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Shamli News: मोबाइल फोन और लैपटॉप की स्क्रीन से धीमी हुई पलक झपकने की रफ्तार

Tue, 08 Sep 2026 01:33 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Tue, 08 Sep 2026 01:33 AM IST
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Mobile phone and laptop screens slow down blinking speed
जिला अस्पताल में ओपीडी में मरीजों की आंखों की जांच करते नेत्र परीक्षण अ​धिकारी। संवाद
शामली। मोबाइल फोन और लैपटॉप की स्क्रीन पर लगातार काम करना या देखना आंखों को नुकसान पहुंचा रहा है। लोगों में खासतौर पर युवाओं में पलक झपकने की रफ्तार धीमी हुई है, जिससे डिजिटल आई स्ट्रेन की समस्या बन रही है। जिला अस्पताल में इस तरह के आंखों के मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सक लोगों को स्क्रीन पर काम करते समय बीच-बीच में आंखों को आराम देने की सलाह दे रहे हैं।
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जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार अखौरी ने बताया कि ओपीडी में डिजिटल आई स्ट्रेन की समस्या वाले पांच से आठ मरीज रोजाना सामने आ रहे हैं। इनमें ज्यादातर मरीज 22 से 40 वर्ष की आयु के बीच होते हैं। सभी मरीजों की हिस्ट्री भी लगभग एक जैसी होती है। लगातार मोबाइल फोन, लैपटॉप या टैबलेट की स्क्रीन के सामने कई घंटे तक बैठे रहने से आंखों में खुजली, धुंधलापन, सिर में भारीपन आदि समस्या बन रही है।
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उन्होंने बताया कि डिजिटल आई स्ट्रेन से बचाव के लिए 20-20-20 का नियम यानी हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए कम से कम 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखना सबसे प्रभावी माना जाता है। इससे आंखों की मांसपेशियों को आराम मिलता है और पलक झपकाने की प्रक्रिया भी सामान्य बनी रहती है।
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पलक झपकाना आंखों का सुरक्षा कवच नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज अखौरी का कहना है कि पलक झपकाना सिर्फ सामान्य प्रक्रिया नहीं है बल्कि यह आंखों का प्राकृतिक सुरक्षा कवच है। हर बार पलक झपकाने से आंसू की महीन परत पूरी आंख में फैलती, जो आंखों में नमी के साथ साफ व सुरक्षित करती है। स्क्रीन के सामने लगातार बैठने या काम करने से पलकें कम झपकती है, जो यह प्रक्रिया धीमी पड़ने से आंखों की सतह जल्दी सूखने लगती है, जो डिजिटल आई स्ट्रेन का कारण बनती है।
इस तरह के आ रहे आंखों के मरीज
केस एक : प्रतियोगी परीक्षा की ऑनलाइन तैयारी कर रहे 19 वर्षीय राहुल ने बताया कि वह रोज करीब 10 घंटे स्क्रीन पर पढ़ाई करते हैं। उन्हें आंखों में भारीपन व जलन की समस्या बन रही है।

केस दो : 30 वर्षीय सरवेज ने बताया कि वह आईटी कंपनी में काम करते हैं। लगातार स्क्रीन पर काम करने से उन्हें आंखों से धुंधलापन दिखाई देता है। चिकित्सक ने आंखों को बीच-बीच में आराम देने की सलाह दी है।
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