फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Mandis will end, middlemen will be active

खत्म हो जाएंगी मंडिया, सक्रिय होंगे बिचौलिए

Thu, 23 Jul 2020 12:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2020 12:00 AM IST
विज्ञापन
Mandis will end, middlemen will be active
शामली। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के किसानों को राज्य के भीतर या बाहर कहीं भी अपनी पसंद के बाजार, संग्रह केंद्र, गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, कारखाने को अपनी उपज बेचने की छूट देने के अध्यादेश का चौतरफा विरोध शुरू हो गया है। कहा जा रहा है कि नए अध्यादेश से बड़े व्यापारी-बिचौलिया सक्रिय हो जाएंगे। जिले की मंडियां खत्म हो जाएंगी तथा किसान और व्यापारियों को नुकसान होगा।
विज्ञापन

सहारनपुर मंडल के शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर में 12 कृषि मंडियां संचालित हैं। सहारनपुर जिले में पांच, मुजफ्फरनगर जिले में तीन और शामली में चार मंडियां हैं। मंडियों में आने वाले किसान से ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क के रूप में करोड़ों की आय होती है। मंडी के बाहर मंडी शुल्क खत्म करने के विरोध में गुड़ मंडियों की 13, 14, 15 जुलाई को प्रदेश व्यापी हड़ताल रही थी। इस दौरान जिले के भी मंडी व्यापारियों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए कारोबार बंद रखा। नए अध्यादेश से मंडी शुल्क से मंडियों की आय प्रभावित होगी। इस अध्यादेश का किसान और व्यापारियों द्वारा विरोध किया जा रहा है। किसानों और व्यापारियों का कहना है कि किसान की आड़ में बिचौलिए और बड़े व्यापारी सक्रिय हो जाएंगे तथा मंडियां पूूूरी तरह बरबाद हो जाएंगी।
विज्ञापन

----
अवैध कारोबार को बढ़ावा मिलेगा
शामली। शामली मंडी व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेश संगल का कहना है कि अध्यादेश किसानों को राज्य के भीतर या राज्य के बाहर कहीं भी अपनी पसंद के बाजार, संग्रह केंद्र, गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, कारखाने को अपनी उपज बेचने की छूट देता है। इससे अवैध कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। उनका कहना है कि मध्य प्रदेश में गुड़ पर मंडी शुल्क समाप्त कर दिया गया है। हरियाणा में भी नहीं है, राजस्थान में एक प्रतिशत लागू है। यूपी में गुड़ पर ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क है। उन्होंने कहा कि गुड़ पर मंडी शुल्क समाप्त करके व्यापारियों को लाभ दिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

------
मंडियां पूरी तरह खत्म हो जाएंगी
शामली। पश्चिमी उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग का कहना कि कृषि मंत्रालय के नए अध्यादेश से मंडियां पूूरी तरह खत्म हो जाएंगी। इस अध्यादेश से किसान और व्यापारियों को कोई फायदा होने वाला नहीं है। किसान की आड़ में बिचौलिए सक्रिय हो जाएंगे। नए अध्यादेश का फायदा उठाकर बिचौलिये किसान की उपज मंडी में न बेचकर हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, मध्यप्रदेश, गुजरात तक बेचेंगे।
------
किसानों को कम, बिचौलियों को ज्यादा लाभ होगा
शामली। किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक का कहना है कि किसान अपनी उपज बेचने के लिए पहले से ही स्वतंत्र हैं। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अध्यादेश से किसानों को कम बिचौलियों को ज्यादा लाभ मिलेगा। जिले में गेहूं और धान की मंडियां तक नहीं हैं। उनका कहना है कि जिला और ब्लाक मुख्यालय पर गेहूं और धान की मंडियां विकसित की जाएं। किसान की उपज को निर्धारित मूल्य से कम पर न बेचा जाए। कम मूल्य पर खरीदने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

------
न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म करने का प्लान
शामली। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि पहले भी किसान अपनी उपज बेचने के लिए स्वतंत्र था। कृषि मंत्रालय के नए अध्यादेश से किसान को नुकसान होगा। किसान की आड़ में बड़े व्यापारी इस कारोबार में उतर आएंगे। मंडियों के अंदर किसान को व्यापारियों से समर्थन मूल्य मिलता था, व्यापारियों को ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क मिलने से उनका कारोबार बढ़ता था। कृषि मंत्रालय का नया अध्यादेश किसान और व्यापारी विरोधी है। इस अध्यादेश से मंडियां खत्म हो जाएंगी। किसान बरबाद हो जाएगा। कृषि मंत्रालय का इस अध्यादेश को लाने का मकसद सिर्फ किसानों की फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म करने की योजना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed