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Shamli News: नेशनल किक बॉक्सिंग की खिलाड़ी ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर दी जान
Wed, 13 Sep 2023 12:40 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 13 Sep 2023 12:40 AM IST
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झिंझाना नेशनल खिलाड़ी पायल का फाइल फोटो।
झिंझाना (शामली)। कस्बे में नेशनल किक बॉक्सिंग की खिलाड़ी ने बहन से हुए मनमुटाव में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। हरियाणा के करनाल में उपचार के दौरान खिलाड़ी की मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
कस्बे के सम्राट रोड स्थित सतपाल की पौत्री पायल (17) पुत्री लोकेश कुमार किक बॉक्सिंग की खिलाड़ी थी। उसने नेशनल स्तर पर खेलकर कई पदक जीते थे। परिजनों के अनुसार सोमवार की देर शाम पायल का अपनी बहन के साथ किसी बात को लेकर मनमुटाव हो गया। जिससे आहत होकर पायल ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन निजी चिकित्सक के यहां ले गए, लेकिन चिकित्सक द्वारा पायल को हायर सेंटर रेफर कर दिया। जिसके बाद परिजनों ने हरियाणा के करनाल अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर मंगलवार को उपचार के चलते पायल ने दम तोड़ दिया। जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया। थाना प्रभारी वीरेंद्र कसाना ने बताया सोमवार की शाम को पायल के जहरीले पदार्थ के सेवन की सूचना मिली थी जिसको परिजनों द्वारा करनाल में भर्ती कराया था। जहां मंगलवार की सुबह पायल की मौत हो गई। जिसका पंचनामा भरकर करनाल में ही पोस्टमार्टम किया गया है।
बहन-भाइयों को भी खेलने के प्रति करती थी प्रेरित
झिंझाना। किक बाॅक्सिंग की नेशनल खिलाड़ी पायल की मौत से परिवार वालों का बुरा हाल है। बाबा सतपाल सिंह ने रोते हुए बताया मेरी होनहार बेटी हमें छोड़कर चली गई। सतपाल ने बताया किक बॉक्सिंग में प्रदेश से लेकर नेशनल तक खेली है जिसमें मेडल जीत रखे हैं। बहुत सपने देख रखे थे पायल ने। अपने छोटे-भाई बहनों को भी खेलने के लिए प्रेरित करती थी पायल।
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रिक्शा चलाकर परिवार का पालन पोषण करता है परिवार
किक बॉक्सिंग की नेशनल खिलाड़ी पायल का परिवार एक गरीब परिवार है। पायल के बाबा सतपाल ने कस्बे में रिक्शा चलाकर जहां अपने परिवार का पालन पोषण किया है वहीं पायल के पिता लोकेश कुमार भी रेहड़ा चलाकर बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। पायल पांच भाई बहन हैं जिसमें पायल अपने पिता की सबसे बड़ी बेटी थी। जिसके बाद काजल, वंशिका ओर आदित्य व मयंक दो भाई हैं।
चाचा एयरफोर्स में हैं तैनात
किक बॉक्सिंग की नेशनल खिलाड़ी पायल के चाचा एयर फोर्स में है। पायल का आर्मी में जाने का सपना था। पायल अपने चचेरे भाई रितिक एवं विकास को भी साथ लेकर खेल रही थी। जिसमे दोनों भाई अपनी बहन के साथ मेहनत कर रहे थे, लेकिन अचानक परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा।
काॅलेज का भी नाम किया रोशन
किक बॉक्सिंग की खिलाड़ी पायल ने कक्षा छह तक की पढ़ाई राष्ट्रीय शिक्षा सदन कन्या जूनियर हाईस्कूल से की थी। जिसके बाद पायल ने नवीं क्लास में राष्ट्रीय शिक्षा सदन इंटर काॅलेज में दाखिला लिया था। पायल अब दसवीं की छात्रा थी। पायल की मौत की सूचना पर स्कूल में भी शोक की लहर दौड़ गई। सभी ने कहा कि पायल ने कॉलेज का नाम भी रोशन किया था।
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कस्बे के सम्राट रोड स्थित सतपाल की पौत्री पायल (17) पुत्री लोकेश कुमार किक बॉक्सिंग की खिलाड़ी थी। उसने नेशनल स्तर पर खेलकर कई पदक जीते थे। परिजनों के अनुसार सोमवार की देर शाम पायल का अपनी बहन के साथ किसी बात को लेकर मनमुटाव हो गया। जिससे आहत होकर पायल ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन निजी चिकित्सक के यहां ले गए, लेकिन चिकित्सक द्वारा पायल को हायर सेंटर रेफर कर दिया। जिसके बाद परिजनों ने हरियाणा के करनाल अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर मंगलवार को उपचार के चलते पायल ने दम तोड़ दिया। जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया। थाना प्रभारी वीरेंद्र कसाना ने बताया सोमवार की शाम को पायल के जहरीले पदार्थ के सेवन की सूचना मिली थी जिसको परिजनों द्वारा करनाल में भर्ती कराया था। जहां मंगलवार की सुबह पायल की मौत हो गई। जिसका पंचनामा भरकर करनाल में ही पोस्टमार्टम किया गया है।
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बहन-भाइयों को भी खेलने के प्रति करती थी प्रेरित
झिंझाना। किक बाॅक्सिंग की नेशनल खिलाड़ी पायल की मौत से परिवार वालों का बुरा हाल है। बाबा सतपाल सिंह ने रोते हुए बताया मेरी होनहार बेटी हमें छोड़कर चली गई। सतपाल ने बताया किक बॉक्सिंग में प्रदेश से लेकर नेशनल तक खेली है जिसमें मेडल जीत रखे हैं। बहुत सपने देख रखे थे पायल ने। अपने छोटे-भाई बहनों को भी खेलने के लिए प्रेरित करती थी पायल।
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रिक्शा चलाकर परिवार का पालन पोषण करता है परिवार
किक बॉक्सिंग की नेशनल खिलाड़ी पायल का परिवार एक गरीब परिवार है। पायल के बाबा सतपाल ने कस्बे में रिक्शा चलाकर जहां अपने परिवार का पालन पोषण किया है वहीं पायल के पिता लोकेश कुमार भी रेहड़ा चलाकर बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। पायल पांच भाई बहन हैं जिसमें पायल अपने पिता की सबसे बड़ी बेटी थी। जिसके बाद काजल, वंशिका ओर आदित्य व मयंक दो भाई हैं।
चाचा एयरफोर्स में हैं तैनात
किक बॉक्सिंग की नेशनल खिलाड़ी पायल के चाचा एयर फोर्स में है। पायल का आर्मी में जाने का सपना था। पायल अपने चचेरे भाई रितिक एवं विकास को भी साथ लेकर खेल रही थी। जिसमे दोनों भाई अपनी बहन के साथ मेहनत कर रहे थे, लेकिन अचानक परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा।
काॅलेज का भी नाम किया रोशन
किक बॉक्सिंग की खिलाड़ी पायल ने कक्षा छह तक की पढ़ाई राष्ट्रीय शिक्षा सदन कन्या जूनियर हाईस्कूल से की थी। जिसके बाद पायल ने नवीं क्लास में राष्ट्रीय शिक्षा सदन इंटर काॅलेज में दाखिला लिया था। पायल अब दसवीं की छात्रा थी। पायल की मौत की सूचना पर स्कूल में भी शोक की लहर दौड़ गई। सभी ने कहा कि पायल ने कॉलेज का नाम भी रोशन किया था।

झिंझाना नेशनल खिलाड़ी पायल का फाइल फोटो।

झिंझाना नेशनल खिलाड़ी पायल का फाइल फोटो।