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मिल अधिकारियोें ने जाना बच्चों का हाल
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sat, 14 Oct 2017 12:25 AM IST
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Gas leakage case
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। तीन दिन बाद शुगर मिल अधिकारियों में जागृति आई और सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल पहुंचकर बीमार बच्चों के प्रति संवेदना जताई। शुक्रवार सुबह करीब दस बजे सर शादीलाल शुगर मिल के महाप्रबंधक (केन) डॉक्टर कुलदीप पिलानिया, अतिरिक्त महाप्रबंधक (केन) नरेश कुमार, उपमहाप्रबंधक (केन) करणपाल सिंह और सीनियर मैनेजर दीपक राणा सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल पहुंचे।
प्रधानाचार्य उमेश कुमार और रविंद्र सिंह से मुलाकात कर मिल अधिकारियों ने कहा कि बच्चों के बीमार होने का मामला गंभीर है। बच्चों के प्रति उनकी संवेदना है।
बच्चों के बीमार होने का सही कारण पता लगना चाहिए। उधर, राष्ट्रीय डिस्टलरी श्रमिक संघ के मंत्री प्रदीप कुमार के नेतृत्व में शामली डिस्टलरी एंड केमिकल वर्क्स के कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम से मुलाकात की। सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल और बालिका इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं के बीमार होने में शुगर मिल और बायोगैस प्लांट का कोई संबंध नहीं है। क्योंकि शुगर मिल कॉलोनी में काफी लोग लंबे समय से रहते हैं तथा बायोगैस प्लांट के पास भी कॉलोनियां तथा एक अन्य स्कूल है। वहां के लोगों को कभी गैस का प्रभाव नहीं हुआ।
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सीएमओ ने मेरठ जाकर बच्चों की हालत देखी
शामली। गैस रिसाव के कारण बीमार होने पर मेरठ रेफर किए गए बच्चों का हाल जानने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी राजकुमार सिंह मेरठ मेडिकल पहुंचे। सीएमओ का कहना है कि उपचार के बाद बच्चों की हालत में पहले से सुधार है।
गौरतलब है कि गैस रिसाव से प्रभावित 11 बच्चों को बृहस्पतिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामली में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने ठीक उपचार न मिलने और समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध न होने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था, जिसके चलते नौ बच्चों को मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था।
बृहस्पतिवार रात सीएमओ डॉक्टर राजकुमार और एसीएमओ डॉक्टर सुशील कुमार मेरठ मेडिकल कॉलेज में पहुंचे और बच्चों व उनके परिजनों से बातचीत की। सीएमओ ने बताया कि मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती सभी बच्चों की हालत ठीक है। वहां फिजीशियन और अन्य डाक्टर भी हैं। इसके अलावा वहां तमाम सुविधाएं मौजूद हैं। जल्द ही बच्चों की हालत सामान्य हो जाएगी और सभी को शामली लाया जाएगा। ब्यूरो
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प्रधानाचार्य उमेश कुमार और रविंद्र सिंह से मुलाकात कर मिल अधिकारियों ने कहा कि बच्चों के बीमार होने का मामला गंभीर है। बच्चों के प्रति उनकी संवेदना है।
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बच्चों के बीमार होने का सही कारण पता लगना चाहिए। उधर, राष्ट्रीय डिस्टलरी श्रमिक संघ के मंत्री प्रदीप कुमार के नेतृत्व में शामली डिस्टलरी एंड केमिकल वर्क्स के कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम से मुलाकात की। सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल और बालिका इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं के बीमार होने में शुगर मिल और बायोगैस प्लांट का कोई संबंध नहीं है। क्योंकि शुगर मिल कॉलोनी में काफी लोग लंबे समय से रहते हैं तथा बायोगैस प्लांट के पास भी कॉलोनियां तथा एक अन्य स्कूल है। वहां के लोगों को कभी गैस का प्रभाव नहीं हुआ।
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सीएमओ ने मेरठ जाकर बच्चों की हालत देखी
शामली। गैस रिसाव के कारण बीमार होने पर मेरठ रेफर किए गए बच्चों का हाल जानने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी राजकुमार सिंह मेरठ मेडिकल पहुंचे। सीएमओ का कहना है कि उपचार के बाद बच्चों की हालत में पहले से सुधार है।
गौरतलब है कि गैस रिसाव से प्रभावित 11 बच्चों को बृहस्पतिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामली में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने ठीक उपचार न मिलने और समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध न होने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था, जिसके चलते नौ बच्चों को मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था।
बृहस्पतिवार रात सीएमओ डॉक्टर राजकुमार और एसीएमओ डॉक्टर सुशील कुमार मेरठ मेडिकल कॉलेज में पहुंचे और बच्चों व उनके परिजनों से बातचीत की। सीएमओ ने बताया कि मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती सभी बच्चों की हालत ठीक है। वहां फिजीशियन और अन्य डाक्टर भी हैं। इसके अलावा वहां तमाम सुविधाएं मौजूद हैं। जल्द ही बच्चों की हालत सामान्य हो जाएगी और सभी को शामली लाया जाएगा। ब्यूरो