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अफसरों से जाना दंगा पीड़ितों का हाल

Sat, 19 Sep 2015 12:27 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, शामली
ब्यूरो/ अमर उजाला, शामली Updated Sat, 19 Sep 2015 12:27 AM IST
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Most of the victims of the riot officers go
शामली। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक महिला आयोग की सदस्य ने शुक्रवार को शामली पहुंचकर दंगा पीड़ितों के बारे में जानकारी ली। दर्ज हुए केसों में कार्रवाई से लेकर पीड़ितों की समस्या पर लंबी चर्चा की।
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2013 में मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक दंगा भड़कने के बाद शामली के आसपास गांवों में भी बवाल हुआ था। दंगे में काफी लोग बेघर हुए थे, जिनके पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार से लेकर केंद्र की योजनाओं से काम कराया गया। इसी सिलसिले में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक महिला आयोग की सदस्य डॉक्टर फातिमा अब्दुल्ला खां शुक्रवार अपराह्न करीब साढ़े चार बजे शामली कलक्ट्रेट पहुंचीं।
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वहां पर अपर जिलाधिकारी भरत पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी वीके सिंह, एएसपी वीके मिश्रा और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से वार्ता की। दंगे के दौरान दर्ज हुए केसों के बारे में एएसपी से जानकारी ली। एएसपी ने बताया कि 29 केस दर्ज हुए थे, सभी में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी गई है।
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साथ ही दंगा पीड़ितों के पुनर्वास और उनको दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में एडीएम तथा सीडीओ से बातचीत की। फातिमा अब्दुल्ला खां ने बताया कि शामली जिले में पुलिस कार्रवाई हुई है, लेकिन दो साल बीतने पर भी मुजफ्फरनगर में गैंगरेप सहित कई मामलों में ढील बरती जा रही है। दंगा पीड़ितों की सभी समस्याएं भी हल नहीं हो पाई हैं। करीब आधा घंटे की बातचीत के बाद वह कैराना के रास्ते दिल्ली लौट गईं।
 
दंगा पीड़ितों के लिए भेजा प्रस्ताव
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी एसएन रावत के मुताबिक दंगा पीड़ितों की कांधला और कैराना स्थित कॉलोनियों में सीसी रोड बनवाने, हैंडपंप लगवाने, अतिरिक्त कक्षाओं का निर्माण, शौचालय तथा स्कूलों में शौचालय बनवाने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा गया है। प्रस्ताव में करीब एक करोड़ 95 हजार रुपये का खर्च बताया गया है।

वहीं, सीडीओ वीके सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन की तरफ से दंगा पीड़ित परिवारों के 18 बच्चों का आईटीआई में, 12 बच्चों का पालीटेक्निक में दाखिला कराया गया है। 10 हैंडपंप लगवाए गए हैं। साथ ही राशन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र भी बनवाए गए हैं।


बिजली पानी की समस्या बताई
दंगे के दौरान हसनपुर लिसाड़ के लोग कांधला के मलकपुर रोड पर जाकर रहने लगे थे। यहां रहने वाले मोहम्मद हनीफ और यामीन ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक महिला आयोग की सदस्या से मुलाकात कर बिजली, पेयजल और अन्य समस्याओं से अवगत कराया।
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