फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Link of Khalistani supporters was also found in the revelation of rifle loot

रायफल लूट के खुलासे में भी मिला था खालिस्तानी समर्थकों का लिंक

Sat, 23 Nov 2019 11:30 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 23 Nov 2019 11:30 PM IST
विज्ञापन
Link of Khalistani supporters was also found in the revelation of rifle loot
शामली। पंजाब में खालिस्तानी समर्थकों को गोलाबारुद सप्लाई करने की सूचना पर एटीएस द्वारा शहर से दो युवकों की गिरफ्तारी से एक बार फिर जिले में खालिस्तानी समर्थकों से संबंधों का खुलासा हुआ है। पिछले साल अक्तूबर में जिले के चौसाना क्षेत्र में पुलिस कर्मियों से हुई रायफल लूट प्रकरण में पकड़े गए पांच लोगों के भी खालिस्तानी समर्थकों से संबंध होने की बात सामने आई थी। इसके बाद एटीएस ने लंबे समय तक जिले में रहकर पड़ताल की थी। माना जा रहा है कि उसी दौरान एटीएस को जिले में खालिस्तानी समर्थकों के लिंक मिले थे।
विज्ञापन

पिछले साल दो अक्तूबर को चौसाना क्षेत्र में होमगार्ड को गोली मारकर पुलिससे रायफल और इंसास लूटी गई थी तो शुरूआत में पुलिस यही मान रही थी कि ये घटना किसी गैंग ने दी है, लेकिन जैसे जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ी केस की थ्योरी चेंज होती गई। 14 अक्तूबर 2018 को जब मुठभेड़ के बाद पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पुलिस के अनुसार मामला खालिस्तानी समर्थकों से जुड़ गया था।
विज्ञापन

पुलिस ने दावा किया था कि कि इस घटना का सूत्रधार पंजाब का जर्मन सिंह था। पंजाब की पटियाला पुलिस ने उसेर ाजस्थान के बीकानेर से पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि उसके इरादे काफी खतराक थे। वो पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल की रैली में अराजकता फैलाना चाहता था। पुलिस के अनुसार पंजाब पुलिस ने अपने यहां उसके खिलाफ केस दर्जकर लिया था। देश की कई सुरक्षा एजेंसियों , एटीएस सहित स्थानीय पुलिस ने भी पटियाला जाकर जर्मन सिंह ने पूछताछ की थी। मामला आतंकियों से जुड़ा होने की वजह से इसकी जांच एटीएस के हवाले की गई थी। एटीएस ने इस पर काम किया और जानकारियां जुटाई। इस केस की जांच में एटीएस ने जिले में रहकर कई महीने काम किया। पूरे जिले को छाना। कई डेरों पर भी जांच की। माना जा रहा है कि इसी दौरान एटीएम को यहां खालिस्तानी समर्थक होने के लिंक भी मिले थे , हालांकि चौसाना में रायफल लूट का मामला बाद में एनआईए (नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी) को ट्रांसफर कर दिया गया था, लेकिन एटीएम के लिंक यहां बने थे और वह बराबर यहां निगाह जमाए थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये था मामला
झिंझाना थानाक्षेत्र के बिडौली मार्ग पर दो अक्तूबर 2018 को एक सिपाही और होमगार्ड पर हमला कर उसे गोली मारकर रायफल और इंसास लूट ली थी। इस मामले में पुलिस ने 14 अक्तूबर को मुठभेड़ के बाद झिंझाना के रंगाना फार्म फार्म निवासी ग्रंथी करम सिंह गिरफ्तार हुए थे। गुरूजेंट सिंह निवासी धलावली, गंगोह सहारनपुर और अमरीत निवासी करनाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उनसे लूटे गए असलहे मिले थे। दो अन्य जर्मन सिंह और करमा फरार हुए थे। जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था। इस केस का मुख्य आरोपी जर्मन को पटियाला पुलिस ने बीकानेर से पकड़ा था।
ये था घटनाक्रम
2 अक्तूबर - होमगार्ड को गोलीमारकर रायफल ,इंसारलूटी
14 अक्तूबर - मुठभेड़ केबाद तीन आरोपियोंको पकड़ा, लूटेगए असलहे बरामद।
18अक्तूबर - झिंझाना पुलिस नेकेस के एकअन्य आरोपी करमा को पकड़ा
18 अक्तूबर पंजाब की पटियाला पुलिस ने बीकानेर से मुख्य आरोपी जर्मन को पकड़ा।
20अक्तूबर - एटीएस ,एनआईए ने रिमांड पर लिए गए आरोपियों से पूछताछ की।
21 अक्तूबर - लखनऊ एटीएस और सहारनपुर एटीएस पटियाला जर्मन से पूछताछ को गई।
29 अक्तूबर - जांच एटीएस को गई, एटीएस ने झिंझाना पहुंचकर पड़ताल की।
27 नवंबर- केस की जांच एटीएस से एनआईए को मिली।
30 नवंबर- एनआईए टीम ने झिंझाना पहुंचकर जांच शुरू की, जो अभी जारी
है।
एटीएस कर गई काम, फेल हुई थाना पुलिस
शामली। दो शख्श तमंचे कारतूस लिए शहर के व्यस्त गुरुद्वारा फाटक के पास खडे रहे और लोकल थाना पुलिस को पता तक नहीं चला। हैरानी की बात है कि गुरुद्वारा के सामने ही यातायात और थाना पुलिस कर्मी तैनात रहते हैं। शहर के गुरुद्वारा के सामने बाइपास पर पर हर थाना पुलिस कर्मी और यायात पुलिस वाले तैनात रहते हैं लेकिन उन पुलिस कर्मियों की मौजूदगी के बाद भी दोनों युवक तंमचा कारतूस जेब में लेकर खड़े रहे और पुलिस वालों को उन पर जरा भी शक नहीं हुआ जबकि एटीएस यहां आकर उन्हें दबोचकर ले गई। ये भी अपने आप में हैरानी की बात है। आदर्श मंडी थाना पुलिस की सर्कियता का भी अंदाजा लगाया जा सकता है।

कहां से लाते हैं गोलाबारुद
शामली। एटीएस का दावा है कि ये दोनों युवक पंजाब में हैंडग्रेनेड और हथियार सप्लाई करने वाले थे ऐसे में सबसे बडा सवाल है कि ये लोग ये गोलाबारुर कहां से लाते हैं। इनकी सप्लाई कहां से होती है। कौन करते हैं। इनके दूसरे साथी कौन है ये सब स्थानीय पुलिस के लिएभी सिरदर्द बनने वाला है। स्थानीय पुलिस को भी इस पर वर्क करना होगा। हालांकि देर रात तक इनसे पूछताछ करने कोई पुलिस अधिकारी नहीं गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed