{"_id":"5d0928168ebc3e48bb2d1f32","slug":"kairaana-chc-me-nahi-hote-xray","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैराना सीएचसी में नहीं होते एक्सरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैराना सीएचसी में नहीं होते एक्सरे
Tue, 18 Jun 2019 11:36 PM IST
NAVEEN GUPTA
amarujala
amarujala
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Tue, 18 Jun 2019 11:36 PM IST
विज्ञापन
file
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुबह 10 बजे अस्पताल में डॉ एजाजुदीन इमरजेंसी में मरीजों का उपचार कर रहे थे। डॉ सलीम और चिकित्सा अधीक्षक डॉ भानू मरीज देख रहे थे। नेत्र और दंत विभाग में भी मरीज देखे जा रहे थे। एक्सरे केबिन बंद था। बताया गया कि यहां टेक्नीशियन ही नहीं है। यहां एक्सरे नहीं होते। अस्पताल में महिला चिकित्सक की भी तैनाती नहीं है। सामान्य प्रसव कार्य स्टाफ नर्स ही कराती हैं। सर्जन और फिजिशिन भी नहीं है। मरीजों ने दवा मिलने की बात कही।
350 रुपये में बनवाते हैं चश्मे -फोटो -24 शफाउल -25 सलीम
अस्पताल में अपनी पत्नी आसमां के साथ पहुंचे सलीम निवासी मोहल्ला अफगानान ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी का चश्मा बनने के लिए दिया था। ये 350 रुपये में बना है। आज उसे लेने आए थे। वहीं, नेत्र परीक्षक राजेंद्र ने बताया कि केवल कक्षा एक से कक्षा आठ तक के छात्रों के चश्मे फ्री बनते हैं। बहुत से मरीज उसने चश्मा बनवाने का अनुरोध करते हैं तो वे चश्मे बनवाने में उनकी मदद करते हैं।
खुरगान रोड निवासी शफाउला ने बताया कि पिछले 5 दिन से बुखार नजला है। उसने अस्पताल से दवा मिलने की बात कही।
थानाभवन में डॉक्टर बात में मशगूल, मरीज बेहाल
थानाभवन सीएचसी में सुबह 10.10 बजे चिकित्सा अधीक्षक डॉ कांतिप्रसाद अपने कमरे में फाइलों में व्यस्त थे। एक डॉक्टर ओपीडी में मरीजों को दवाई दे रहे थे, जबकि, ओपीडी के दूसरे चिकित्सक अपने कमरे के बजाए बाहर बैठकर कुछ लोगों के साथ बातों में मशगूल थे। कुछ मरीज डॉक्टर साहब का इंतजार करते हुए उनके कमरे के सामने लगी बैंच पर बैठे हुए। दूसरी तरफ छह से सात मरीज पिछले दो घंटे से एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए बैंच पर बैठकर डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। केवल एक चिकित्सक बैठे स्किन संबंधी मरीजों का उपचार कर रहे थे। अधीक्षक डॉक्टर कांतिप्रसाद ने बताया कि कभी-कभी कुछ व्यक्तिगत कारणों से डॉक्टर को आने में देर हो जाती है। ओपीडी के समय में यदि कोई डॉक्टर लंबे समय गैर हाजिर होता है तो मरीज आकर बताएं।
विज्ञापन
एक घंटे से डॉक्टर के इंतजार में बैठा हूं
अस्पताल में आए मरीज 70 साल के नोजल सिंह ने बताया कि वे सांस की बीमारी और खांसी से परेशान हूं। पिछले एक घंटे से मैं यहां पर बैठा हुआ हूं और अब तक डॉक्टर नहीं आए। वह बाहर बैठकर बात कर रहे हैं और उनकी तबियत खराब है।
इंजेक्शन के लिए दो घंटे करता रहा इंतजार
मोहल्ला खैल निवासी 65 साल के रंजीत के अनुसार उसे एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाना है। सुबह आठ बजे ही अस्पताल पहुंच गया था। पर्चा भी बनवा लिया है और मुझे यहां बैठे हुए दो घंटे बीत चुके हैं, लेकिन, अब तक मुझे इंजेक्शन नहीं लगा।
कांधला में प्राइवेट चिकित्सकों के यहां कराने पड़ते हैं एक्सरे
कांधला। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चार में से तीन डॉक्टर मौजूद थे। खून की जांच कराने के लिए काफी लंबी लाइन लगी थी। अस्पताल में आए गढीश्याम निवासी ईश्वर सिंह कमर का दर्द दिखाने आया था। मरीज रामपुर खेड़ी निवासी बहादुर सिंह ने बताया कि यहां मरीजों पर एक्सरे नहीं होते, जबकि मशीन है। अधीक्षक डॉक्टर रमेश चंद्रा ने बताया कि एक्सरे और कई जांच के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
बाबरी में फार्मासिस्ट देख रहा मरीज, फर्श दरवाजे टूटे,
बाबरी। बाबरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के फार्मासिस्ट रजनीश कुमार मरीजों का हाल पूछकर दवा दे रहा था। पूछने पर बताया कि यहां तैनात केंद्र प्रभारी डॉक्टर दिग्विजय सिंह सप्ताह में तीन दिन थानाभवन और तीन दिन बाबरी मेँ बैठते हैं। आज वह थानाभवन में बताए गए। लैब टेक्नीशियन नहीं था। यहां आए मरीज धर्मपाल सैनी,अस्पताल के अंदर कमरे का फर्श टूटा हुआ था। फार्मेसिस्ट ने बताया कि जंगल में होने की वजह ये यहां अक्सर सांप निकलते हैं। शौचालयों के गेट टूटे पडे थे।
विज्ञापन
350 रुपये में बनवाते हैं चश्मे -फोटो -24 शफाउल -25 सलीम
अस्पताल में अपनी पत्नी आसमां के साथ पहुंचे सलीम निवासी मोहल्ला अफगानान ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी का चश्मा बनने के लिए दिया था। ये 350 रुपये में बना है। आज उसे लेने आए थे। वहीं, नेत्र परीक्षक राजेंद्र ने बताया कि केवल कक्षा एक से कक्षा आठ तक के छात्रों के चश्मे फ्री बनते हैं। बहुत से मरीज उसने चश्मा बनवाने का अनुरोध करते हैं तो वे चश्मे बनवाने में उनकी मदद करते हैं।
विज्ञापन
खुरगान रोड निवासी शफाउला ने बताया कि पिछले 5 दिन से बुखार नजला है। उसने अस्पताल से दवा मिलने की बात कही।
थानाभवन में डॉक्टर बात में मशगूल, मरीज बेहाल
थानाभवन सीएचसी में सुबह 10.10 बजे चिकित्सा अधीक्षक डॉ कांतिप्रसाद अपने कमरे में फाइलों में व्यस्त थे। एक डॉक्टर ओपीडी में मरीजों को दवाई दे रहे थे, जबकि, ओपीडी के दूसरे चिकित्सक अपने कमरे के बजाए बाहर बैठकर कुछ लोगों के साथ बातों में मशगूल थे। कुछ मरीज डॉक्टर साहब का इंतजार करते हुए उनके कमरे के सामने लगी बैंच पर बैठे हुए। दूसरी तरफ छह से सात मरीज पिछले दो घंटे से एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए बैंच पर बैठकर डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। केवल एक चिकित्सक बैठे स्किन संबंधी मरीजों का उपचार कर रहे थे। अधीक्षक डॉक्टर कांतिप्रसाद ने बताया कि कभी-कभी कुछ व्यक्तिगत कारणों से डॉक्टर को आने में देर हो जाती है। ओपीडी के समय में यदि कोई डॉक्टर लंबे समय गैर हाजिर होता है तो मरीज आकर बताएं।
विज्ञापन
एक घंटे से डॉक्टर के इंतजार में बैठा हूं
अस्पताल में आए मरीज 70 साल के नोजल सिंह ने बताया कि वे सांस की बीमारी और खांसी से परेशान हूं। पिछले एक घंटे से मैं यहां पर बैठा हुआ हूं और अब तक डॉक्टर नहीं आए। वह बाहर बैठकर बात कर रहे हैं और उनकी तबियत खराब है।
इंजेक्शन के लिए दो घंटे करता रहा इंतजार
मोहल्ला खैल निवासी 65 साल के रंजीत के अनुसार उसे एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाना है। सुबह आठ बजे ही अस्पताल पहुंच गया था। पर्चा भी बनवा लिया है और मुझे यहां बैठे हुए दो घंटे बीत चुके हैं, लेकिन, अब तक मुझे इंजेक्शन नहीं लगा।
कांधला में प्राइवेट चिकित्सकों के यहां कराने पड़ते हैं एक्सरे
कांधला। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चार में से तीन डॉक्टर मौजूद थे। खून की जांच कराने के लिए काफी लंबी लाइन लगी थी। अस्पताल में आए गढीश्याम निवासी ईश्वर सिंह कमर का दर्द दिखाने आया था। मरीज रामपुर खेड़ी निवासी बहादुर सिंह ने बताया कि यहां मरीजों पर एक्सरे नहीं होते, जबकि मशीन है। अधीक्षक डॉक्टर रमेश चंद्रा ने बताया कि एक्सरे और कई जांच के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
बाबरी में फार्मासिस्ट देख रहा मरीज, फर्श दरवाजे टूटे,
बाबरी। बाबरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के फार्मासिस्ट रजनीश कुमार मरीजों का हाल पूछकर दवा दे रहा था। पूछने पर बताया कि यहां तैनात केंद्र प्रभारी डॉक्टर दिग्विजय सिंह सप्ताह में तीन दिन थानाभवन और तीन दिन बाबरी मेँ बैठते हैं। आज वह थानाभवन में बताए गए। लैब टेक्नीशियन नहीं था। यहां आए मरीज धर्मपाल सैनी,अस्पताल के अंदर कमरे का फर्श टूटा हुआ था। फार्मेसिस्ट ने बताया कि जंगल में होने की वजह ये यहां अक्सर सांप निकलते हैं। शौचालयों के गेट टूटे पडे थे।