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...कमजर्फ के अहसान से डर लगता है
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Tue, 17 Nov 2015 12:43 AM IST
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जलालाबाद। कौमी एकता का संदेश देने के लिए मुशायरे का आयोजन किया। इसमें शायरों ने वर्तमान वातावरण और राजनीति पर कलाम पेश किए।
रविवार की शाम कस्बे के पठान मार्केट में एक शाम कौमी एकता के नाम पर आयोजित मुशायरे का शुभारंभ डीएम ओपी वर्मा और सीडीओ वीके सिंह ने किया। इस दौरान वक्कार बेधड़क ने कहा, कोई बच्चा तड़फता है, तो मां का दिल तड़फता है। जब मां का दिल तड़फता है, तो जम जम निकलता है।
अरशदिया मुजफ्फरनगर ने कलाम पेश किया, यहां उस शख्स पर इलजाम लगते है, जिनको खंजर उठाना नहीं आता। रियासत रामपुरी ने कहा, खुशबू लाये हैं, फूल लाये हैं, वतन को सींचने को खून लाये हैं, वतन के लिए मिल के सोचे यारो, एक नारा जोर से लगा दो यारो।
महमूद अशर ने कहा, मुुझको आंधी से न तूफान से डर लगता है, एक कमजर्फ के अहसान से डर लगता है। मेरठ से आए शायर ने रबा, दोहरे क्यो आज नजर है शर्मिंदा, क्यों आज जुबां पर ताले हैं, तुमने ही कल कहा था हमसे अच्छे दिन आने वाले हैं।
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डीएम ओपी वर्मा, अशरफ अली, ठाकुर शेर सिंह राणा, वारस वारसी मेरठ, अरशद जिया, उस्मान उस्मानी कैरानवी, वसीम राजूपुरिया, खुशबू रियासत रामपुरी, जहाज देवबंदी, जीनत मुरादाबादी, हुदा अमीन रहमानी, डॉ. अनवर जलालाबादी आदि मौजूद रहे।
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रविवार की शाम कस्बे के पठान मार्केट में एक शाम कौमी एकता के नाम पर आयोजित मुशायरे का शुभारंभ डीएम ओपी वर्मा और सीडीओ वीके सिंह ने किया। इस दौरान वक्कार बेधड़क ने कहा, कोई बच्चा तड़फता है, तो मां का दिल तड़फता है। जब मां का दिल तड़फता है, तो जम जम निकलता है।
अरशदिया मुजफ्फरनगर ने कलाम पेश किया, यहां उस शख्स पर इलजाम लगते है, जिनको खंजर उठाना नहीं आता। रियासत रामपुरी ने कहा, खुशबू लाये हैं, फूल लाये हैं, वतन को सींचने को खून लाये हैं, वतन के लिए मिल के सोचे यारो, एक नारा जोर से लगा दो यारो।
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महमूद अशर ने कहा, मुुझको आंधी से न तूफान से डर लगता है, एक कमजर्फ के अहसान से डर लगता है। मेरठ से आए शायर ने रबा, दोहरे क्यो आज नजर है शर्मिंदा, क्यों आज जुबां पर ताले हैं, तुमने ही कल कहा था हमसे अच्छे दिन आने वाले हैं।
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डीएम ओपी वर्मा, अशरफ अली, ठाकुर शेर सिंह राणा, वारस वारसी मेरठ, अरशद जिया, उस्मान उस्मानी कैरानवी, वसीम राजूपुरिया, खुशबू रियासत रामपुरी, जहाज देवबंदी, जीनत मुरादाबादी, हुदा अमीन रहमानी, डॉ. अनवर जलालाबादी आदि मौजूद रहे।