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शूटिंग में मुजफ्फरनगर और शामली के खिलाड़ी सबसे आगे
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शामली। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान और गोल्डन रायफल क्लब के सौजन्य से चल रहे ओपन निशानेबाजी प्रतियोगिता के दूसरे दिन पुरुषों में बिजनौर, मुजफ्फरनगर और शामली के खिलाड़ियों का दबदबा रहा। जबकि महिला वर्ग में हरियाणा के सोनीपत और गाजियाबाद की खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
शहर के सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कालेज के सभागार में बनाई गई शूटिंग रेंज में चल रही ओपन निशानेबाजी प्रतियोगिता के दूसरे दिन हरियाणा के सोनीपत, गाजियाबाद, बिजनौर के चांदपुर, बागपत बड़ौत, मुजफ्फरनगर, शामली जिले की विभिन्न शूटिंग रेंज से जुड़े खिलाड़ियों ने निशाने साधे। सुबह से ही खिलाड़ी अपने कोच के साथ पहुंचने शुरू हो गए थे। आयु वर्ग के हिसाब से खिलाड़ियों की कई केटेगिरी बनाई गई थी। गोल्डन रायफल क्लब की एमडी और नेशनल शूटर रिचा मलिक के अनुसार दूसरे दिन बिजनौर जिले के अंशुल डबास ने रायफल में 400 में से 386, शामली के शिवालिक ने 400 में से 383 ,मुजफ्फरनगर के देवांश ने 379 अंक बनाए। पिस्टल में मुजफ्फरनगर जिले के अर्जुन ने 600 में से 576 अंक हासिल किए। विजय राठी को 600 में से 545 अंक मिले। 10 मीटर एयर पिस्टल में हरियाणा के सोनीपत जिले की निकिता दलाल ने 400 में से 360 ,एयर पिस्टल में महिला चौधरी 600 में से 513, मुस्कान ने 400 में से 331, एयर पिस्टल में बड़ौत से आई अफसरा ने 600 में से 551, बागपत की प्रियंका ने 368 अंक हासिल किए।
गाजियाबाद की खिलाड़ी रितु ने एयर पिस्टल में 348 अंक हासिल किए। सोनीपत की राशि ने 400 में से 343 अंक लेकर अच्छा प्रदर्शन किया। ऑफिशियल टीम में मनीष बालियान, अजय तोमर, विशाल कुमार, आकाश आदि रहे। प्रतियोगिता में यातायात प्रभारी भंवर सिंह, समाजसेवी वीना अग्रवाल, अंजली विश्वकर्मा, मानसी, भारती, अफसरा और डिंपल आदि का सहयोग रहा। सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कालेज के प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार ने प्रतियोगिता में बेटियों की भागीदारी को अच्छा संकेत बताया। निशानेबाज रिचा मलिक के अनुसार प्रतियोगिता में कई शूटिंग रेंज से काफी अधिक महिला खिलाड़ी भी यहां पहुंच रही हैं। सब जूनियर, जूनियर, सीनियर सभी वर्गो में बड़ी संख्या में शूटिंग कोच अपने यहां की लड़कियों को प्रतियोगिता में खिलाने पहुंच रहे हैं जो एक अच्छा संकेत है।
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पढ़ाई के साथ निशानेबाजी भी सीख रहीं बेटियां
निशानेबाजी को अपना करियर बनाना चाहती हैं, परिजन भी कर रहे सहयोग
शामली। प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंची हरियाणा के सोनीपत जिले की कई जूनियर महिला खिलाड़ी पढ़ाई के साथ निशानेबाजी भी सीख रही हैं। ये निशानेबाजी को ही कॅरियर के रुप में देखकर आगे बढ़ना चाहती हैं।
मुरादाबाद की रहने वाली कन्नू ने बताया कि अब वह सोनीपत में पढ़ती हूं। वहीं पर शूटिंग भी सीख रही है। उसे उम्मीद है कि वो इसमें आगे बढे़गी। उसकी इच्छा इसे अपना करियर बनाने की है। सोनीपत की सोम्या ने बताया कि वो मोती लाल नेहरू स्पोर्ट्स सराय में ट्रेनिंग ले रही है। कक्षा सात में पढ़ती है। अभी उसकी शुरूआत है, लेकिन उसे शूटिंग से इतना लगाव है कि उसे उम्मीद है कि वो एक दिन नेशनल लेवल पर मेडल लाएगी। कक्षा 7 कक्षा नौ की मानवी ने बताया कि मुझे शूटिंग से बेहद लगाव है। मम्मी पापा से शूटिंग सीखने की इच्छा जताई तो उन्हें पूरा सहयोग किया। तुरंत उसे शूटिंग एकेडमी में ज्वाइन करा दिया। वो पढ़ाई के साथ शूटिंग पर भी पूरा ध्यान दे रही है। सोनीपत की ही रितिका और अस्मिता भी कहती हैं कि उन्हें बचपन से ही शूटिंग का शोक था। मम्मी पापा से बात की तो उन्होंने सोनीपत में शूटिंग एकेडमी में एडमिशन कराया लेकिन पढ़ाई पर भी ध्यान देने की शर्त रखी। आज वे पढ़ाई और शूटिंग दोनों पर ध्यान दे रही हैं। एक दूसरे में दोनों को आडेे़ नहीं आते देते। पापा मम्मी भी बाहर शूटिंग प्रतियोगिता में भाग लेने कोच और अन्य दोस्तों के साथ भेजते हैं। परिजनों का पूरा सपोर्ट उन्हें है।
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शहर के सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कालेज के सभागार में बनाई गई शूटिंग रेंज में चल रही ओपन निशानेबाजी प्रतियोगिता के दूसरे दिन हरियाणा के सोनीपत, गाजियाबाद, बिजनौर के चांदपुर, बागपत बड़ौत, मुजफ्फरनगर, शामली जिले की विभिन्न शूटिंग रेंज से जुड़े खिलाड़ियों ने निशाने साधे। सुबह से ही खिलाड़ी अपने कोच के साथ पहुंचने शुरू हो गए थे। आयु वर्ग के हिसाब से खिलाड़ियों की कई केटेगिरी बनाई गई थी। गोल्डन रायफल क्लब की एमडी और नेशनल शूटर रिचा मलिक के अनुसार दूसरे दिन बिजनौर जिले के अंशुल डबास ने रायफल में 400 में से 386, शामली के शिवालिक ने 400 में से 383 ,मुजफ्फरनगर के देवांश ने 379 अंक बनाए। पिस्टल में मुजफ्फरनगर जिले के अर्जुन ने 600 में से 576 अंक हासिल किए। विजय राठी को 600 में से 545 अंक मिले। 10 मीटर एयर पिस्टल में हरियाणा के सोनीपत जिले की निकिता दलाल ने 400 में से 360 ,एयर पिस्टल में महिला चौधरी 600 में से 513, मुस्कान ने 400 में से 331, एयर पिस्टल में बड़ौत से आई अफसरा ने 600 में से 551, बागपत की प्रियंका ने 368 अंक हासिल किए।
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गाजियाबाद की खिलाड़ी रितु ने एयर पिस्टल में 348 अंक हासिल किए। सोनीपत की राशि ने 400 में से 343 अंक लेकर अच्छा प्रदर्शन किया। ऑफिशियल टीम में मनीष बालियान, अजय तोमर, विशाल कुमार, आकाश आदि रहे। प्रतियोगिता में यातायात प्रभारी भंवर सिंह, समाजसेवी वीना अग्रवाल, अंजली विश्वकर्मा, मानसी, भारती, अफसरा और डिंपल आदि का सहयोग रहा। सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कालेज के प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार ने प्रतियोगिता में बेटियों की भागीदारी को अच्छा संकेत बताया। निशानेबाज रिचा मलिक के अनुसार प्रतियोगिता में कई शूटिंग रेंज से काफी अधिक महिला खिलाड़ी भी यहां पहुंच रही हैं। सब जूनियर, जूनियर, सीनियर सभी वर्गो में बड़ी संख्या में शूटिंग कोच अपने यहां की लड़कियों को प्रतियोगिता में खिलाने पहुंच रहे हैं जो एक अच्छा संकेत है।
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पढ़ाई के साथ निशानेबाजी भी सीख रहीं बेटियां
निशानेबाजी को अपना करियर बनाना चाहती हैं, परिजन भी कर रहे सहयोग
शामली। प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंची हरियाणा के सोनीपत जिले की कई जूनियर महिला खिलाड़ी पढ़ाई के साथ निशानेबाजी भी सीख रही हैं। ये निशानेबाजी को ही कॅरियर के रुप में देखकर आगे बढ़ना चाहती हैं।
मुरादाबाद की रहने वाली कन्नू ने बताया कि अब वह सोनीपत में पढ़ती हूं। वहीं पर शूटिंग भी सीख रही है। उसे उम्मीद है कि वो इसमें आगे बढे़गी। उसकी इच्छा इसे अपना करियर बनाने की है। सोनीपत की सोम्या ने बताया कि वो मोती लाल नेहरू स्पोर्ट्स सराय में ट्रेनिंग ले रही है। कक्षा सात में पढ़ती है। अभी उसकी शुरूआत है, लेकिन उसे शूटिंग से इतना लगाव है कि उसे उम्मीद है कि वो एक दिन नेशनल लेवल पर मेडल लाएगी। कक्षा 7 कक्षा नौ की मानवी ने बताया कि मुझे शूटिंग से बेहद लगाव है। मम्मी पापा से शूटिंग सीखने की इच्छा जताई तो उन्हें पूरा सहयोग किया। तुरंत उसे शूटिंग एकेडमी में ज्वाइन करा दिया। वो पढ़ाई के साथ शूटिंग पर भी पूरा ध्यान दे रही है। सोनीपत की ही रितिका और अस्मिता भी कहती हैं कि उन्हें बचपन से ही शूटिंग का शोक था। मम्मी पापा से बात की तो उन्होंने सोनीपत में शूटिंग एकेडमी में एडमिशन कराया लेकिन पढ़ाई पर भी ध्यान देने की शर्त रखी। आज वे पढ़ाई और शूटिंग दोनों पर ध्यान दे रही हैं। एक दूसरे में दोनों को आडेे़ नहीं आते देते। पापा मम्मी भी बाहर शूटिंग प्रतियोगिता में भाग लेने कोच और अन्य दोस्तों के साथ भेजते हैं। परिजनों का पूरा सपोर्ट उन्हें है।