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जिले में 467 करोड़ के खर्च से अविरल और निर्मल होगी कृष्णा की धारा

Wed, 21 Sep 2022 11:24 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 21 Sep 2022 11:24 PM IST
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Krishna's stream will be continuous from 467 crores
संवाद न्यूज एजेंसी
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शामली। नमामि गंगे परियोजना के तहत गंगा की सहायक नदी कृष्णा की धारा को जिले में अधिक निर्मल व अविरल बनाया जाएगा। इसके लिए 467 करोड़ रुपये खर्च करके चार एसटीपी बनाए जाएंगे। इनके अतिरिक्त पांच निकायों में नालों पर फाइटोरेमेडिएशन पॉंड भी तैयार किए जाएंगे। जिससे सिल्ट रहित पानी ही कृष्णा नदी में पहुंचे।
कृष्णा नदी कभी शामली क्षेत्र को हरा-भरा बनाए रखती थी। अब फैक्टरियों से निकलने वाले केमिकल युक्त पानी ने इसे जहरीला बना दिया है। कई नालों का पानी भी इसमें गिरता है। कई जगह इस नदी की भूमि पर अतिक्रमण है। तीन वर्ष पूर्व नमामि गंगे योजना के तहत नदी की खोदाई कराई गई थी। इसके करीब 25 वर्ष बाद नदी में स्वच्छ पानी भी आया था परंतु समय के साथ नदी किनारे फिर से झाड़ी उग आईं। कई जगह जलकुंभी के बीच नदी का स्वरूप दिखाई देना बंद हो गया है।
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एक बार फिर कृष्णा की धारा को अविरल और निर्मल बनाने की कवायद शुरू हुई है। जिसके लिए थानाभवन, बनत, शामली और बंतीखेड़ा में एसटीपी का निर्माण कराया जाएगा। जिनकी कुल क्षमता 51 एमएलडी होगी। बनत और बंतीखेड़ा के एसटीपी की क्षमता 4-4 एमएलडी और शामली के एसटीपी की क्षमता 35 एमएलडी होगी। हालांकि थानाभवन का एसटीपी 8 एमएलडी क्षमता का होगा। इससे नालों का पानी स्वच्छ होने के बाद ही नदी में प्रवाहित किया जाएगा। इन चारों एसटीपी का एस्टीमेट जल निगम ने तैयार कर लिया है। इसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा है।
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जिले में 69.1 किमी कृष्णा की लंबाई
कृष्णा नदी सहारनपुर की सीमा से जिले के गांव चंदेनामाल से प्रवेश करती है। जनपद में नदी की लंबाई करीब 69.1 किमी है। यह थानाभवन, शामली और कांधला ब्लॉक क्षेत्र से होती हुई बागपत में प्रवेश करती है। 25 ग्राम पंचायतें और बनत नगर पंचायत नदी किनारे स्थित हैं, जबकि चार नगर निकाय नदी से थोड़ी दूरी पर स्थित हैं।
फाइटोरेमिडिएशन पॉंड की स्थिति
थानाभवन नगर पंचायत क्षेत्र में तीन फाइटोरेमेडिएशन का निर्माण होना है। जलालाबाद में 17.50 लाख की लागत से एक का निर्माण हो चुका है। जबकि दूसरे का निर्माण होना है। एलम में भूमि की तलाश की जा रही है। बनत में 28.12 लाख की लागत से दो फाइटोरेमेडिएशन पॉंड का निर्माण हो चुका है। नगर पालिका शामली क्षेत्र में एक फाइटोरेमेडिएशन पॉंड संचालित है। वहीं, एक और का निर्माण प्रस्तावित है।

एसटीपी की क्षमता और लागत
एसटीपी क्षमता एमएलडी करोड़ रुपये
बनत 04 50.45
शामली 35 259
थानाभवन 08 94.94
बंतीखेड़ा 04 62.53
कृष्णा नदी के जल गुणवत्ता के आंकड़े
ब्लॉक पीएच बीओडी सीओडी कठोरता
थानाभवन 7.5 26 140
कांधला 7.1 38 168
नोट- आंकड़े उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ेके जुलाई 2022 के हैं।
वर्जन:-
नमामि गंगे परियोजना के तहत कृष्णा नदी को निर्मल और अविरल बनाने के लिए एसटीपी और फाइटोरेमेडिएशन पॉंड बनाए जाएंगे। जल निगम ने इसके लिए एस्टीमेट तैयार कर लिया है। जिसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है।-शंभूनाथ तिवारी, सीडीओ
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