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बारिश से आलू, गेहूं, सरसों को अधिक नुकसान
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शामली तेज हवा से गिरी गेहूं की फसल।
- फोटो : SHAMLI
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बारिश से आलू, गेहूं, सरसों को अधिक नुकसान
जलालाबाद। क्षेत्र में शुक्रवार रात तेज हवा के साथ बारिश होने से सरसों, गेहूं और आलू की फसलों को ज्यादा नुकसान हुआ है। आलू की फसल पहले ही बारिश के कारण करीब 40% खराब हो गई थी। अब इस बेमौसम बारिश से फसल में पानी रुक जाने से भारी नुकसान हो गया। किसान चौधरी असलम, चौधरी नरेंद्र नागल, राजेश मुखिया, प्रदीप ठाकुर आदि का कहना है कि फसलों के तैयार करने में काफी खर्च होता है। बेमौसम बारिश व तेज हवाओं से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र में हजारों बीघा कृषि भूमि पर आलू, सरसों, गेहूं, गन्ना की फसल है, जो बेमौसम बारिश व तेज हवा चलने से गिर गई। किसानों का लागत मूल्य निकलना भी मुश्किल हो जाएगा।
फसलों का सेटेलाइट से सर्वे कराने की मांग
शामली। किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक का कहना है कि सबसे ज्यादा नुकसान सरसों की फसल को है। पिछले वर्ष तेल के भाव बढ़ने की वजह से इस बार जिले के किसानों ने सरसों की बुवाई अधिक की है। ओलावृष्टि का सबसे अधिक नुकसान सरसों की फसल में है। ओले से सब्जी के किसानों को भी नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल में नुकसान कम है। ओलावृष्टि होने की वजह से गन्ने की पत्ती फट जाती है। जिससे कि पशुओं के लिए चारे की कमी हो जाती है। बारिश और ओला वृष्टि से किसानों की फसलों को नुकसान की भरपाई के लिए सरकार सेटेलाइट से सर्वे का मुआवजा देने का काम करे। रालोद नेता राजन जावला ने भी प्रशासन से फसल का सर्वे करा मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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जलालाबाद। क्षेत्र में शुक्रवार रात तेज हवा के साथ बारिश होने से सरसों, गेहूं और आलू की फसलों को ज्यादा नुकसान हुआ है। आलू की फसल पहले ही बारिश के कारण करीब 40% खराब हो गई थी। अब इस बेमौसम बारिश से फसल में पानी रुक जाने से भारी नुकसान हो गया। किसान चौधरी असलम, चौधरी नरेंद्र नागल, राजेश मुखिया, प्रदीप ठाकुर आदि का कहना है कि फसलों के तैयार करने में काफी खर्च होता है। बेमौसम बारिश व तेज हवाओं से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र में हजारों बीघा कृषि भूमि पर आलू, सरसों, गेहूं, गन्ना की फसल है, जो बेमौसम बारिश व तेज हवा चलने से गिर गई। किसानों का लागत मूल्य निकलना भी मुश्किल हो जाएगा।
फसलों का सेटेलाइट से सर्वे कराने की मांग
शामली। किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक का कहना है कि सबसे ज्यादा नुकसान सरसों की फसल को है। पिछले वर्ष तेल के भाव बढ़ने की वजह से इस बार जिले के किसानों ने सरसों की बुवाई अधिक की है। ओलावृष्टि का सबसे अधिक नुकसान सरसों की फसल में है। ओले से सब्जी के किसानों को भी नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल में नुकसान कम है। ओलावृष्टि होने की वजह से गन्ने की पत्ती फट जाती है। जिससे कि पशुओं के लिए चारे की कमी हो जाती है। बारिश और ओला वृष्टि से किसानों की फसलों को नुकसान की भरपाई के लिए सरकार सेटेलाइट से सर्वे का मुआवजा देने का काम करे। रालोद नेता राजन जावला ने भी प्रशासन से फसल का सर्वे करा मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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