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Shamli News: अपनों ने हाथ खींचे, सजा पूरी फिर भी सलाखों के पीछे

Fri, 21 Jul 2023 11:34 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 21 Jul 2023 11:34 PM IST
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Loved ones pulled their hands, the punishment is complete, yet behind the bars
अमर उजाला एक्सक्लूसिव....
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- अर्थदंड भुगतान न कर पाने से अतिरिक्त कारावास की सजा भुगत रहे छह कैदी
- 13 कैदियों के अर्थदंड का भुगतान सामाजिक संस्थाओं ने कर जेल से निकाला
- अभी भी शामली और मुजफ्फरनगर के छह कैदियों को है मदद की दरकार
महबूब अली

शामली। जिन्होंने कभी पैसे के लिए अपराध किया, आज वह पैसों के लिए इस कदर मोहताज हैं कि सजा पूरी होने के बाद भी अर्थदंड न दे पाने के कारण अतिरिक्त सजा भुगत रहे हैं। अहम बात ये है इनके अपने भी अब इनसे या तो मुंह मोड़ चुके हैं या फिर उनकी आर्थिक हालत बहुत दयनीय है। ऐसे में सामाजिक संस्थाएं इनसे अपराध से तौबा का वादा कराकर इनका सहारा बनकर जेल से बाहर लाने के काम में जुटी हैं। ये संस्थाएं अब तक ऐसे 13 कैदियों को अर्थदंड का भुगतान कर जेल से बाहर ला चुके हैं। लेकिन छह कैदी अभी भी शामली और मुजफ्फरनगर जनपद के अतिरिक्त कारावास की सजा काट रहे हैं।
आरटीआई में आई जानकारी सामने
आरटीआई कार्यकर्ता पवन कुमार तिवारी द्वारा मुजफ्फरनगर जिला कारागार से कैदियों, बंदियों के संबंध में मांगी गई सूचना में यह खुलासा हुआ है। दी गई सूचना में मुजफ्फरनगर जेल के जेलर ने बताया कि उनकी जेल में कुल 2234 बंदी और कैदी हैं। जिनमें से 650 बंदी शामली जिले के रहने वाले हैं। जिला बनने के बाद भी शामली में जिला जेल को शुरू नहीं कराया जा सका है। जिसके कारण शामली के बंदियों को मुजफ्फरनगर की जेल में रखा जाता है। शामली में जेल की जमीन तो चिन्हित की गई थी मगर आगे की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। इन्हीं सजा काट रहे कैदियों में छह ऐसे हैं, जिनका कारावास की सजा तो पूरी हो चुकी है। लेकिन अर्थ दंड जमा न कर पाने के कारण अब वह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगत रहे हैं।
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ये झेल रहे हैं सजा

आरटीआई में दी गई सूचना के अनुसार तितावी का भूरा आर्म्स एक्ट में, जानसठ का नरेंद्र एक्साइज एक्ट, मुजफ्फरनगर का जावेद धोखाधड़ी, आदर्श मंडी का राजा आर्म्स एक्ट, अजय शर्मा और एनडीपीएस एक्ट में शेरदीन मुजफ्फरनगर जेल में सजा काट रहा है।
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जानलेवा हमले से लेकर आर्म्स एक्ट में 13 बंदियों का सामाजिक संगठनों ने जमा किया अर्थदंड
2021 से लेकर 2023 तक 13 बंदी सजा पूरी होने के बाद भी अर्थदंड जमा नहीं कर पा रहे थे। इनके परिजन भी अर्थदंड को जमा करने में असमर्थ थे। जिस पर नई दिशाएं वेलफेयर सोसाइटी, आधारशिला ग्रामोत्थान सेवा संस्थान, आशीष सरीन आदि आगे आए तथा जेल प्रशासन की पहल पर खुद ही बंदियों का अर्थदंड जमा कर उन्हें छुड़वाया। छूटने वाले कैदियों में जानलेवा हमले से लेकर आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट के दोषी रहे हैं। इन सभी कैदियों को भविष्य में किसी भी प्रकार का अपराध न करने की शपथ भी दिलाई गई।


जेल प्रशासन से बात कर सामाजिक संगठनों के सहयोग से छह बंदियों को छुड़वाया जाएगा
आरटीआई कार्यकर्ता पवन कुमार तिवारी का कहना है कि उन्हें उपलब्ध कराई गई सूचना के आधार पर पता चला है कि मुजफ्फरनगर जिला जेल में अभी भी छह कैदी, अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने के कारण अतिरिक्त सजा भुगत रहे हैं। जल्द ही जेल प्रशासन से बात कर सामाजिक संगठनों के सहयोग से कैदियों का अर्थदंड जमा कराकर उन्हें छुड़वाने का प्रयास किया जाएगा।
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