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Shamli News: मुकीम काला गिरोह के शूटर को आजीवन कारावास
Fri, 14 Feb 2025 12:40 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 14 Feb 2025 12:40 AM IST
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शामली, कैराना। कैराना पलायन के सूत्रधार और मुकीम गिरोह के शार्प शूटर डॉक्टर इसरार निवासी इस्सोपुर खुरगान को 10 साल पहले हुई हत्या के मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश ऋतु नागर ने वीडियो कांफ्रेंस से सुनवाई करते हुए दोष सिद्ध पाए जाने पर आजीवन कारावास और 27 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायाधीश ने जिले में पहली बार किसी दोषी को वीडियो कांफ्रेेंस के जरिये सजा सुनाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सतेंद्र धीरयान ने बताया कि 12 नवंबर 2014 की शाम करीब चार बजे गैंगस्टर मुकीम काला, डॉण् इसरार और महताब काना ने अपने गिरोह के साथियों के साथ गांव खुरगान के जूनियर हाईस्कूल में तालिब की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। मृतक के भाई फुरकान ने मुकीम गिरोह के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। तालिब के भाई जुल्फान उर्फ काला की भी 19 जून 2011 को मुकीम गिरोह ने हत्या कर दी थी जिसमें तालिब पैरवी कर रहा था। मुकीम काला की चित्रकूट जेल में हत्या कर दी गई थी।
वहीं, डॉक्टर इसरार 24 अप्रैल 2016 को कैराना कोर्ट में पेशी के दौरान करनाल पुलिस की कस्टडी से फरार हो गया था, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था। डॉ. इसरार 24 अगस्त 2014 को रंगदारी नहीं देने पर ममेरे भाइयों शिवकुमार उर्फ शंकर और राजेंद्र उर्फ राजू की हत्या में भी शामिल था। इसके बाद कैराना से पलायन शुरू हो गया था। डॉ. इसरार पर गैंगस्टर का मुकदमा भी दर्ज है। तालिब की हत्या में डॉक्टर इसरार की पत्रावली अलग कर दी गई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए।
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बृहस्पतिवार शाम करीब 7 बजे दोनों पक्षों की दलील सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश ऋतु नगर ने मुजरिम डॉक्टर इसरार को हत्या का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि जनपद में पहली बार मुजरिम को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए सजा सुनाई गई। वर्तमान में मुजरिम डॉक्टर इसरार बागपत जेल में बंद हैं। बागपत से ही उसकी ऑनलाइन पेशी कराई गई।
एसपी रामसेवक गौतम ने बताया कि पैरोकार हेडकांस्टेबल अश्वनी आैर जिला शासकीय अधिवक्ता को पैरवी के लिए सम्मनित किया जाएगा।
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जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सतेंद्र धीरयान ने बताया कि 12 नवंबर 2014 की शाम करीब चार बजे गैंगस्टर मुकीम काला, डॉण् इसरार और महताब काना ने अपने गिरोह के साथियों के साथ गांव खुरगान के जूनियर हाईस्कूल में तालिब की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। मृतक के भाई फुरकान ने मुकीम गिरोह के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। तालिब के भाई जुल्फान उर्फ काला की भी 19 जून 2011 को मुकीम गिरोह ने हत्या कर दी थी जिसमें तालिब पैरवी कर रहा था। मुकीम काला की चित्रकूट जेल में हत्या कर दी गई थी।
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वहीं, डॉक्टर इसरार 24 अप्रैल 2016 को कैराना कोर्ट में पेशी के दौरान करनाल पुलिस की कस्टडी से फरार हो गया था, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था। डॉ. इसरार 24 अगस्त 2014 को रंगदारी नहीं देने पर ममेरे भाइयों शिवकुमार उर्फ शंकर और राजेंद्र उर्फ राजू की हत्या में भी शामिल था। इसके बाद कैराना से पलायन शुरू हो गया था। डॉ. इसरार पर गैंगस्टर का मुकदमा भी दर्ज है। तालिब की हत्या में डॉक्टर इसरार की पत्रावली अलग कर दी गई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए।
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बृहस्पतिवार शाम करीब 7 बजे दोनों पक्षों की दलील सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश ऋतु नगर ने मुजरिम डॉक्टर इसरार को हत्या का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि जनपद में पहली बार मुजरिम को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए सजा सुनाई गई। वर्तमान में मुजरिम डॉक्टर इसरार बागपत जेल में बंद हैं। बागपत से ही उसकी ऑनलाइन पेशी कराई गई।
एसपी रामसेवक गौतम ने बताया कि पैरोकार हेडकांस्टेबल अश्वनी आैर जिला शासकीय अधिवक्ता को पैरवी के लिए सम्मनित किया जाएगा।