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योजनाओं से वंचित नहीं रहेगा कोई पात्र
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Tue, 17 Jul 2018 12:38 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। वर्ष 2011 की जनगणना और आर्थिक आधार पर सर्वे के कारण योजनाओं का लाभ मिलने से वंचित रहने वालों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार ने वंचित पात्रों को लाभ पहुंचाने के लिए आठ महत्वपूर्ण योजनाओं के संबंध में नया सर्वेक्षण शुरू कराने के लिए निर्देश दिया है। उसकी गाइडलाइन सभी जिलों को भेज दी गई है।
अगस्त के प्रथम सप्ताह तक यह सर्वेक्षण पूरा किया जाना है। इस सिलसिले में सोमवार को जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कलक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक की। उन्होंने बताया कि पेंशन, राशन कार्ड, आवास योजना और आयुष्मान सहित आठ योजनाओं के लिए यह सर्वेक्षण होना है। चूंकि वर्ष 2011 की जनगणना और आर्थिक सर्वेक्षण से ही अब तक योजनाओं में पात्रों का चयन होता रहा है, जिस कारण पात्रों के छूटने और अपात्रों का चयन होने के आरोप लगते हैं। प्रदेश सरकार ने इसी उद्देश्य से सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया है, ताकि सभी पात्रों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
उन्होंने जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्वेक्षण कार्य गंभीरता से कराया जाए। ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत सचिव और अन्य कर्मियों को सर्वेक्षण में लगाया जाए, जबकि नगरीय क्षेत्र में नगर पालिका अथवा नगर पंचायत कर्मियों को सर्वेक्षण पूरा करने का लक्ष्य दिया जाए। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी रेणू तिवारी, परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, जिला पंचायत राज अधिकारी अरुण कुमार अत्री, जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर सुशील कुमार और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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सर्वेक्षण की कार्ययोजना : दो दिन के भीतर सर्वेक्षकों का चयन होगा। इसके बाद दो दिन में सर्वेक्षकों को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। उसके बाद 10 दिन तक सर्वेक्षण चलेगा, जिसमें आठ प्रमुख योजनाओं के पात्रों की सूची साथ में लेकर ग्राम और नगरीय क्षेत्र में सर्वे किया जाएगा, जो पात्र हैं और योजना का लाभ नहीं ले पाए हैं, उनके नाम, फोन नंबर, पता आदि का विवरण प्रतिदिन फीड किया जाएगा।
सर्वेक्षण पूरा होने के बाद छह दिन के भीतर डाटा संकलन करना होगा। फिर पांच दिन में सर्वेक्षण के आंकड़ों का सत्यापन और पुनरीक्षण करके सर्वेक्षित आंकड़ों का प्रकाशन किया जाएगा।
सर्वेक्षण के लिए समिति
सर्वेक्षण कराने के लिए प्रत्येक जिले में समिति होगी। समिति की अध्यक्षता जिलाधिकारी करेंगे. इनके अलावा सीडीओ, जिला विकास अधिकारी, सीएमओ, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, परियोजना निदेशक (डीआरडीए), परियोजना अधिकारी (डूडा) इस समिति में सदस्य होंगे।
इन योजनाओं के लिए होगा सर्वेक्षण
1. पति की मृत्यु के उपरांत निराश्रित महिलाओं को पेंशन वितरण
2. वृद्धावस्था/ किसान पेंशन
3. दिव्यांगजन पेंशन
4. अन्त्योदय राशन कार्ड
5. पात्र गृहस्थी राशन कार्ड
6. मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)
7. प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)
8. राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (आयुष्मान भारत)
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अगस्त के प्रथम सप्ताह तक यह सर्वेक्षण पूरा किया जाना है। इस सिलसिले में सोमवार को जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कलक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक की। उन्होंने बताया कि पेंशन, राशन कार्ड, आवास योजना और आयुष्मान सहित आठ योजनाओं के लिए यह सर्वेक्षण होना है। चूंकि वर्ष 2011 की जनगणना और आर्थिक सर्वेक्षण से ही अब तक योजनाओं में पात्रों का चयन होता रहा है, जिस कारण पात्रों के छूटने और अपात्रों का चयन होने के आरोप लगते हैं। प्रदेश सरकार ने इसी उद्देश्य से सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया है, ताकि सभी पात्रों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
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उन्होंने जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्वेक्षण कार्य गंभीरता से कराया जाए। ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत सचिव और अन्य कर्मियों को सर्वेक्षण में लगाया जाए, जबकि नगरीय क्षेत्र में नगर पालिका अथवा नगर पंचायत कर्मियों को सर्वेक्षण पूरा करने का लक्ष्य दिया जाए। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी रेणू तिवारी, परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, जिला पंचायत राज अधिकारी अरुण कुमार अत्री, जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर सुशील कुमार और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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सर्वेक्षण की कार्ययोजना : दो दिन के भीतर सर्वेक्षकों का चयन होगा। इसके बाद दो दिन में सर्वेक्षकों को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। उसके बाद 10 दिन तक सर्वेक्षण चलेगा, जिसमें आठ प्रमुख योजनाओं के पात्रों की सूची साथ में लेकर ग्राम और नगरीय क्षेत्र में सर्वे किया जाएगा, जो पात्र हैं और योजना का लाभ नहीं ले पाए हैं, उनके नाम, फोन नंबर, पता आदि का विवरण प्रतिदिन फीड किया जाएगा।
सर्वेक्षण पूरा होने के बाद छह दिन के भीतर डाटा संकलन करना होगा। फिर पांच दिन में सर्वेक्षण के आंकड़ों का सत्यापन और पुनरीक्षण करके सर्वेक्षित आंकड़ों का प्रकाशन किया जाएगा।
सर्वेक्षण के लिए समिति
सर्वेक्षण कराने के लिए प्रत्येक जिले में समिति होगी। समिति की अध्यक्षता जिलाधिकारी करेंगे. इनके अलावा सीडीओ, जिला विकास अधिकारी, सीएमओ, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, परियोजना निदेशक (डीआरडीए), परियोजना अधिकारी (डूडा) इस समिति में सदस्य होंगे।
इन योजनाओं के लिए होगा सर्वेक्षण
1. पति की मृत्यु के उपरांत निराश्रित महिलाओं को पेंशन वितरण
2. वृद्धावस्था/ किसान पेंशन
3. दिव्यांगजन पेंशन
4. अन्त्योदय राशन कार्ड
5. पात्र गृहस्थी राशन कार्ड
6. मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)
7. प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)
8. राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (आयुष्मान भारत)