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Shamli News: रैन बसेरे हैं खाली, फुटपाथ पर बेसहारों का डेरा

Mon, 18 Dec 2023 12:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Mon, 18 Dec 2023 12:54 AM IST
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Night shelters are empty, destitute camp on the footpath
शामली में  खाली पडा नगर पालिका का रैन बसेरा
शामली। नगरपालिका शामली में 25 बेड का अस्थायी रैन बसेरा तीन दिन पहले शुरू हो चुका है, लेकिन इसकी जानकारी किसी को नहीं है। बेसहारा लोग फुटपाथ पर ही सो रहे हैं, लेकिन उन्हें रेन बसेरे तक ले जाने वाला भी कोई नहीं। नगरपालिका की ओर से भी रेन बसेरे का कोई प्रचार प्रसार तक नहीं की गई।
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तीन दिन पहले नगरपालिका में 25 बेड का अस्थायी रैन बसेरा शुरू कर दिया गया है। तीन दिन से कोई जरूरतमंद या मुसाफिर रैन बसेरे में रात्रि विश्राम करने के लिए नहीं पहुंचा है। जिस कारण रैन बसेरा खाली पड़ा है। जबकि शहर के फुटपाथ बेसहारा लोगों से भरे हुए है। सर्द रात में यहां ये लोग रात बिता रहे हैं। शनिवार रात को टीम ने फुटपाथ पर सो रहे लोगों से बातचीत की तो अधिकतर ने यही कहा कि यहां न सोए तो कहां जाए। हमारा तो कोई ओर ठिकाना ही नहीं है।
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कहां है रेन बसेरा, नहीं पता
जिला मुजफ्फरनगर के थाना शाहपुर के गांव काकड़ा निवासी वेदपाल रेलवे रोड पर ट्रांसपोर्ट की दुकान के बाहर कंबल ओढ़कर लेटा हुआ था। उसने बताया कि वह यहां मंडी में मजदूरी करता है। काम करने के बाद रोज रात को इसी तरह सड़क किनारे फुटपाथ या किसी दुकान के बाहर सो जाता है। रैन बेसरे के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है।
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रेलवे रोड पर सो रहे 75 वर्षीय बुजुर्ग कालूराम ने बताया कि वह थानाभवन का रहने वाला है। उसके कोई घर बार नहीं है। वह इसी तरह खुले आसमान के नीचे रात गुजारता है। उसे तो पता नहीं रैन बेसरा क्या होता है। इस बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है।
गांव भभीसा निवासी रामपाल ने बताया कि वह ट्रेन से रात में शामली पहुंचा था। रात होने के कारण गांव में जाने का कोई साधन न होने के कारण पहले तो वह स्टेशन पर ही कंबल ओढ़कर लेट गया था, लेकिन वहां पुलिस वालों ने सोने से मना कर दिया। इसके बाद वह दुकान के बाहर सो रहा है। नगरपालिका के रैन बसेरे के बारे में उसे जानकारी नहीं है।
इसी तरह फारूक निवासी हसनपुर लुहारी भी फुटपाथ पर सोता हुआ मिला। वह मंडी में मजदूरी करता है। उसने भी रोज इसी तरह रात गुजारने की बात कही। रैन बसेरे के बारे में उसने जानकारी होने से मना कर दिया।

रैन बसेरा रात में ठहरने के लिए नहीं पहुंचा कोई व्यक्ति
झिंझाना। नगर पंचायत कार्यालय में रैन बसेरा बनाया गया है। रात में रैन बसेरा खुला हुआ था। वहां पर पर तीन पुरुष तथा दो महिलाओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है। अभी तक रैन बसेरे में कोई भी व्यक्ति नहीं ठहरा है। कस्बे के लोगों से जब रैन बसेरे के बारे में बात की तो उनका कहना है कि हमें तो रैन बसेरे के बारे में जानकारी ही नहीं है, कि रैन बसेरा कहां है और न ही नगर पंचायत द्वारा रैन बसेरे के लिए कोई फ्लेक्स बोर्ड या इश्तहार आदि कस्बे में नहीं लगाया गया है। कस्बे में नगर पंचायत की तरफ से कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं है। लोग अपने स्तर से अलाव जलाकर सर्दी दूर भगा रहे हैं।

शामली  में  खाली पडा  नगर पालिका का रैन  बसेरा

शामली में  खाली पडा नगर पालिका का रैन बसेरा

शामली  में  खाली पडा  नगर पालिका का रैन  बसेरा

शामली में  खाली पडा नगर पालिका का रैन बसेरा

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