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नंदिनी ने छू लिया आसमान

Tue, 29 May 2018 11:52 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली Updated Tue, 29 May 2018 11:52 PM IST
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Nandini touches the sky
मार्शगंज मंडी में सीबीएसई 10वीं की नेशनल मेरिट मे प्रथम स्थान पाने पर छात्रा नंदिनी परिवार के साथ। - फोटो : अमर उजाला
बेहतर भविष्य बनाने के लिए बाल्यावस्था में शिक्षा की नींव मजबूत हो तो कामयाबी की इमारत खुद बुलंद होती है। बच्चे में पढ़ाई के प्रति लगन हो तो कामयाबी स्वयं कदम चूमने लगती है। कुछ ऐसा ही करिश्मा कर दिखाया है शामली की होनहार बेटी नंदिनी गर्ग ने, जो सीबीएसई 10 वीं की परीक्षा में इंडिया टॉपर बनी हैं। नंदिनी की इस कामयाबी से न केवल उसके परिवार और विद्यालय का मान बढ़ा है, बल्कि जिले का नाम भी देशभर में रोशन हुआ है।
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शामली के स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा नंदिनी गर्ग ने 499 अंक प्राप्त करके सीबीएसई की नेशनल मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। शांत स्वभाव की धनी नंदिनी गर्ग का परिवार शामली के मोहल्ला मार्शगंज मंडी में रहता है। नंदिनी शुरुआत से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रही। क्लासरूम में पढ़ाई हो या फिर परीक्षा के दौरान तैयारी करनी हो, हमेशा अपना ध्यान पढ़ाई पर ही केंद्रित रखा। नंदिनी की प्रधानाचार्या आशु त्यागी बताती हैं कि क्लासरूम में नंदिनी ज्यादा बातें नहीं करती थी और क्लास में उसके ज्यादा दोस्त भी नहीं रहे। सिर्फ दो या तीन छात्राओं से उसकी दोस्ती रही। उनके साथ अधिकांश वक्त पढ़ाई पर ही चर्चा करती थी। इसके अलावा जिज्ञासु प्रवृत्ति ने भी नंदिनी को कामयाबी की तरफ अग्रसर किया। क्योंकि क्लासरूम में पढ़ाई करते समय वह विषय से आधारित प्रश्न पूछने में कभी हिचकती नहीं थी। यही वजह है कि नंदिनी ने कभी ट्यूशन भी नहीं लगाया।
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-- हर बार कक्षा में प्रथम आई नंदिनी अभी तक की पढ़ाई में नंदिनी हर बार अव्वल रही। प्रधानाचार्या ने बताया कि शुरुआती पढ़ाई से अब तक नंदिनी कभी दूसरे नंबर पर नहीं रही। उसका यही प्रयास रहता था कि क्लास में प्रथम स्थान प्राप्त करना है, उसी को लक्ष्य बनाकर नंदिनी पढ़ाई करती थी। उसके पिता राजीव गर्ग और चाचा रितेश गर्ग ने बताया कि नंदिनी ने कभी ट्यूशन नहीं लगवाया। क्लासरूम में पूरी मेहनत और गंभीरता से पढ़ने के साथ ही अध्यापकों ने भी सराहनीय सहयोग किया, जिससे नंदिनी ने कामयाबी का शिखर छू लिया।
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- पारिवारिक पृष्ठभूमि से भी मिली प्रेरणा नंदिनी को उसकी पारिवारिक पृष्ठभूमि से भी आगे बढ़ने के लिए खूब प्रेरणा मिली। नंदिनी के पिता राजीव गर्ग बीई (बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग इन मेकेनिकल) की पढ़ाई करने के बाद गुरुग्राम स्थित सोना कोयो स्टेयरिंग प्राइवेट लिमिटेड में नौकरी कर चुके हैं। बाद में उनके परिवार ने शामली में स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल की स्थापना की, तो राजीव गर्ग और उनके भाई रितेश गर्ग साझा रूप से स्कूल संचालन में ही जुट गए। राजीव और रितेश स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर हैं। वहीं, नंदिनी की मां शालू गर्ग आर्किटेक्ट की पढ़ाई कर चुकी हैं, लेकिन फिलहाल वह गृहिणी हैं। चाचा रितेश गर्ग भी एमबीए हैं, तो दादा राजकुमार गर्ग के भाई विजय कुमार गर्ग यूपी पुलिस में आईजी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। शैक्षणिक कार्य से जुड़े पारिवारिक परिवेश में नंदिनी को पढ़ाई की प्रेरणा मिलती रही।
मेरी बेटी मेरी शान : राजीव गर्ग नंदिनी गर्ग के पिता राजीव गर्ग का कहना है कि जैसे ही पता चला कि नंदिनी ने परीक्षा परिणाम में नेशनल मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। ऐसा लगता है जैसे आज मैं आसमान में उड़ रहा हूं। क्योंकि नंदिनी ने जो कामयाबी हासिल की है, उससे होने वाली खुशी को इजहार करने के लिए शब्दों का अभाव है। मेरी बिटिया ने आज मेरा मस्तक गर्व से ऊंचा कर दिया। ईश्वर से ऐसी कामना है कि हर व्यक्ति के परिवार में ऐसी बिटिया पैदा हो, जो अपने परिवार के साथ ही जिले और देश का नाम रोशन कर सके। वहीं, नंदिनी गर्ग की मां शालू गर्ग भी बिटिया की कामयाबी पर हर्षित हैं। उन्होंने कहा कि मुझे अपनी बेटी की सफलता पर गर्व है। - आईएएस बनकर करूंगी देश की सेवा - नंदिनी इंडिया टॉपर बनी नंदिनी गर्ग का सपना आईएएस बनकर देश की सेवा करना है। नंदिनी का कहना है कि अभी तो वह शामली में स्कॉटिश इंटरनेशल स्कूल से ही 12 वीं तक की पढ़ाई करेंगी। उसके बाद इंजीनियरिंग करके सिविल सर्विसेज के लिए तैयारी में जुट जाना है। एक सवाल के जवाब में नंदिनी ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के जरिये राष्ट्रहित में कार्य करने के लिए अच्छा प्लेटफार्म मिलता है। यदि इच्छा शक्ति है, तो व्यवस्था में व्याप्त खामियों ठीक किया जा सकता है और समाज को नई दिशा दी जा सकती है, जिससे देश का भला हो सके।
होनहारों से सज रही शामली की धरा शामली की धरती से समय समय पर ऐसे होनहार सामने आते रहे हैं, जिन्होंने देश और दुनिया में शामली का नाम रोशन किया है। मंगलवार को सीबीएसई के रिजल्ट में नंदिनी गर्ग ने जहां देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, तो वर्ष 2015 में शामली के ही बीएसएम पब्लिक स्कूल के छात्र योगराज सिरोही ने सीबीएसई 12 वीं की परीक्षा में देहरादून रीजन में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इन दिनों योगराज आईआईटी खड़गपुर से बीटेक कर रहा है। वहीं, बीएसएम स्कूल की छात्रा मानवी चौधरी का चयन जापान में हुई विज्ञान प्रदर्शनी में हुआ था। इसके अलावा भी कई ऐसे बच्चे रहे हैं, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में शामली का नाम रोशन किया है।
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