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शहीद अंकित की यादें हमेशा दिलों में रहेगी जिंदा
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली
Updated Thu, 18 Jan 2018 12:20 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कैराना। मोहल्ला गुंबद में किराये के मकान में रहे शहीद अंकित के बेटे का सामान लेेने आए उसके परिवार के सदस्य काफी भावुक हो गए। उसका कमरा खुलते ही शहीद की मां फफक फफक कर रो पड़ी।
अंकित के पिता जयपाल तोमर कहने लगे कि हमारा कैराना से आज तक की ही नाता था। अंकित चला गया आज सामान भी चला जाएगा। इस पर अंकित के साथ रहने वाले पुलिसकर्मी बोले कि अंकित बहादुर था, भले ही अंकित दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी बहादुरी व यादें कैराना तथा सभी के दिलों में हमेशा जिंदा रहेगी। बाद में परिजन सारा सामान गाड़ी में भरकर अपने गांव वाजिदपुर के लिए रवाना हो गए।
शहीद अंकित तोमर के माता-पिता और अन्य परिजन उसके कमरे से सामान लेने कैराना पहुंचे। दोनों ने जब कमरे का ताला खोला तो अंदर अंकित का सामान देखकर उसकी मां फफक पड़ी। अंकित के पिता ने उसको ढांढस बंधाया और उसके बाद सामान लेकर चले गए। दो जनवरी की रात गांव जंधेड़ी में कुख्यात साबिर के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान जांबाज अंकित तोमर की गोली लगने से मौत हो गई थी।
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अंकित तोमर अपनी पत्नी व बच्चों के साथ मोहल्ला गुंबद में अरविंद सिंघल के मकान में किराये पर रहता था। अंकित तोमर की शहादत के बाद से उसकी पत्नी अपनी ससुराल वाजिदपुर में ही रह रही है। बुधवार को अंकित तोमर के पिता जयपाल तोमर, मां व भाई दानवीर तोमर अपने एक मित्र के साथ मोहल्ला गुंबद में अंकित के मकान पर पहुंचे। अंकित तोमर के साथी पुलिस कर्मी विकास पुनिया, पवन सिरोही आदि भी वहां पहुंचे।
कमरे का दरवाजा जब खोला गया, तो अंकित की मां की आंखें भर आई। अंकित की मां कमरे में गई ओर उसका एक-एक सामान देखने लगी और अपने आप को रोक नहीं पाई। उसकी मां रोने लगी। उसे देखकर अंकित के पिता तथा दोनों पुलिसकर्मी और भाई भी भावुक हो गए। सभी ने बड़ी मुश्किल से अंकित की मां को हिम्मत बंधाया। सारा सामान पैक कराया और गाड़ी में ले गए। इस दौरान अंकित के पिता जयपाल तोमर कहने लगे कि हमारा कैराना से आज तक की ही नाता था।
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अंकित के पिता जयपाल तोमर कहने लगे कि हमारा कैराना से आज तक की ही नाता था। अंकित चला गया आज सामान भी चला जाएगा। इस पर अंकित के साथ रहने वाले पुलिसकर्मी बोले कि अंकित बहादुर था, भले ही अंकित दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी बहादुरी व यादें कैराना तथा सभी के दिलों में हमेशा जिंदा रहेगी। बाद में परिजन सारा सामान गाड़ी में भरकर अपने गांव वाजिदपुर के लिए रवाना हो गए।
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शहीद अंकित तोमर के माता-पिता और अन्य परिजन उसके कमरे से सामान लेने कैराना पहुंचे। दोनों ने जब कमरे का ताला खोला तो अंदर अंकित का सामान देखकर उसकी मां फफक पड़ी। अंकित के पिता ने उसको ढांढस बंधाया और उसके बाद सामान लेकर चले गए। दो जनवरी की रात गांव जंधेड़ी में कुख्यात साबिर के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान जांबाज अंकित तोमर की गोली लगने से मौत हो गई थी।
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अंकित तोमर अपनी पत्नी व बच्चों के साथ मोहल्ला गुंबद में अरविंद सिंघल के मकान में किराये पर रहता था। अंकित तोमर की शहादत के बाद से उसकी पत्नी अपनी ससुराल वाजिदपुर में ही रह रही है। बुधवार को अंकित तोमर के पिता जयपाल तोमर, मां व भाई दानवीर तोमर अपने एक मित्र के साथ मोहल्ला गुंबद में अंकित के मकान पर पहुंचे। अंकित तोमर के साथी पुलिस कर्मी विकास पुनिया, पवन सिरोही आदि भी वहां पहुंचे।
कमरे का दरवाजा जब खोला गया, तो अंकित की मां की आंखें भर आई। अंकित की मां कमरे में गई ओर उसका एक-एक सामान देखने लगी और अपने आप को रोक नहीं पाई। उसकी मां रोने लगी। उसे देखकर अंकित के पिता तथा दोनों पुलिसकर्मी और भाई भी भावुक हो गए। सभी ने बड़ी मुश्किल से अंकित की मां को हिम्मत बंधाया। सारा सामान पैक कराया और गाड़ी में ले गए। इस दौरान अंकित के पिता जयपाल तोमर कहने लगे कि हमारा कैराना से आज तक की ही नाता था।