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खंभा न लाइन, किसान को भेजा बिल, पीवीवीएनएल पर 2.97 लाख का जुर्माना
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शामली। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने नलकूप कनेक्शन दिए बिना किसान को बिजली का बिल भेज दिया। किसान ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दायर किया।
जिस पर सुनवाई करते हुए आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता व महिला सदस्य अमरजीत कौर ने पीवीवीएनएल पर 2.97 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया। इनमें से 2.77 लाख रुपये पीड़ित किसान को बिजली कनेक्शन न मिलने से हुए आर्थिक और मानसिक नुकसान के और 20 हजार रुपये अनुचित व्यापार व्यवहार के आयोग के खाते में जमा कराने होंगे। 30 दिन में आदेश का पालन न करने पर भुगतान की तिथि तक नौ प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज देना होगा।
यह था पूरा मामला
सिंभालका निवासी किसान गोपाल ने जुलाई 2011 में नलकूप के विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। 13125 रुपये जमा कराकर रसीद भी कटवा ली थी। उसे छह माह में कनेक्शन का आश्वासन दिया गया। चार साल तक भी उसे कनेक्शन नहीं दिया गया। मार्च 2016 में गोपाल अपने गांव में लगे विद्युत निगम के कैंप में पहुंचा और कनेक्शन के बारे में पूछा। जिस पर कर्मचारियों ने उस पर विद्युत बिल के 72 हजार रुपये बकाया बता दिए। गोपाल ने इस पर आपत्ति जताई। विद्युत निगम के अधिकारी उसके खेतों पर पहुंचे तो वहां कोई खंभा, लाइन और ट्रांसफार्मर नहीं था। इसके बाद गोपाल ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में पीवीवीएनएल, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता के खिलाफ परिवार दायर किया था। आयोग ने बिना मीटर बिलिंग हिस्ट्री के गोपाल को प्रेषित 273750 रुपये का मांग नोटिस भी निरस्त करने के आदेश दिए हैं।
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जिस पर सुनवाई करते हुए आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता व महिला सदस्य अमरजीत कौर ने पीवीवीएनएल पर 2.97 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया। इनमें से 2.77 लाख रुपये पीड़ित किसान को बिजली कनेक्शन न मिलने से हुए आर्थिक और मानसिक नुकसान के और 20 हजार रुपये अनुचित व्यापार व्यवहार के आयोग के खाते में जमा कराने होंगे। 30 दिन में आदेश का पालन न करने पर भुगतान की तिथि तक नौ प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज देना होगा।
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यह था पूरा मामला
सिंभालका निवासी किसान गोपाल ने जुलाई 2011 में नलकूप के विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। 13125 रुपये जमा कराकर रसीद भी कटवा ली थी। उसे छह माह में कनेक्शन का आश्वासन दिया गया। चार साल तक भी उसे कनेक्शन नहीं दिया गया। मार्च 2016 में गोपाल अपने गांव में लगे विद्युत निगम के कैंप में पहुंचा और कनेक्शन के बारे में पूछा। जिस पर कर्मचारियों ने उस पर विद्युत बिल के 72 हजार रुपये बकाया बता दिए। गोपाल ने इस पर आपत्ति जताई। विद्युत निगम के अधिकारी उसके खेतों पर पहुंचे तो वहां कोई खंभा, लाइन और ट्रांसफार्मर नहीं था। इसके बाद गोपाल ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में पीवीवीएनएल, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता के खिलाफ परिवार दायर किया था। आयोग ने बिना मीटर बिलिंग हिस्ट्री के गोपाल को प्रेषित 273750 रुपये का मांग नोटिस भी निरस्त करने के आदेश दिए हैं।
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