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मम्मी पापा ही बेटियों के सबसे पक्के मित्र
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आनलाइन वर्कशाप में शामिल छात्राऐ
- फोटो : SHAMLI
शामली। बढ़ती उम्र में जनरेशन गैप होता है। परिजनों से बात करने, कहने में कुछ झिझक स्वभाविक है, लेकिन झिझकें नहीं। मम्मी पापा ही आपके सबसे पक्के मित्र है जो अपने सुख दुख में हमेशा साथ देंगे। इसलिए अपनी समस्या, मन की बात खुलकर परिजनों से शेयर करें। अमर उजाला फाउंडेशन और भारतीय जैन संगठना के स्मार्ट गर्ल्स कार्यशाला के दूसरे दिन छात्र-छात्राओं ने जैन संगठना की एक्सपर्ट से रुबरु होकर अपने मन की बात कही।
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मम्मी पापा से हर बात शेयर करो
कांधला के आल्दी गांव की माफिया सैफी, चरण सिंह कालोनी की सृृष्टि के सवाल पर भारतीय जैन संगठना की एक्सपर्ट डॉ. मृदुला जैन ने समझाया कि बात करते हुए स्वर, आवाज का उतार-चढ़ाव, चेहरे के भाव, इशारे इन्हीं सब चीजों का ध्यान रखने की आवश्यकता है। जैसे-जैसे हम बड़े हो रहे हैं संवाद की सहजता में बदलाव आता है । उसी के साथ पेरेंट्स और बच्चों में एक जनरेशन गैप नजर आने लगा है। बेटियों को अपने पेरेंट्स पर सबसे ज्यादा भरोसा होना चाहिए। अपनी एक एक बात उनसे शेयर करनी चाहिए । इससे ही जनरेशन गैप की दूरियां कम होंगी और एक दूसरे के प्रति विश्वास जगेगा।
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दूसरे की बात ध्यान से सुनो, फिर जवाब दो
शामली की नेहा जैन और इशिका जैन से रुबरु होते हुए उनकी जिज्ञासा पर एक्सपर्ट ने कहा कि सामने वाला जो बता रहा है उसे पहले ध्यान से सुनना चाहिए। इसके बाद सोच समझकर ही उचित ढंग से उसका जवाब देना चाहिए। यह भी बताया कि अपनी गलती महसूस होने पर तुरंत क्षमा मांग लेनी चाहिए। अपनी संवाद से किसी को दुख ना पहुंचे इस बात का बेहद ध्यान रखें। यदि किसी ने आपके लिए अच्छा किया है तो उसकी खुले मन से प्रशंसा करें। पिछले सहयोग को याद रखें और कृतज्ञता व्यक्त करने का स्वभाव बनाएं।
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वर्कशॉप में शामिल छात्राओं ने दिए फीड बैक
दिव्या जिंदल, मानसी जैन, रिद्धि , लवदी जैन (झुमरी तलैया) ने बताया कि उन्हें वर्कशॉप के बाद खुद को जानने पहचानने का पता चला। हमें बहुत अच्छा लगा पहले दिन वर्कशॉप करने के बाद और उन्होंने खुद को पहचाना। समय के साथ बदलाव और कई जानकारियां मिली।
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माता-पिता आपके सबसे पक्के मित्र
भारतीय जैन संगठना की एक्सपर्ट मृदुला जैन ने कहा कि अगर पेरेंट्स आपके दोस्त हैं और आपके पैरेंट्स आप पर विश्वास करते हैं तो आप दुनिया में कोई भी जंग जीत सकती है। अपने पेरेंट्स को सबसे अच्छा दोस्त बनाएं। वह आपके ढाल बनकर पूरी जिंदगी आपके साथ रहेंगे और किसी की हिम्मत नहीं होगी कि वह आप पर उंगली उठा सके। जब तक आपके पैरेंट्स आपके साथ हैं आप पर विश्वास करते हैं। आप हमेशा अपने आप को सक्षम महसूस करेंगे।
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बेटियों को सशक्त बना रहा अपराजिता अभियान : मनोज जैन
वर्कशॉप के दूसरे दिन मुख्य अतिथि आगरा के मनोज कुमार जैन ने स्मार्ट गर्ल ऑनलाइन वर्कशॉप का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि भारतीय जैन संगठन यह नहीं कहता सिर्फ महिला महिला ही दोस्त हो सकती है। उन्होंने समझाया कोई भी किसी का दोस्त बन सकता है लेकिन हमें उसमें पता होना चाहिए कौन हमारे लिए सही है और कौन हमारे लिए गलत। उसमें चाहे महिला हो या पुरुष. दोनों दोस्त डेंजरस हो सकते हैं। हमें पहचान होनी चाहिए। अमर उजाला का अपराजिता अभियान बेटियों को सशक्त करने की दिशा में अच्छा और सार्थक प्रयास है।
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मम्मी पापा से हर बात शेयर करो
कांधला के आल्दी गांव की माफिया सैफी, चरण सिंह कालोनी की सृृष्टि के सवाल पर भारतीय जैन संगठना की एक्सपर्ट डॉ. मृदुला जैन ने समझाया कि बात करते हुए स्वर, आवाज का उतार-चढ़ाव, चेहरे के भाव, इशारे इन्हीं सब चीजों का ध्यान रखने की आवश्यकता है। जैसे-जैसे हम बड़े हो रहे हैं संवाद की सहजता में बदलाव आता है । उसी के साथ पेरेंट्स और बच्चों में एक जनरेशन गैप नजर आने लगा है। बेटियों को अपने पेरेंट्स पर सबसे ज्यादा भरोसा होना चाहिए। अपनी एक एक बात उनसे शेयर करनी चाहिए । इससे ही जनरेशन गैप की दूरियां कम होंगी और एक दूसरे के प्रति विश्वास जगेगा।
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दूसरे की बात ध्यान से सुनो, फिर जवाब दो
शामली की नेहा जैन और इशिका जैन से रुबरु होते हुए उनकी जिज्ञासा पर एक्सपर्ट ने कहा कि सामने वाला जो बता रहा है उसे पहले ध्यान से सुनना चाहिए। इसके बाद सोच समझकर ही उचित ढंग से उसका जवाब देना चाहिए। यह भी बताया कि अपनी गलती महसूस होने पर तुरंत क्षमा मांग लेनी चाहिए। अपनी संवाद से किसी को दुख ना पहुंचे इस बात का बेहद ध्यान रखें। यदि किसी ने आपके लिए अच्छा किया है तो उसकी खुले मन से प्रशंसा करें। पिछले सहयोग को याद रखें और कृतज्ञता व्यक्त करने का स्वभाव बनाएं।
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वर्कशॉप में शामिल छात्राओं ने दिए फीड बैक
दिव्या जिंदल, मानसी जैन, रिद्धि , लवदी जैन (झुमरी तलैया) ने बताया कि उन्हें वर्कशॉप के बाद खुद को जानने पहचानने का पता चला। हमें बहुत अच्छा लगा पहले दिन वर्कशॉप करने के बाद और उन्होंने खुद को पहचाना। समय के साथ बदलाव और कई जानकारियां मिली।
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माता-पिता आपके सबसे पक्के मित्र
भारतीय जैन संगठना की एक्सपर्ट मृदुला जैन ने कहा कि अगर पेरेंट्स आपके दोस्त हैं और आपके पैरेंट्स आप पर विश्वास करते हैं तो आप दुनिया में कोई भी जंग जीत सकती है। अपने पेरेंट्स को सबसे अच्छा दोस्त बनाएं। वह आपके ढाल बनकर पूरी जिंदगी आपके साथ रहेंगे और किसी की हिम्मत नहीं होगी कि वह आप पर उंगली उठा सके। जब तक आपके पैरेंट्स आपके साथ हैं आप पर विश्वास करते हैं। आप हमेशा अपने आप को सक्षम महसूस करेंगे।
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बेटियों को सशक्त बना रहा अपराजिता अभियान : मनोज जैन
वर्कशॉप के दूसरे दिन मुख्य अतिथि आगरा के मनोज कुमार जैन ने स्मार्ट गर्ल ऑनलाइन वर्कशॉप का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि भारतीय जैन संगठन यह नहीं कहता सिर्फ महिला महिला ही दोस्त हो सकती है। उन्होंने समझाया कोई भी किसी का दोस्त बन सकता है लेकिन हमें उसमें पता होना चाहिए कौन हमारे लिए सही है और कौन हमारे लिए गलत। उसमें चाहे महिला हो या पुरुष. दोनों दोस्त डेंजरस हो सकते हैं। हमें पहचान होनी चाहिए। अमर उजाला का अपराजिता अभियान बेटियों को सशक्त करने की दिशा में अच्छा और सार्थक प्रयास है।

अमर उजाला फाउंडेशन और भारतीय जैन संघटना की स्मार्ट गर्ल वर्कशाप में युवतियो से रूबरू होती ट्रेन?- फोटो : SHAMLI

शामली भैंसा बुग्गी पर बैठकर कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देने के लिए जाते रालोद कार्यकर्ता- फोटो : SHAMLI