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प्रदेश में शिक्षकों की कमी नहीं : जायसवाल

Thu, 22 Jun 2017 12:17 AM IST
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
शामली, अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 22 Jun 2017 12:17 AM IST
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No shortage of teachers in the state: Jaiswal
meeting - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुपमा जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में शिक्षकों की कोई कमी नहीं है। सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या के सापेक्ष करीब 65 हजार शिक्षक अतिरिक्त हैं।
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इसके बावजूद स्कूलों में अध्यापकों की तैनाती का अनुपातिक संतुलन ठीक नहीं है, जिस कारण किसी स्कूल में ज्यादा, तो कहीं पर कम शिक्षक तैनात हैं। इसके लिए अध्यापकों का समायोजन कर जल्द ही व्यवस्था को ठीक किया जाएगा। 
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बुधवार को बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल शामली में अंतरराष्ट्रीय योग शिविर में शामिल होने पहुंची थीं। इसके बाद जिला योजना की बैठक ली। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश की जनता को भाजपा से काफी अपेक्षाएं हैं। जनता के सपनों को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार लगी हुई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में बच्चों को ड्रेस के साथ ही जूते, जुराब और बस्ते भी वितरित करेगी। ड्रेस भी प्राइवेट स्कूलों के जैसी बनवाई जा रही है। 
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उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कोई कमी नहीं है, लेकिन तैनाती अनुपात ठीक नहीं है। प्रदेश भर में 65 हजार शिक्षक अधिक हैं, जिसके चलते अध्यापकों का समायोजन कर अध्यापकों की तैनाती कराई जाएगी। इससे उन स्कूलों में भी अध्यापकों की तैनाती होगी, जहां शिक्षकों की कमी बताई जाती है।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कैराना के पंजीठ गांव में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के बारे में वह जांच कराएंगी। यदि असुरक्षा की भावना के कारण बालिकाओं को किराए की प्राइवेट बिल्डिंग में पढ़ाया जा रहा है, तो उसे ठीक कराया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शामली जिले में अवैध खनन की शिकायतें मिलती हैं, जो कतई बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

अवैध रेत खनन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जाएगी। इसके अलावा शिक्षामित्रों के मामले पर उन्होंने कहा कि अभी सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं आया है। फैसला आने के बाद कोई निर्णय लिया जाएगा। 


वहीं, सरकारी स्कूलों की दशा में सुधार के लिए उन्होंने राजनीतिक लोगों के साथ ही अधिकारियों से आह्वान किया कि अधिक से अधिक संख्या में स्कूलों को गोद लेकर कार्य करें। जब तक अपनापन नहीं होगा, उसमें सुधार की अपेक्षा नहीं की जा सकती है। उन्होंने जिला पंचायत सदस्यों, विधायक और अधिकारियों से कहा कि एक एक स्कूल को गोद लेकर वहां की व्यवस्था में सुधार कराएं।
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