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Shamli News: नया शैक्षिक सत्र शुरू, परिषदीय विद्यालयों में नहीं पहुंची किताबें
Tue, 02 Apr 2024 01:45 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 02 Apr 2024 01:45 AM IST
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शामली। बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित परिषदीय विद्यालयों में सोमवार से नया सत्र 2024-25 शुरू हो गया। पहले दिन से नई किताबों के साथ पढ़ाई शुरू करने का विभाग ने दावा किया था, लेकिन किसी भी विद्यालय में विद्यार्थियों के हाथों में नई किताब नहीं मिली। जबकि जिले में 596 विद्यालयों के लिए लगभग छह लाख नई किताबें मिली है। यही नहीं स्कूलों में पीने के पानी की व्यवस्था भी बदहाल मिली। कमरों में भी धूल जमी थी। टीम ने लाइव किया तो विद्यार्थियों की उपस्थिति भी लगभग आधी रही। विद्यालयों में कई शिक्षक पहले ही दिन अवकाश पर मिले।
उच्च प्राथमिक विद्यालय झाल में 139 में 88 विद्यार्थी पहुंचे
उच्च प्राथमिक विद्यालय झाल में कक्षा एक से पांच तक 51 और कक्षा छह से आठ तक 88 विद्यार्थी यानि कुल 139 पंजीकृत हैं। पहले दिन कक्षा एक से पांच तक 33 व कक्षा छह से आठ तक 48 विद्यार्थी कुल 81 विद्यार्थी मौजूद मिले। विद्यालय के एक कमरे में धूल जमी थी और बेंच भी आड़ी तिरछी रखी थी। कुछ विद्यार्थियों के हाथ में पुरानी किताबें थी तो कुछ बिना किताब के थे। शिक्षकों ने बताया कि अभी विद्यालय में नई किताबें नहीं आई हैं।
प्राथमिक विद्यालय काबड़ौत : अवकाश पर रहे तीन शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय काबड़ौत कंपोजिट में सोमवार को कुल सात शिक्षक व छह शिक्षिकाओं में में छह शिक्षक और चार शिक्षिका मौजूद मिली। विद्यार्थियों की संख्या भी कम रही। विद्यालय में पानी की टोंटी खराब और हैंडपंप खराब पड़ा था। बच्चों को पीने के पानी की समस्या हुई। प्रधानाध्यापक ने बताया कि जल्द ही हैंडपंप व टंकियों को ठीक कराया जाएगा। विद्यालय में नहीं किताबें नहीं पहुंची है, जिस कारण बच्चों को पुरानी किताबों से पढ़ाया गया।
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सिंभालका में पुरानी किताबों से ही बच्चों को पढ़ाया
कंपोजिट विद्यालय सिंभालका में नियुक्त 16 शिक्षक और चार शिक्षा मित्र में 13 शिक्षक और तीन शिक्षा मित्र मौजूद मिले। विद्यालय में 128 विद्यार्थी उपस्थित रहे। शिक्षकों ने बताया कि नई किताबें अभी विद्यालय में नहीं पहुंची है। कुछ बच्चे पुरानी किताबें लाए थे, उनसे ही काम चलाया गया।
नई मिली नहीं, पुरानी किताबों से चलाया काम
प्राथमिक विद्यालय नंबर 15 गुलशन नगर में प्रधानाध्यापक नीरज गोयल ने बताया विद्यालय में कुल 44 विद्यार्थी पंजीकृत है, जिनमें पहले दिन 33 विद्यार्थी आए। उन्होंने बताया कि नई किताबें अभी नहीं आई है। पिछले साल की पुरानी किताबों से बच्चों को पढ़ाया गया है।
उच्च प्राथमिक विद्यालय माजरा रोड, पांच में रखी नई किताबें
शहर के माजरा रोड स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में 10 कमरे हैं। वहां का हाल देखा तो पांच कमरों में शासन से पहुंची नई किताबें रखी हुई मिली। एक कमरे में यहां पर संबद्ध किया गया प्राथमिक विद्यालय नंबर 13 रेलपार के करीब 23 बच्चे उपस्थित मिले जबकि पंजीकरण करीब 55 विद्यार्थियों का है। प्रधानाध्यापिका रेणुका ने बताया रेलपार में विद्यालय का पुननिर्माण चलने की वजह से विद्यालय को अस्थायी तौर पर यहां चलाया जा रहा है। उन्हें दो कमरे मिले थे, लेकिन जब से नई किताबें आई है, तब से एक कमरा रह गया है। कुछ बच्चों को बाहर बैठाकर पढ़ाया जाता है।
बरामदे में चल रही कक्षाएं
उच्च प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका बेबी रानी ने बताया चार कमरों में से दो कमरों में कायाकल्प योजना के तहत निर्माण कार्य चल रहा है। बाकी बचे दो कमरों में आठ कक्षाएं चलाई जा रही है। दो तीन कक्षाएं बरामदे में चलाई जाती थी, लेकिन अब बरामदे में ईंट का रोड़ा डाले जाने से वहां विद्यार्थियों को नहीं बैठाया गया। पहले दिन पंजीकृत 152 में 62 विद्यार्थी आए। विद्यालय में आठ कक्षाओं के लिए उनके अलावा एक सहायक अध्यापक ही नियुक्त है। नई किताबें अभी नहीं आई है।
शासन स्तर से नई किताबें जिले को प्राप्त हो गई है। नई किताबों को सभी बीआरसी पर भेजा जा रहा है। एक दो दिन में सभी विद्यालयों में नई किताबें उपलब्ध हो जाएगी। सफाई और अन्य समस्याओं को भी दूर कराया जाएगा।
- कोमल, बीएसए शामली
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उच्च प्राथमिक विद्यालय झाल में 139 में 88 विद्यार्थी पहुंचे
उच्च प्राथमिक विद्यालय झाल में कक्षा एक से पांच तक 51 और कक्षा छह से आठ तक 88 विद्यार्थी यानि कुल 139 पंजीकृत हैं। पहले दिन कक्षा एक से पांच तक 33 व कक्षा छह से आठ तक 48 विद्यार्थी कुल 81 विद्यार्थी मौजूद मिले। विद्यालय के एक कमरे में धूल जमी थी और बेंच भी आड़ी तिरछी रखी थी। कुछ विद्यार्थियों के हाथ में पुरानी किताबें थी तो कुछ बिना किताब के थे। शिक्षकों ने बताया कि अभी विद्यालय में नई किताबें नहीं आई हैं।
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प्राथमिक विद्यालय काबड़ौत : अवकाश पर रहे तीन शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय काबड़ौत कंपोजिट में सोमवार को कुल सात शिक्षक व छह शिक्षिकाओं में में छह शिक्षक और चार शिक्षिका मौजूद मिली। विद्यार्थियों की संख्या भी कम रही। विद्यालय में पानी की टोंटी खराब और हैंडपंप खराब पड़ा था। बच्चों को पीने के पानी की समस्या हुई। प्रधानाध्यापक ने बताया कि जल्द ही हैंडपंप व टंकियों को ठीक कराया जाएगा। विद्यालय में नहीं किताबें नहीं पहुंची है, जिस कारण बच्चों को पुरानी किताबों से पढ़ाया गया।
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सिंभालका में पुरानी किताबों से ही बच्चों को पढ़ाया
कंपोजिट विद्यालय सिंभालका में नियुक्त 16 शिक्षक और चार शिक्षा मित्र में 13 शिक्षक और तीन शिक्षा मित्र मौजूद मिले। विद्यालय में 128 विद्यार्थी उपस्थित रहे। शिक्षकों ने बताया कि नई किताबें अभी विद्यालय में नहीं पहुंची है। कुछ बच्चे पुरानी किताबें लाए थे, उनसे ही काम चलाया गया।
नई मिली नहीं, पुरानी किताबों से चलाया काम
प्राथमिक विद्यालय नंबर 15 गुलशन नगर में प्रधानाध्यापक नीरज गोयल ने बताया विद्यालय में कुल 44 विद्यार्थी पंजीकृत है, जिनमें पहले दिन 33 विद्यार्थी आए। उन्होंने बताया कि नई किताबें अभी नहीं आई है। पिछले साल की पुरानी किताबों से बच्चों को पढ़ाया गया है।
उच्च प्राथमिक विद्यालय माजरा रोड, पांच में रखी नई किताबें
शहर के माजरा रोड स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में 10 कमरे हैं। वहां का हाल देखा तो पांच कमरों में शासन से पहुंची नई किताबें रखी हुई मिली। एक कमरे में यहां पर संबद्ध किया गया प्राथमिक विद्यालय नंबर 13 रेलपार के करीब 23 बच्चे उपस्थित मिले जबकि पंजीकरण करीब 55 विद्यार्थियों का है। प्रधानाध्यापिका रेणुका ने बताया रेलपार में विद्यालय का पुननिर्माण चलने की वजह से विद्यालय को अस्थायी तौर पर यहां चलाया जा रहा है। उन्हें दो कमरे मिले थे, लेकिन जब से नई किताबें आई है, तब से एक कमरा रह गया है। कुछ बच्चों को बाहर बैठाकर पढ़ाया जाता है।
बरामदे में चल रही कक्षाएं
उच्च प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका बेबी रानी ने बताया चार कमरों में से दो कमरों में कायाकल्प योजना के तहत निर्माण कार्य चल रहा है। बाकी बचे दो कमरों में आठ कक्षाएं चलाई जा रही है। दो तीन कक्षाएं बरामदे में चलाई जाती थी, लेकिन अब बरामदे में ईंट का रोड़ा डाले जाने से वहां विद्यार्थियों को नहीं बैठाया गया। पहले दिन पंजीकृत 152 में 62 विद्यार्थी आए। विद्यालय में आठ कक्षाओं के लिए उनके अलावा एक सहायक अध्यापक ही नियुक्त है। नई किताबें अभी नहीं आई है।
शासन स्तर से नई किताबें जिले को प्राप्त हो गई है। नई किताबों को सभी बीआरसी पर भेजा जा रहा है। एक दो दिन में सभी विद्यालयों में नई किताबें उपलब्ध हो जाएगी। सफाई और अन्य समस्याओं को भी दूर कराया जाएगा।
- कोमल, बीएसए शामली