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जज्बे के हौसले से खुशी और नेहा ने भरी सफलता की उड़ान
Sat, 27 Apr 2019 11:24 PM IST
NAVEEN GUPTA
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Sat, 27 Apr 2019 11:24 PM IST
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file photo
- फोटो : amarujala
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मन में कुछ करने का जज्बा और सच्ची लगन हो तो हर मुश्किल राह भी आसान हो जाती है। मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली शामली निवासी दो सगी बहनों ने यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटर के घोषित परीक्षा परिणाम में जनपद को टॉप कर इस बात को साबित किया है।
यूपी बोर्ड के परीक्षा परिणाम में सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कालेज शामली की छात्रा नेहा विश्वकर्मा हाईस्कूल में और खुशी विश्वकर्मा इंटर में जिला टॉपर बनी हैं। दोनों सगी बहनों के परिवार की कहानी जुदा है। दोनों बहनों ने जिन हालात में पढ़ाई कर टॉपर बनी हैं, वह किसी मिसाल से कम नहीं है। साथ ही दूसरों के लिए भी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। उनके पिता प्रमोद कुमार इंटर पास हैं और एक पब्लिक स्कूल में वैन चलाते हैं। माता पुष्पा देवी आठवीं पास हैं और गृहणी हैं। प्रमोद कुुमार के दोनों बेटियां ही सब कुछ हैं। उन्हें कोई बेटा नहीं है। परिवार की आमदनी भी इतनी है कि बस जैसे-तैसे परिवार का गुजारा ही चल पाता है। इन परिस्थितियों में बड़ी बेटी खुशी ने पढ़ लिखकर माता-पिता का नाम ऊंचा करने और देश सेवा करने की ठानी। इसके लिए उन्होंने शुरू से ही दिनरात पढ़ाई में जुट गईं। माता-पिता ने उन्हें पढ़ने का हर मौका दिया और कभी किसी अन्य काम को करने को कभी नहीं कहा।
खुशी का आईएएस बनकर देश सेवा करना सपना
खुशी ने बताया कि उनके आदर्श माता-पिता ही हैं। वे ही उनके लिए सब कुछ है। दिनरात मेहनत कर वे उनकी पढ़ाई का खर्च उठा रहे हैं। सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को देते हुए खुशी ने कहा कि उन्होंने आठ से नौ घंटे प्रतिदिन पढ़ाई का शेड्यूल बनाया। केवल मैथ्स का ट्यूशन ही किया। उनका सपना आईएएस ऑफिसर बनकर देश सेवा करना है। आईएएस बनकर वे देश से भ्रष्टाचार खत्म करना और गरीब लोगों की मदद करना चाहती है। उनका पसंदीदा विषय मैथ्स है। खेल में उनकी कोई विशेष रुचि नहीं है। खुशी का कहना है वह आगे आईटीआई या बीटेक की पढ़ाई करेंगी। इस साल उन्होंने जेईई मेन्स की परीक्षा दी है, जिसका अभी रिजल्ट नहीं आया है।
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नेहा का सपना डॉक्टर बनकर सेवा करना
खुशी की छोटी बहन नेहा ने बताया कि बड़ी बहन उसकी प्रेरणास्रोत है। जिस दिन बड़ी बहन खुशी ने हाईस्कूल में जिले को टॉप किया था, उसी दिन उसने भी ठान लिया था कि वह भी जिले को टॉप करेगी। इस मुकाम को पाने के लिए उसने अपनी बहन की तरह आठ से नौ घंटे प्रतिदिन पढ़ाई की। उनकी इस सफलता के पीछे बड़ी बहन का सबसे ज्यादा सहयोग रहा है। उन्होंने उसकी पढ़ाई में मदद की। इनके अलावा माता-पिता और शिक्षकों को भी बहुत सहयोग मिला है। उनका पसंदीदा विषय गणित है और पसंदीदा खेल शतरंज है। उनका सपना डाक्टर बनकर लोगों की सेवा करना है।
बेटों से भी बढ़कर है मेरी बेटियां : पुष्पा
शामली। हाईस्कूूल और इंटर में जिला टॉपर बनी नेहा और खुशी की माता पुष्पा देवी की खुुुशी का कोई ठिकाना नहीं है। उनकी दोनों बेटियों ने पढ़कर उनका जो मान बढ़ाया है, उसे वह बोलकर नहीं बता सकती है। उनका कहना है कि बेटों से भी बढ़कर हैं उनकी बेटियां।
मेरा तो सब कुछ है बेटियां : प्रमोद
शामली। खुशी और नेहा के पिता प्रमोद कुमार ने बताया कि उनकी बेटियां ही सब कुछ है। वह जो कुछ कमा रहे हैं, वह सब उनकी पढ़ाई पर खर्च करते हैं। उनका तो एक ही सपना है कि उनकी दोनों बेटियां पढ़ लिखकर कुछ बन जाए। अभी तक तो दोनों बहनों की पढ़ाई का खर्च जैसे-तैसे चल रहा है। आगे भी पढ़ाई में जितना भी खर्च आए, वे उसे हर हाल में पूरा करेंगे, इसके लिए उन्हें चाहे कुछ भी करना पड़े।
हाईस्कूल में भी जिला टॉपर रही खुशी
शामली। इंटर में जिला टॉपर बनी खुशी 2017 में हाईस्कूल में भी सरस्वती बालिका जिला टॉपर रही है। खुशी ने बताया कि हाईस्कूल में 91 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। खुशी का कहना है कि हाईस्कूल टॉप करने के बाद उन्होंने इंटर को भी जिले में टॉप करने का लक्ष्य बनाया था।
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यूपी बोर्ड के परीक्षा परिणाम में सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कालेज शामली की छात्रा नेहा विश्वकर्मा हाईस्कूल में और खुशी विश्वकर्मा इंटर में जिला टॉपर बनी हैं। दोनों सगी बहनों के परिवार की कहानी जुदा है। दोनों बहनों ने जिन हालात में पढ़ाई कर टॉपर बनी हैं, वह किसी मिसाल से कम नहीं है। साथ ही दूसरों के लिए भी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। उनके पिता प्रमोद कुमार इंटर पास हैं और एक पब्लिक स्कूल में वैन चलाते हैं। माता पुष्पा देवी आठवीं पास हैं और गृहणी हैं। प्रमोद कुुमार के दोनों बेटियां ही सब कुछ हैं। उन्हें कोई बेटा नहीं है। परिवार की आमदनी भी इतनी है कि बस जैसे-तैसे परिवार का गुजारा ही चल पाता है। इन परिस्थितियों में बड़ी बेटी खुशी ने पढ़ लिखकर माता-पिता का नाम ऊंचा करने और देश सेवा करने की ठानी। इसके लिए उन्होंने शुरू से ही दिनरात पढ़ाई में जुट गईं। माता-पिता ने उन्हें पढ़ने का हर मौका दिया और कभी किसी अन्य काम को करने को कभी नहीं कहा।
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खुशी का आईएएस बनकर देश सेवा करना सपना
खुशी ने बताया कि उनके आदर्श माता-पिता ही हैं। वे ही उनके लिए सब कुछ है। दिनरात मेहनत कर वे उनकी पढ़ाई का खर्च उठा रहे हैं। सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को देते हुए खुशी ने कहा कि उन्होंने आठ से नौ घंटे प्रतिदिन पढ़ाई का शेड्यूल बनाया। केवल मैथ्स का ट्यूशन ही किया। उनका सपना आईएएस ऑफिसर बनकर देश सेवा करना है। आईएएस बनकर वे देश से भ्रष्टाचार खत्म करना और गरीब लोगों की मदद करना चाहती है। उनका पसंदीदा विषय मैथ्स है। खेल में उनकी कोई विशेष रुचि नहीं है। खुशी का कहना है वह आगे आईटीआई या बीटेक की पढ़ाई करेंगी। इस साल उन्होंने जेईई मेन्स की परीक्षा दी है, जिसका अभी रिजल्ट नहीं आया है।
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नेहा का सपना डॉक्टर बनकर सेवा करना
खुशी की छोटी बहन नेहा ने बताया कि बड़ी बहन उसकी प्रेरणास्रोत है। जिस दिन बड़ी बहन खुशी ने हाईस्कूल में जिले को टॉप किया था, उसी दिन उसने भी ठान लिया था कि वह भी जिले को टॉप करेगी। इस मुकाम को पाने के लिए उसने अपनी बहन की तरह आठ से नौ घंटे प्रतिदिन पढ़ाई की। उनकी इस सफलता के पीछे बड़ी बहन का सबसे ज्यादा सहयोग रहा है। उन्होंने उसकी पढ़ाई में मदद की। इनके अलावा माता-पिता और शिक्षकों को भी बहुत सहयोग मिला है। उनका पसंदीदा विषय गणित है और पसंदीदा खेल शतरंज है। उनका सपना डाक्टर बनकर लोगों की सेवा करना है।
बेटों से भी बढ़कर है मेरी बेटियां : पुष्पा
शामली। हाईस्कूूल और इंटर में जिला टॉपर बनी नेहा और खुशी की माता पुष्पा देवी की खुुुशी का कोई ठिकाना नहीं है। उनकी दोनों बेटियों ने पढ़कर उनका जो मान बढ़ाया है, उसे वह बोलकर नहीं बता सकती है। उनका कहना है कि बेटों से भी बढ़कर हैं उनकी बेटियां।
मेरा तो सब कुछ है बेटियां : प्रमोद
शामली। खुशी और नेहा के पिता प्रमोद कुमार ने बताया कि उनकी बेटियां ही सब कुछ है। वह जो कुछ कमा रहे हैं, वह सब उनकी पढ़ाई पर खर्च करते हैं। उनका तो एक ही सपना है कि उनकी दोनों बेटियां पढ़ लिखकर कुछ बन जाए। अभी तक तो दोनों बहनों की पढ़ाई का खर्च जैसे-तैसे चल रहा है। आगे भी पढ़ाई में जितना भी खर्च आए, वे उसे हर हाल में पूरा करेंगे, इसके लिए उन्हें चाहे कुछ भी करना पड़े।
हाईस्कूल में भी जिला टॉपर रही खुशी
शामली। इंटर में जिला टॉपर बनी खुशी 2017 में हाईस्कूल में भी सरस्वती बालिका जिला टॉपर रही है। खुशी ने बताया कि हाईस्कूल में 91 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। खुशी का कहना है कि हाईस्कूल टॉप करने के बाद उन्होंने इंटर को भी जिले में टॉप करने का लक्ष्य बनाया था।