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कुदरत ने बनाए सारे, ये दोनों जहां के नजारे
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 03 May 2017 12:08 AM IST
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religious
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जलालाबाद। हजरत सैय्यद मजहर अली शाह पीर की मजार पर सालाना उर्स में कव्वाल पार्टियों ने सांप्रदायिक सौहार्द का रस बिखेरा। कव्वालों ने एक से बढ़कर एक कलाम पेश किए। जोश खरोश और अमन चैन की दुआओं के साथ सालाना उर्स का समापन हो गया।
मोहल्ला जामिनअली में हजरत सैय्यद मजहर अली शाह पीर साहब की मजार पर 217 वें सालाना उर्स मनाया गया। दूर दूराज से आई कव्वाल पार्टियों ने सूफियाना अंदाज में कलाम पेश किए।
पंडित राकेश उपाध्याय ने कलाम पेश कर फरमाया, कुदरत ने बनाए सारे, ये दोनो जहां के नजारे नबी के वास्ते। मशहूर कव्वाल सप्पी मीर ने फरमाया, जब जात सफात से हो निर्मल, जब साधू सुर में ध्यान धरे, सुमरे-सुमरे सुमरन से नारायण हरे नारायण हरे। कव्वाल जाहिद पीर, अहसान कव्वाल, नबाव पीर आदि ने सूफियाना अंदाज में कलाम पेश किए। कव्वाली पार्टियों के कलाम को सुनकर जायरीन झूमने पर मजबूर हो गए।
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जायरीनों ने पीर साहब पर चादर चढ़ाई। इकबाल हुसैन पीर साहब, भाई लतीफ पीर साहब, कलीम हुसैन ने देश और दुनिया में अमन अमान के लिए दुआ कराई। सालाना उर्स में हिंदू मुस्लिम दोनों ही वर्गों के लोगों का सहयोग रहा।
उर्स के सफल आयोजन में भीक्का मलिक, हाजी साजिद मलिक, सलीम हुसैन पीर, लतीफ पीरजी, इस्लाम पीरजी, आशीफ हुसैन, तारीक हुसैन और कलीम हुसैन आदि मौजूद रहे।
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मोहल्ला जामिनअली में हजरत सैय्यद मजहर अली शाह पीर साहब की मजार पर 217 वें सालाना उर्स मनाया गया। दूर दूराज से आई कव्वाल पार्टियों ने सूफियाना अंदाज में कलाम पेश किए।
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पंडित राकेश उपाध्याय ने कलाम पेश कर फरमाया, कुदरत ने बनाए सारे, ये दोनो जहां के नजारे नबी के वास्ते। मशहूर कव्वाल सप्पी मीर ने फरमाया, जब जात सफात से हो निर्मल, जब साधू सुर में ध्यान धरे, सुमरे-सुमरे सुमरन से नारायण हरे नारायण हरे। कव्वाल जाहिद पीर, अहसान कव्वाल, नबाव पीर आदि ने सूफियाना अंदाज में कलाम पेश किए। कव्वाली पार्टियों के कलाम को सुनकर जायरीन झूमने पर मजबूर हो गए।
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जायरीनों ने पीर साहब पर चादर चढ़ाई। इकबाल हुसैन पीर साहब, भाई लतीफ पीर साहब, कलीम हुसैन ने देश और दुनिया में अमन अमान के लिए दुआ कराई। सालाना उर्स में हिंदू मुस्लिम दोनों ही वर्गों के लोगों का सहयोग रहा।
उर्स के सफल आयोजन में भीक्का मलिक, हाजी साजिद मलिक, सलीम हुसैन पीर, लतीफ पीरजी, इस्लाम पीरजी, आशीफ हुसैन, तारीक हुसैन और कलीम हुसैन आदि मौजूद रहे।