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Shamli News: बंदी की मौत के मामले में मजिस्ट्रियल जांच बैठी
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स्मैक के मामले में भेजा था जेल, मौत के बाद परिजनों ने मानवाधिकार आयोग में की थी शिकायत
कैराना। स्मैक बरामदगी के मामले में मुजफ्फरनगर जेल में बंद आरोपी की मौत के मामले में मानवाधिकार आयोग में शिकायत के बाद मजिस्ट्रियल जांच बैठ गई है। जांच के लिए एसडीएम कैराना को नामित किया गया है। शीघ्र ही एसडीएम जांच प्रारंभ करेंगे।
कैराना कोतवाली पुलिस ने 17 फरवरी को गोगवान बाईपास के निकट से क्षेत्र के गांव गोगवान निवासी अरशद उर्फ काला (45 वर्ष) को गिरफ्तार किया था, जिसके कब्जे से 13 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई थी। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करते हुए उसे कोर्ट में पेश किया था। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में मुजफ्फरनगर जेल भेज दिया था। इसके बाद जेल में आरोपी की हालत बिगड़ गई थी और उसे जिला अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं होने पर मेरठ रेफर कर दिया था। जहां 25 फरवरी को अरशद उर्फ काला की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। सूचना के बाद परिजन मौके पर पहुंचे थे। बाद में परिजनों की ओर से मानवाधिकार आयोग में शिकायत की गई थी। उन्होंने गंभीर आरोप लगाए थे। इसी के चलते मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया और पूरे मामले की जांच बैठा दी। एसडीएम स्वप्निल कुमार यादव का कहना है कि उन्हें मजिस्ट्रियल जांच के आदेश मिले हैं। शीघ्र ही जांच कर रिपोर्ट तैयार करेंगे।
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कैराना। स्मैक बरामदगी के मामले में मुजफ्फरनगर जेल में बंद आरोपी की मौत के मामले में मानवाधिकार आयोग में शिकायत के बाद मजिस्ट्रियल जांच बैठ गई है। जांच के लिए एसडीएम कैराना को नामित किया गया है। शीघ्र ही एसडीएम जांच प्रारंभ करेंगे।
कैराना कोतवाली पुलिस ने 17 फरवरी को गोगवान बाईपास के निकट से क्षेत्र के गांव गोगवान निवासी अरशद उर्फ काला (45 वर्ष) को गिरफ्तार किया था, जिसके कब्जे से 13 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई थी। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करते हुए उसे कोर्ट में पेश किया था। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में मुजफ्फरनगर जेल भेज दिया था। इसके बाद जेल में आरोपी की हालत बिगड़ गई थी और उसे जिला अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं होने पर मेरठ रेफर कर दिया था। जहां 25 फरवरी को अरशद उर्फ काला की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। सूचना के बाद परिजन मौके पर पहुंचे थे। बाद में परिजनों की ओर से मानवाधिकार आयोग में शिकायत की गई थी। उन्होंने गंभीर आरोप लगाए थे। इसी के चलते मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया और पूरे मामले की जांच बैठा दी। एसडीएम स्वप्निल कुमार यादव का कहना है कि उन्हें मजिस्ट्रियल जांच के आदेश मिले हैं। शीघ्र ही जांच कर रिपोर्ट तैयार करेंगे।
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