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Shamli News: 554 स्कूलों में छात्रों की संख्या कम, सहायक अध्यापक नहीं होंगे प्रोन्नत
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- 65 स्कूलों में 40 से कम है छात्रों की संख्या, चार उच्च प्राथमिक स्कूल में छात्रों की संख्या शून्य
- प्रधानाध्यापक बनने के लिए स्कूल में होने चाहिए 150 छात्र, पदोन्नति अटकी
दीपक गुप्ता
शामली। पदोन्नति के इंतजार में बैठे शिक्षकों को झटका लगा है। जनपद के 554 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल ऐसे है, जहां छात्रों की संख्या 150 से भी कम है। 65 स्कूलों में 40 से कम तो चार प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल में छात्रों की संख्या शून्य है। शासन ने पदोन्नति के लिए प्राथमिक स्कूलों में छात्रों की संख्या 150 निर्धारित की है। लक्ष्य पूरा न होने तक पदोन्नति नहीं मिलेगी।
जनपद में 716 स्कूल है। इनमें प्राथमिक 504 और उच्च प्राथमिक और कंपोजिट स्कूल 212 है। इन स्कूलों में 95 हजार के करीब छात्र-छात्राएं पंजीकृत है। 2500 से अधिक शिक्षक और शिक्षिकाएं कार्यरत है। लंबे इंतजार के बाद सेवाकाल में पांच वर्ष अधिक का समय पूरा कर चुके शिक्षकों के समायोजन के साथ ही पदोन्नति के पहले चरण की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है। ऐसे में निदेशालय ने आदेश जारी किया है कि जिन प्राथमिक स्कूल में 150 और उच्च प्राथमिक स्कूलों में 100 से कम विद्यार्थी हैं, वहां के सहायक अध्यापक को पदोन्नत नहीं किया जाएगा। पदोन्नति के लिए पहले छात्र संख्या का मानक पूरा करना होगा। अब शिक्षकों के सामने छात्रों की संख्या पूरा करना चुनौती बन गया है।
भविष्य में छात्र संख्या बढ़ाने का दबाव
छात्रों की कम संख्या से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों की पदोन्नति पर संकट खड़ा कर दिया है। हालांकि इस प्रावधान से स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने को लेकर चल रही कवायद में भविष्य में तेजी भी आएगी।
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इन स्कूलों में नहीं छात्र
ऊन ब्लॉक के पिंडौरा, पुरमाफी, रंगाना के उच्च प्राथमिक स्कूल और ऊन के प्राथमिक स्कूल में एक भी छात्र पंजीकृत नहीं है। वहां छात्र नहीं आने के कारण शिक्षकों की ड्यूटी अन्य स्थान के स्कूलों में लगा दी गई है। अब इन तीनों स्कूलों में छात्रों लाने की कवायद काफी तेजी से होगी।
इन स्कूलों में छात्रों की संख्या कम
बझेड़ी के उच्च प्राथमिक स्कूल में 17, दभेड़ी में 28, कुकरहेड़ी प्राथमिक स्कूल में 26, मुंडेट खुर्द में 24, अशरफपुर में 24, लव्वा दाउदपुर में 15, इंद्रानगर में 25, शाहपुर याहियापुर में 14, सींगरा फार्म में 14, खेड़ी जुनारदार में 26, बेहड़ा में 22, डेराकुटी में 13, सूरजपुर में 10, डेरा ढाका में 24, पंवार खेड़ा में 26, इस्माइलपुर में 29, गोहरपुर में 16, न्यामतुल्लापुर में 11, नंगली जमालपुर में 19, नहर माजरा में 17, भिक्कीदेह और गोहरपुर में 25-25, बादशाहपुर में आठ, शाहपुर में दस, रामपुर नट में 18 आदि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में छात्रों की संख्या काफी कम है।
वर्जन.........
शासन का आदेश मिल गया है। इसके अनुसार ही सहायक अध्यापकों को आदेश जारी कर दिया गया है। जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या कम होगी, वहां के सहायक अध्यापकों को लक्ष्य पूरा करने के लिए कहा गया है। तभी उन्हें पदोन्नति मिलेगी।-राजीव कुमार, जिला समन्वयक, शामली।
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- प्रधानाध्यापक बनने के लिए स्कूल में होने चाहिए 150 छात्र, पदोन्नति अटकी
दीपक गुप्ता
शामली। पदोन्नति के इंतजार में बैठे शिक्षकों को झटका लगा है। जनपद के 554 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल ऐसे है, जहां छात्रों की संख्या 150 से भी कम है। 65 स्कूलों में 40 से कम तो चार प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल में छात्रों की संख्या शून्य है। शासन ने पदोन्नति के लिए प्राथमिक स्कूलों में छात्रों की संख्या 150 निर्धारित की है। लक्ष्य पूरा न होने तक पदोन्नति नहीं मिलेगी।
जनपद में 716 स्कूल है। इनमें प्राथमिक 504 और उच्च प्राथमिक और कंपोजिट स्कूल 212 है। इन स्कूलों में 95 हजार के करीब छात्र-छात्राएं पंजीकृत है। 2500 से अधिक शिक्षक और शिक्षिकाएं कार्यरत है। लंबे इंतजार के बाद सेवाकाल में पांच वर्ष अधिक का समय पूरा कर चुके शिक्षकों के समायोजन के साथ ही पदोन्नति के पहले चरण की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है। ऐसे में निदेशालय ने आदेश जारी किया है कि जिन प्राथमिक स्कूल में 150 और उच्च प्राथमिक स्कूलों में 100 से कम विद्यार्थी हैं, वहां के सहायक अध्यापक को पदोन्नत नहीं किया जाएगा। पदोन्नति के लिए पहले छात्र संख्या का मानक पूरा करना होगा। अब शिक्षकों के सामने छात्रों की संख्या पूरा करना चुनौती बन गया है।
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भविष्य में छात्र संख्या बढ़ाने का दबाव
छात्रों की कम संख्या से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों की पदोन्नति पर संकट खड़ा कर दिया है। हालांकि इस प्रावधान से स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने को लेकर चल रही कवायद में भविष्य में तेजी भी आएगी।
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इन स्कूलों में नहीं छात्र
ऊन ब्लॉक के पिंडौरा, पुरमाफी, रंगाना के उच्च प्राथमिक स्कूल और ऊन के प्राथमिक स्कूल में एक भी छात्र पंजीकृत नहीं है। वहां छात्र नहीं आने के कारण शिक्षकों की ड्यूटी अन्य स्थान के स्कूलों में लगा दी गई है। अब इन तीनों स्कूलों में छात्रों लाने की कवायद काफी तेजी से होगी।
इन स्कूलों में छात्रों की संख्या कम
बझेड़ी के उच्च प्राथमिक स्कूल में 17, दभेड़ी में 28, कुकरहेड़ी प्राथमिक स्कूल में 26, मुंडेट खुर्द में 24, अशरफपुर में 24, लव्वा दाउदपुर में 15, इंद्रानगर में 25, शाहपुर याहियापुर में 14, सींगरा फार्म में 14, खेड़ी जुनारदार में 26, बेहड़ा में 22, डेराकुटी में 13, सूरजपुर में 10, डेरा ढाका में 24, पंवार खेड़ा में 26, इस्माइलपुर में 29, गोहरपुर में 16, न्यामतुल्लापुर में 11, नंगली जमालपुर में 19, नहर माजरा में 17, भिक्कीदेह और गोहरपुर में 25-25, बादशाहपुर में आठ, शाहपुर में दस, रामपुर नट में 18 आदि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में छात्रों की संख्या काफी कम है।
वर्जन.........
शासन का आदेश मिल गया है। इसके अनुसार ही सहायक अध्यापकों को आदेश जारी कर दिया गया है। जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या कम होगी, वहां के सहायक अध्यापकों को लक्ष्य पूरा करने के लिए कहा गया है। तभी उन्हें पदोन्नति मिलेगी।-राजीव कुमार, जिला समन्वयक, शामली।