फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   No application to get citizenship

जनपद में कानून लागू होने के बाद नागरिकता के लिए नहीं आया कोई आवेदन

Thu, 16 Jan 2020 11:42 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jan 2020 11:42 PM IST
विज्ञापन
No application to get citizenship
नागरिकता लेने के लिए नहीं आया कोई आवेदन
विज्ञापन

शामली/झिंझाना/कैराना। नागरिकता संशोधन कानून लागू होने के बाद देश में विरोध और समर्थन में संग्राम छिड़ा हुआ है। प्रदेश सरकार की तरफ से इस कानून के बारे में लोगों को सही जानकारी देकर जागरूक किया जा रहा है। इस कानून के लागू होने के बाद से जिले में अभी तक पुलिस-प्रशासन को भारत की नागरिकता के लिए कोई आवेदन नहीं मिला है। हालांकि इससे पहले भी जनपद में कई लोगों को भारत की नागरिकता मिल चुकी है। हालांकि उन्हें जटिल प्रक्रिया के चलते उन्हें नागरिकता पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। जनपद में करीब छह लोग अभी भी एलटी वीजा पर रह रहे हैं।
केस-एक
38 साल बाद नसीमा को मिली भारत की नागरिकता
झिंझाना क्षेत्र के गांव केरटू निवासी अख्तर का निकाह 1980 में पाकिस्तान के जंगशहर में नसीमा के साथ हुआ था। निकाह के बाद वह अपनी पत्नी को एलटी वीजा पर भारत पर लेकर आ गया था। पत्नी को भारत की नागरिकता दिलाने के लिए उसने आवेदन किया। इसी बीच 1983 में नसीमा को अपने मायके पाकिस्तान जाना पड़ा। वहीं पर उसने एक पुत्री प्रवीन अख्तर को जन्म दिया। इस बच्ची को पाक सरकार ने हिंदुस्तानी बताकर उसको नागरिकता देने से मना कर दिया। बेटी को लेकर हिंदुस्तान वापस आई, तो भारत सरकार ने बेटी का जन्म पाकिस्तान में होने पर उसे हिंदुस्तान की नागरिकता नहीं दी। अख्तर ने बताया कि काफी मशक्कत के बाद सितंबर 2018 में पत्नी नसीमा को भारत की नागरिकता मिल गई थी, लेकिन बेटी प्रवीन को अभी तक भारत की नागरिकता नहीं मिली। वह भारत में एलटी वीजा पर रह रही है। अख्तर ने बताया कि वह रोडवेज में चालक के पद पर हरिद्वार डिपो में नियुक्त है। पत्नी व बेटी को भारत की नागरिकता दिलाने के लिए जीवन भर की कमाई खर्च कर दी है। बेटी का निकाह सहारनपुर में हुए दस वर्ष से अधिक हो चुके हैं। उसकी बेटी को आज तक यहां की नागरिकता नहीं मिल सकी है। उसे उम्मीद है कि जल्दी ही उसकी बेटी को भी भारत की नागरिकता मिल जाएगी।
विज्ञापन

केस-दो
20 साल बाद अख्तरी को मिली नागरिकता
कैराना कस्बे के मोहल्ला पीपलोतला निवासी नियाज अहमद की करीब 40 साल पहले पाकिस्तान के जिला जंग निवासी अख्तरी से शादी हुई थी। इसके बाद वह कैराना अपनी ससुराल में आकर रहने लगी थी। वृद्ध अख्तरी ने बताया कि उसे करीब 20 साल पहले भागदौड़ करने के बाद भारत की नागरिकता मिल गई थी। उसने अपने बेटे अनीस का निकाह अपनी रिश्तेदारी से पाकिस्तान निवासी रजिया से करा दिया था। शादी के बाद रजिया एलटी वीजा पर उसके घर कैराना आकर रहने लगी थी। रजिया के दो बेटी अनीसा व अफसा तथा एक बेटा दानिश पैदा हुए थे। उसके बेटे अनीस ने कई बार अपनी पत्नी की नागरिकता के लिए आवेदन किए, लेकिन अभी तक नागरिकता नहीं मिली थी। हर बार एलटी वीजा की अवधि बढ़वानी पड़ती थी। उसके बेटे अनीस की चार साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद उसकी पुत्रवधू अपने पति की मौत होने और भारत की नागरिकता नहीं मिलने के कारण करीब सवा साल पहले तीनों बच्चों को साथ लेकर वापस पाकिस्तान अपने मायके चली गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस-तीन
18 साल की जद्दोजहद के बाद फातिमा को मिली नागरिकता
कस्बा कैराना के खुरगान रोड निवासी सब्जी मंडी आढ़ती मोहम्मद सलीम की पत्नी गुलाम फातिमा को 18 साल की जद्दोजहद के बाद नवंबर 2017 में भारत की नागरिकता मिली। पाकिस्तान के लाहौर निवासी गुलाम फातिमा की 1998 में सलीम से निकाह होने के एक साल बाद 1999 में कैराना आकर अपनी ससुराल में रहने लगी थी। कई बार लखनऊ और दिल्ली के चक्कर काटने के बाद 2017 में भारत की नागरिकता मिलने के बाद गुलाम फातिमा अपने परिवार के साथ खुश है। मोहम्मद सलीम ने बताया कि पाकिस्तान में निकाह के बाद वीजा और पासपोर्ट बनने में देरी के चलते उसकी पत्नी 1999 में कैराना आ गई थी। इसके बाद कई बार वीजा अवधि बढ़वाई गई। उन्होंने दिल्ली गृह मंत्रालय में नागरिकता के लिए आवेदन किया था। काफी मुश्किलों के बाद नवंबर 2017 में उसकी पत्नी को गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा भारत की नागरिकता दी गई। गुलाम फातिमा ने बताया कि उसके दो बेटी माहीन और सुमैया है। 2017 में नागरिकता मिलने के बाद वह पासपोर्ट और पाकिस्तानी वीजा बनवाकर अपने मायके पाकिस्तान भी मिलकर वापस आ गई। अब उसे किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है।

कोट
नागरिकता संशोधन कानून के लागू होने के बाद से जनपद में अभी किसी व्यक्ति का अभी तक भारत की नागरिकता के लिए कोई आवेदन नहीं मिला है। आने के बाद ही आगे की प्रक्रिया संभव है।
-अखिलेश सिंह, डीएम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed