेज की अधिसूचना जारी न होने से आसपास के गांवों में असमंजस की स्थिति बनी है।
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भाजू, भौंराकलां व आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि यदि भौराकलां, सिसौली मार्ग पर भाजू के पास दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का इंटरचेंज नहीं मिला तो शामली से सिसौली और शाहपुर जाने के लिए पानीपत खटीमा हाईवे से लालूखेड़ी होकर और शामली से मेरठ-करनाल होकर फुगाना-खरड़ होकर सिसौली जाना पड़ेगा। भाजू के पास इंटरचेंज के लिए भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी मांग कर चुके हैं।
इंटरचेज की संस्तुति एनएचएआई को भेजी जाएगी
एडीएम संतोष कुमार सिंह ने बताया कि 18 दिन पूर्व दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे की शामली जिले के तीसरे फेस का निरीक्षण किया था। किसानों ने भाजू गांव के पास इंटरचेंज की मांग की थी। इंटरचेंज स्वीकृत कराने की रिपोर्ट भेजी जाएगी। दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर किसान संघर्ष समिति के सचिव विदेश मलिक का कहना है कि एनएचएआई के अफसर भाजू में इकोनामिक कॉरिडोर का इंटरचेंज की बात कह रहे हैं, लेकिन बागपत सांसद सतपाल सिंह के अनुरोध पर गांगनौली गांव में इंटरचेंज स्वीकृति करके अधिसूचना जारी हो गई है। भौंराकलां-सिसौली मार्ग पर भाजू के पास इंटरचेंज की अधिसूचना जारी नहीं की गई है।
खंभे और हाईटेंशन लाइन बाधा बने
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे की जद में आ रहे बिजली की हाईटेंशन लाइन और बिजली के खंभे बाधा बने हुए है। भौराकलां-सिसौली मार्ग पर भाजू गांव के पास भिक्का माजरा जाने वाला अंडरपास के बीच में बिजली की हाईटेंशन लाइन और खंभे बाधा बने हुए हैं।
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दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर दिल्ली के अक्षर धाम से शुरू होकर गाजियाबाद, बागपत जिले के ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली होकर सहारनपुर बाईपास से गणेश चौक होते हुए देहरादून तक प्रस्तावित है। बागपत से लेकर सहारनपुर जिले के गणेशपुर बाईपास तक चार फेस में प्रस्तावित एक्सप्रेसवे का शामली जिले में तीसरा फेस मेरठ-करनाल हाईवे के लांक गांव से शुरू होकर थानाभवन क्षेत्र के ख्यावड़ी गांव तक है। एक्सप्रेसवे भौराकलां-सिसौली मार्ग को भाजू गांव के पास क्रॉस कर रहा है। भाजू गांव के पास भौराकलां-सिसौली मार्ग पर फ्लाईओवर प्रस्तावित किया है।
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फ्लाईओवर पर अंडरपास और इंटरचेंज के लिए भूमि भी नहीं खरीदी गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से इंटरचेंज की अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इंटरचेज की अधिसूचना जारी न होने से आसपास के गांवों में असमंजस की स्थिति बनी है।
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भाजू, भौंराकलां व आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि यदि भौराकलां, सिसौली मार्ग पर भाजू के पास दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का इंटरचेंज नहीं मिला तो शामली से सिसौली और शाहपुर जाने के लिए पानीपत खटीमा हाईवे से लालूखेड़ी होकर और शामली से मेरठ-करनाल होकर फुगाना-खरड़ होकर सिसौली जाना पड़ेगा। भाजू के पास इंटरचेंज के लिए भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी मांग कर चुके हैं।
इंटरचेज की संस्तुति एनएचएआई को भेजी जाएगी
एडीएम संतोष कुमार सिंह ने बताया कि 18 दिन पूर्व दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे की शामली जिले के तीसरे फेस का निरीक्षण किया था। किसानों ने भाजू गांव के पास इंटरचेंज की मांग की थी। इंटरचेंज स्वीकृत कराने की रिपोर्ट भेजी जाएगी। दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर किसान संघर्ष समिति के सचिव विदेश मलिक का कहना है कि एनएचएआई के अफसर भाजू में इकोनामिक कॉरिडोर का इंटरचेंज की बात कह रहे हैं, लेकिन बागपत सांसद सतपाल सिंह के अनुरोध पर गांगनौली गांव में इंटरचेंज स्वीकृति करके अधिसूचना जारी हो गई है। भौंराकलां-सिसौली मार्ग पर भाजू के पास इंटरचेंज की अधिसूचना जारी नहीं की गई है।
खंभे और हाईटेंशन लाइन बाधा बने
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे की जद में आ रहे बिजली की हाईटेंशन लाइन और बिजली के खंभे बाधा बने हुए है। भौराकलां-सिसौली मार्ग पर भाजू गांव के पास भिक्का माजरा जाने वाला अंडरपास के बीच में बिजली की हाईटेंशन लाइन और खंभे बाधा बने हुए हैं।