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Shamli News: इको टूरिज्म के रूप में विकसित होगी मामौर झील
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जिला गंगा, वृक्षारोपण समिति की बैठक में मौजूद अधिकारी। सौजन्य: सूचना विभाग
शामली। जिले की मामौर झील को इको टूरिज्म के रुप में विकसित की जाएगी। कलक्ट्रेट सभागार में हुई जिला गंगा, पर्यावरण, वृक्षारोपण समिति की बैठक का डीएम ने इस संबंध में निर्देश दिए।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि जनपद में 16 से 31 मार्च तक गंगा स्वच्छता पखवाड़ा आयोजित करने के लिए राज्य स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा निर्देश प्राप्त हुए है। इस माैके पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिलाधिकारी अरविंद चौहान ने मामौर झील को वैटलैंड एवं इको टूरिज्म के रूप में विकसित करने के संबंध में विभागों को निर्देशित किया। कहा कि झील संरक्षण की कार्ययोजना बनाकर तत्काल नोडल विभाग सिंचाई विभाग को भेज दें।
औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले प्रदूषित जल से संबंधित बिंदु पर डॉ. सोनू कुमार, डीपीओ ने बताया कि कंडेला इंडस्ट्रियल एरिया से प्रदूषित जल, कैमिकल को बिना किसी उपचार के अंडर ग्राउंड पाइपलाइन के ड्रेन में छोड़ा जा रहा है, जो कई गांवों से होते हुए कृष्णा नदी में प्रवाहित हो रहा है। इस कारण नदी में प्रदूषण की का खतरा बना है।
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इस पर जिलाधिकारी ने गंगा, पर्यावरण समिति के बिंदुओं पर विभागों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई की समीक्षा हेतु गठित निरीक्षण टीम को निर्देश दिए। नगर पंचायतों को निर्देश दिए कि ठोस अपशिष्ट का निस्तारण व्यवस्था सुनिश्चित करें। अधिक से अधिक पौधरोपण के भी निर्देश दिए।
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बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि जनपद में 16 से 31 मार्च तक गंगा स्वच्छता पखवाड़ा आयोजित करने के लिए राज्य स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा निर्देश प्राप्त हुए है। इस माैके पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिलाधिकारी अरविंद चौहान ने मामौर झील को वैटलैंड एवं इको टूरिज्म के रूप में विकसित करने के संबंध में विभागों को निर्देशित किया। कहा कि झील संरक्षण की कार्ययोजना बनाकर तत्काल नोडल विभाग सिंचाई विभाग को भेज दें।
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औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले प्रदूषित जल से संबंधित बिंदु पर डॉ. सोनू कुमार, डीपीओ ने बताया कि कंडेला इंडस्ट्रियल एरिया से प्रदूषित जल, कैमिकल को बिना किसी उपचार के अंडर ग्राउंड पाइपलाइन के ड्रेन में छोड़ा जा रहा है, जो कई गांवों से होते हुए कृष्णा नदी में प्रवाहित हो रहा है। इस कारण नदी में प्रदूषण की का खतरा बना है।
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इस पर जिलाधिकारी ने गंगा, पर्यावरण समिति के बिंदुओं पर विभागों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई की समीक्षा हेतु गठित निरीक्षण टीम को निर्देश दिए। नगर पंचायतों को निर्देश दिए कि ठोस अपशिष्ट का निस्तारण व्यवस्था सुनिश्चित करें। अधिक से अधिक पौधरोपण के भी निर्देश दिए।