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Shamli News: दो साल बाद परिजनों से मिले तो भर आईं आंखें
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अपना घर आश्रम में परिजनों के साथ मुकेश कुमार। स्रोत आश्रम
शामली। अपना घर आश्रम में रह रहे मुकेश कुमार दो साल बाद अपने परिजनों से मिलकर भावुक हो गए। परिजन उन्हें अपने साथ ले गए।
शहर के अपना घर आश्रम में 17 जून 2024 को झिंझाना के एक व्यक्ति को लावारिस हालत में लाया गया था। उस समय वे अपना नाम भी नहीं बता पा रहे थे। डॉक्टर अरुण रॉय के परामर्श से इलाज के दौरान उनकी मानसिक स्थिति में सुधार हुआ।
कुछ दिन पहले आश्रम ने उनके बारे में पूछताछ की तो उसने अपना नाम मुकेश कुमार अवध बिहारी लेन, नीलकंठ चौक ब्रह्मपुरा मुजफ्फरपुर बिहार बताया। नेट पर खोजने के बाद वहां के थाने का नंबर प्राप्त हुआ और उन्हें पूरी जानकारी दी। इसके बाद परिजनों से संपर्क हुआ। मुकेश की मां और चाची से बात फोन पर बात कराई गई।
मुकेश के भाई प्रकाश कुमार ने बताया कि वह दो साल पहले घर से बिना बताए निकल गए थे और तलाश करने पर भी नहीं मिले थे। प्रकाश कुमार अपने भाई को लेने अपना घर आश्रम शामली पहुंचे। भाई को सकुशल पाकर भावुक हो गए। इसके बाद आश्रम की समस्य दस्तावेजी कार्रवाई पूरी कर वे अपने भाई को घर ले गए।भ
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शहर के अपना घर आश्रम में 17 जून 2024 को झिंझाना के एक व्यक्ति को लावारिस हालत में लाया गया था। उस समय वे अपना नाम भी नहीं बता पा रहे थे। डॉक्टर अरुण रॉय के परामर्श से इलाज के दौरान उनकी मानसिक स्थिति में सुधार हुआ।
कुछ दिन पहले आश्रम ने उनके बारे में पूछताछ की तो उसने अपना नाम मुकेश कुमार अवध बिहारी लेन, नीलकंठ चौक ब्रह्मपुरा मुजफ्फरपुर बिहार बताया। नेट पर खोजने के बाद वहां के थाने का नंबर प्राप्त हुआ और उन्हें पूरी जानकारी दी। इसके बाद परिजनों से संपर्क हुआ। मुकेश की मां और चाची से बात फोन पर बात कराई गई।
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मुकेश के भाई प्रकाश कुमार ने बताया कि वह दो साल पहले घर से बिना बताए निकल गए थे और तलाश करने पर भी नहीं मिले थे। प्रकाश कुमार अपने भाई को लेने अपना घर आश्रम शामली पहुंचे। भाई को सकुशल पाकर भावुक हो गए। इसके बाद आश्रम की समस्य दस्तावेजी कार्रवाई पूरी कर वे अपने भाई को घर ले गए।भ
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