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शासन का निर्देश नहीं, सरेंडर हो गए दो हजार राशन कार्ड
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शामली। जिले में पिछले दो माह से उपभोक्ताओं के राशन कार्ड वापस किए जाने की आपाधापी मची है। जिला प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक दो हजार उपभोक्ताओं ने राशन कार्ड वापस किए हैं। अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जिले में राशन कार्ड सरेंडर करने का आदेश नहीं है, लेकिन अपात्र उपभोक्ताओं से राशन कार्ड सरेंडर कराए जा रहे हैं।
जिले में कैराना, शामली, ऊन तहसील में पिछले दो माह से अपात्र लोगों द्वारा राशन कार्ड वापस किए गए हैं। जिला पूर्ति कार्यालय से बताया गया कि हर साल अपात्र राशन कार्ड धारकों का सत्यापन किया जाता है। इस बार भी अपात्र लोगों के राशन कार्ड सत्यापन किया जा रहा है। कार्यालय को अभी भी अपात्र लोगों की सूची प्राप्त नहीं हुई है। जिले में सिर्फ परिवार को सरकारी नौकरी, बड़ा कारोबार, एसी, भूमि के स्वामी जमींदार को अपात्र की श्रेणी वाला माना गया है।
आरओ का कार्य देखरेख रही पूर्ति निरीक्षक रजनी चौधरी का कहना है कि अपात्र लोगों के राशन कार्ड वापस किए जाने के प्रार्थनापत्र आए हैं। प्रार्थनापत्र पर औपचारिकता पूरी करने के बाद राशन कार्ड सरेंडर की प्रक्रिया पूरी होती है। एडीएम संतोष कुमार सिंह ने बताया कि बीपीएल एवं अंतोदय राशन कार्ड 22-25 साल पहले पात्र मानकर उपभोक्ताओं के बनाए गए थे। उस समय वह पात्र राशन कार्ड धारकों मेें थे। सालों बाद बहुत उपभोक्ता बीपीएल से एपीएल की श्रेणी में आ गए हैं। ऐसे अपात्र लोगों को राशन कार्ड सरेंडर करने का शासनादेश हैं। ऐसे अपात्र लोगों के राशन कार्ड सरेंडर किए जा रहे है। शासन से अपात्र लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश नहीं आया है। आदेश आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में कैराना, शामली, ऊन तहसील में पिछले दो माह से अपात्र लोगों द्वारा राशन कार्ड वापस किए गए हैं। जिला पूर्ति कार्यालय से बताया गया कि हर साल अपात्र राशन कार्ड धारकों का सत्यापन किया जाता है। इस बार भी अपात्र लोगों के राशन कार्ड सत्यापन किया जा रहा है। कार्यालय को अभी भी अपात्र लोगों की सूची प्राप्त नहीं हुई है। जिले में सिर्फ परिवार को सरकारी नौकरी, बड़ा कारोबार, एसी, भूमि के स्वामी जमींदार को अपात्र की श्रेणी वाला माना गया है।
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आरओ का कार्य देखरेख रही पूर्ति निरीक्षक रजनी चौधरी का कहना है कि अपात्र लोगों के राशन कार्ड वापस किए जाने के प्रार्थनापत्र आए हैं। प्रार्थनापत्र पर औपचारिकता पूरी करने के बाद राशन कार्ड सरेंडर की प्रक्रिया पूरी होती है। एडीएम संतोष कुमार सिंह ने बताया कि बीपीएल एवं अंतोदय राशन कार्ड 22-25 साल पहले पात्र मानकर उपभोक्ताओं के बनाए गए थे। उस समय वह पात्र राशन कार्ड धारकों मेें थे। सालों बाद बहुत उपभोक्ता बीपीएल से एपीएल की श्रेणी में आ गए हैं। ऐसे अपात्र लोगों को राशन कार्ड सरेंडर करने का शासनादेश हैं। ऐसे अपात्र लोगों के राशन कार्ड सरेंडर किए जा रहे है। शासन से अपात्र लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश नहीं आया है। आदेश आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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