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बूढ़ी हो गई आपातकालीन सेवा दे रही 9 एंबुलेंस

Thu, 19 May 2022 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 19 May 2022 11:54 PM IST
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Nine ambulances giving emergency service have become old
शामली। सरकार की तरफ से आपातकालीन सेवा के लिए 108 और 102 सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध हैं, लेकिन आपातकालीन सेवा देने वाली कई एंबुलेंस अपनी उम्र पार कर चुकी है। यानि मानक के अनुसार एंबुलेंस ढाई लाख किमी से ज्यादा चल चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इनके स्थान पर नई एंबुलेंस की मांग करीब छह माह पहले भेजी जा चुकी है, लेकिन अभी तक नई एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी है।
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सड़क दुर्घटनाओं और अन्य मामलों में गंभीर घायलों को तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 108 एंबुलेंस और गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और उनकी माताओं को घर से निकट के सरकारी अस्पताल में ले जाने के लिए 102 सरकारी एंबुलेंस सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। जिले में 108 की 11 और 102 की 15 एंबुलेंस हैं। मानक के अनुसार इन एंबुलेंस का मानक ढाई लाख किमी रखा गया है। ढाई लाख किमी चलने के बाद ओवर ऐज की श्रेणी में आ जाती है। ओवर ऐज श्रेणी में आने पर इनमें तकनीकी खराबी आने के कारण आपातकालीन सेवा बाधित होने की संभावना रहती है। जिले में इन सरकारी एंबुलेंस की स्थिति देखे तो पिछले करीब छह माह से 108 की पांच और 102 की चार गाड़ी ओवर ऐज चल रही हैं। ओवर ऐज हो चुकी एंबुलेंस तीन लाख किमी से ज्यादा चल चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शासन को नई एंबुलेंस की मांग भेजी जा चुकी है, लेकिन कई माह बीतने के बाद भी अभी तक नई गाड़ियां उपलब्ध नहीं हो सकी।
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मरम्मत के लिए दूसरे जिलों में जाती है एंबुलेंस
सरकारी एंबुलेंस की मरम्मत के लिए जिले में सरकार की तरफ से कोई अधिकृत सेंटर नहीं है। पुरानी ओवर ऐज हो चुकी एंबुलेंस में बार-बार खराबी आने के कारण मरम्मत कराने के लिए मुजफ्फरनगर या मेरठ ले जाना पड़ता है, जिसमें समय और खर्च ज्यादा लगता है। एंबुलेंस न होने से आपातकालीन सेवा भी बाधित होती है। एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी ललित मोहन जोशी का कहना है कि जिले में 26 एंबुलेंस के अतिरिक्त दो एंबुलेंस रिजर्व में बैकअप में रहती है। अगर कोई एंबुलेंस बीच रास्ते में खराब हो जाए या अन्य कोई परेशानी आती है तो तत्काल रिजर्व एंबुलेंस को भेजकर तत्काल सेवा उपलब्ध कराई जाती है।
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दुर्घटना होने पर नहीं पहुंच पाती समय पर
कोई हादसा होने पर 108 एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पाती हैं। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। बुधवार को ही झिंझाना क्षेत्र के जमालपुर में बाइक सवार दो युवक घायल हो गए थे। एंबुलेंस फोन करने के बाद भी नहीं पहुंची। जिसके बाद घायलों को टेंपो से अस्पताल पहुंचाया। इसके अलावा 4 अप्रैल को थानाभवन क्षेत्र के गोसगढ़ गांव मं एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंचने पर वृद्धा की मौत हो गई थी।

कोट-
ढाई लाख किमी से ज्यादा चलने वाली जो एंबुलेंस ओवर ऐज हो चुकी हैं, उनके बारे में शासन को अवगत कराते हुए मांग भेजी हुई है। शासन स्तर से सभी जिलों में नई एंबुलेंस भेजी जा रही है। जल्द ही शामली में भी नई एंबुलेंस उपलब्ध होने की उम्मीद है। - प्रबोध कुमार, मंडल प्रभारी एंबुलेंस सेवा।
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