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Shamli News: शादी में डीजे बजाया तो मौलाना नहीं पढ़ाएंगे निकाह
Fri, 07 Jun 2024 01:36 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 07 Jun 2024 01:36 AM IST
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कांधला (शामली)। कस्बे के मोहल्ला खेल स्थित मखदूम शाह पीर पर आयोजित मुस्लिम समाज के लोगों की बैठक में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शादी में फिजूलखर्ची बंद करने का निर्णय लिया। उलमाओं ने कहा कि यदि शादी में डीजे बजाया तो वे निकाह नहीं पढ़ाएंगे।
मौलाना सैयद बदरुल हुदा और अन्य लोगों ने कहा कि शादी में होने वाली फिजूलखर्ची बंद होनी चाहिए। इसके लिए वहां पर मौजूद लोगों ने 20 लोगों की कमेटी बनाई। शादी में हल्दी की रस्म, नाच गानाें पर खर्चा न हो। निकाह मस्जिद में पढ़ाया जाए। कमेटी इन पर नजर रखेगी। बैठक में निर्णय हुआ कि अगर कोई समझाने पर भी नहीं मानता है तो मौलाना निकाह पढ़ाने नहीं जाएंगे । बैठक के उपरांत मौलाना सैयद बदरुल खुदा ने कहा कि इस्लाम में निकाह को इतना आसान बनाया है, जितना किसी अन्य मजहब ने नहीं बनाया है। अब मुसलमानों ने ही निकाह को मुश्किल बना दिया। उन्होंने कहा शराब पीना या डीजे बजाना इस्लाम में वर्जित है। आज हम इस्लाम के रास्ते से भटक रहे हैं। बैठक में कारी नासिर, मौलाना मुर्तजा, मौलाना तसलीम, कारी अरशद आदि मौजूद रहे।
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मौलाना सैयद बदरुल हुदा और अन्य लोगों ने कहा कि शादी में होने वाली फिजूलखर्ची बंद होनी चाहिए। इसके लिए वहां पर मौजूद लोगों ने 20 लोगों की कमेटी बनाई। शादी में हल्दी की रस्म, नाच गानाें पर खर्चा न हो। निकाह मस्जिद में पढ़ाया जाए। कमेटी इन पर नजर रखेगी। बैठक में निर्णय हुआ कि अगर कोई समझाने पर भी नहीं मानता है तो मौलाना निकाह पढ़ाने नहीं जाएंगे । बैठक के उपरांत मौलाना सैयद बदरुल खुदा ने कहा कि इस्लाम में निकाह को इतना आसान बनाया है, जितना किसी अन्य मजहब ने नहीं बनाया है। अब मुसलमानों ने ही निकाह को मुश्किल बना दिया। उन्होंने कहा शराब पीना या डीजे बजाना इस्लाम में वर्जित है। आज हम इस्लाम के रास्ते से भटक रहे हैं। बैठक में कारी नासिर, मौलाना मुर्तजा, मौलाना तसलीम, कारी अरशद आदि मौजूद रहे।
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