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नई किताबें अभी नहीं आईं, पुरानी से करनी पड़ रही पढ़ाई

Tue, 10 May 2022 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 10 May 2022 12:09 AM IST
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New books have not arrived yet, have to study from old ones
शामली आदर्श प्राथमिक विद्यालय लांक में पुरानी किताबों से पढ़ाई करते बच्चे। - फोटो : SHAMLI
शामली। बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित विद्यालयों में नया शैक्षिक सत्र शुरू हुए करीब डेढ़ माह होने जा रहा है, लेकिन बच्चों को अभी भी पिछले साल की पुरानी पाठ्य पुस्तकों से जैसे तैसे शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। शासन स्तर से मिलने वाली नि:शुल्क नई पाठ्य पुस्तकों के लिए अभी बच्चों को इंतजार करना पड़ेगा। माना जा रहा है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद ही बच्चों को नई पाठ्य पुस्तकें मिल सकेगी।
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जिले में बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट 596 विद्यालय संचालित है। इन विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के लगभग 80 हजार बच्चे नामांकित है। विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को शासन की तरफ से नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती है। इन विद्यालयों में पिछले महीने एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन शासन से नई पाठ्य पुस्तकों के मिलने में देरी होने के कारण पिछले साल पढ़ने वाले बच्चों से पुरानी किताबें लेकर नई कक्षा में आए बच्चों को उपलब्ध कराई गई है। इस व्यवस्था के चलते विद्यालयों में बच्चों को सभी विषयों की पाठ्य पुस्तकें नहीं मिल पाई है। किसी न किसी विषय की पाठ्य पुस्तक की कमी है।
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विद्यालयों में शिक्षक बच्चों को पुरानी पाठ्य पुस्तकों से शिक्षण कार्य करा रहे हैं। ज्यादा समस्या छोटे बच्चों के सामने आ रही है। पिछले सत्र में पढ़ने वाले छोटे बच्चों की किताबें ज्यादा खराब स्थिति में है। ऐसी स्थिति में शिक्षण कार्य पूरी तरह पटरी पर नहीं आ रहा है। बताया गया है कि नई पाठ्य पुस्तकों का प्रकाशन अभी शुरू नहीं हुआ है। प्रकाशन होने के बाद पाठ्य पुस्तकें जिले में पहुंचेगी। फिर विद्यालयों को उपलब्ध कराई जाएगी और उसके बाद बच्चों को वितरण किया जाएगा। इस प्रक्रिया में लंबा समय लगेगा। माना जा रहा है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद बच्चों को नई पाठ्य पुस्तकें मिल पाएगी।
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आदर्श प्राथमिक विद्यालय नंबर एक लांक की प्रधानाध्यापिका सुवासिनी ने बताया कि विद्यालय में करीब 167 बच्चे नामांकित है। बच्चों को पिछले सत्र की पुरानी किताबों से शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। अभी नई किताबें नहीं आई है। प्राथमिक विद्यालय नंबर 13 रेलपार की प्रधानाध्यापिका रेणुका शर्मा ने बताया कि पुरानी किताबों से ही शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। नई किताबें उपलब्ध नहीं हुई है।

कोट :
विद्यालयों में पिछले सत्र की पाठ्य पुस्तकों से शिक्षण कार्य चल रहा है। अभी नई पाठ्य पुस्तकें नहीं आई है। बच्चों को बहुत जल्द नई पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएगी। - राहुल मिश्रा, बीएसए।
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