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ईदगाह भूमि विवाद : एडीएम को ज्ञापन साैंपा, एसडीएम ऊन को जांच के आदेश
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शामली। ग्राम जिजौला की साझा ईदगाह भूमि पर चल रहे विवाद को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने सिख समुदाय के कुछ प्रतिनिधियों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचकर अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। धार्मिक स्थल की सुरक्षा और अवैध कब्जे की रणनीति को खत्म करने की मांग की। एडीएम ने उपजिलाधिकारी ऊन निधि भारद्वाज को मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, इस मामले में अब दानदाता परिवार की ओर से भी स्पष्ट बयान सामने आया है। पूर्व प्रधान जाहिद अली, जो भूमि दानकर्ता रफिया पुत्र फज्जर के पुत्र हैं, उन्होंने कहा कि ईदगाह की यह भूमि मेरे पिता रफिया ने 2017 में धार्मिक कार्य के लिए दान की थी। वर्षों से इस पर ईद की नमाज अदा की जाती रही है। आज जिस भूमि पर विवाद खड़ा किया जा रहा है, उसका ईदगाह से कोई संबंध नहीं है। विवाद कर रहे लोगों को प्लॉट मेरे ताऊ मुस्तफा ने बेचे थे, जिनकी जमीन अलग हिस्से में थी। हालांकि दोनों भाइयों की जमीन एक ही खसरा संख्या में थी, लेकिन हिस्सेदारी पूरी तरह से अलग थी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा जानबूझकर ईदगाह स्थल पर टेंट लगवाकर दानदाता पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, ताकि वह अपनी दान की गई भूमि के वारिस पर दबाव बनाकर उनके परिवार से जमीन दिलवाने में मदद कर सके,और ईदगाह कमेटी कमजोर पड़ जाए।
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वहीं, इस मामले में अब दानदाता परिवार की ओर से भी स्पष्ट बयान सामने आया है। पूर्व प्रधान जाहिद अली, जो भूमि दानकर्ता रफिया पुत्र फज्जर के पुत्र हैं, उन्होंने कहा कि ईदगाह की यह भूमि मेरे पिता रफिया ने 2017 में धार्मिक कार्य के लिए दान की थी। वर्षों से इस पर ईद की नमाज अदा की जाती रही है। आज जिस भूमि पर विवाद खड़ा किया जा रहा है, उसका ईदगाह से कोई संबंध नहीं है। विवाद कर रहे लोगों को प्लॉट मेरे ताऊ मुस्तफा ने बेचे थे, जिनकी जमीन अलग हिस्से में थी। हालांकि दोनों भाइयों की जमीन एक ही खसरा संख्या में थी, लेकिन हिस्सेदारी पूरी तरह से अलग थी।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा जानबूझकर ईदगाह स्थल पर टेंट लगवाकर दानदाता पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, ताकि वह अपनी दान की गई भूमि के वारिस पर दबाव बनाकर उनके परिवार से जमीन दिलवाने में मदद कर सके,और ईदगाह कमेटी कमजोर पड़ जाए।
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