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इस्लाम दूसरे धर्मों को बुरा कहने की नहीं देता इजाजत: मदनी
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कांधला क्षेत्र के गांव गढ़ी दौलत स्थित मदरसे में जलसे के दौरान दुआ कराते मौलाना।
- फोटो : SHAMLI
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इस्लाम दूसरे धर्मों को बुरा कहने की नहीं देता इजाजत : मदनी
कांधला। गांव गढ़ी दौलत के मदरसे में आयोजित जलसे में हजरत मौलाना हुसैन अहमद मदनी ने फरमाया कि इस्लाम कभी भी दूसरे धर्मों को बुरा कहने की इजाजत नहीं देता। उन्होंने कहा कि हम लोगों को अपने बच्चों को दीनी तालीम के साथ ही दुनियावी तालीम भी हासिल करानी चाहिए।
मदरसा बदरुल उलूम में आयोजित सालाना जलसे में मौलाना मदनी और हजरत मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी शेख उल हदीस अमरोहा ने संयुक्त रूप से 30 तलबाओं की दस्तारबंदी की। जलसे को खिताब करते हुए हजरत मौलाना मदनी ने लोगों से नशे को जड़ से खत्म करने की अपील की। हजरत मौलाना राशिद नायब मोहतमिम देवबंद दारुल उलूम ने जलसे को खिताब करते हुए फरमाया कि जब इंसानी समाज में बुराइयां दिखाई देने लगे तो, तब अल्लाह के गुस्से का शिकार होना पड़ता है। हमें समाज में फैली बुराइयों को दूर करना होगा। मौलाना तौकीर ने फरमाया कि समाज से अमानतदारी का समाज से खात्मा हो रहा है। मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी शेख उल हदीस अमरोहा ने फरमाया कि जब सच्चाई का इंसानी समाज से जनाजा निकल जाए, तब अल्लाह का गुस्सा इंसानी समाज पर नाजिल होता है।
जलसे की सदारत मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी शेख उल हदीस अमरोहा व निजामत मदरसा बदरुल उलूम गढ़ी दौलत के प्रबंधक हजरत मौलाना अकील ने की। जलसे में मौलाना अब्दुल मालिक, मौलाना जहूर, मौलाना तैय्यब, मौलाना तहसीन, मौलाना इसराइल, मौलाना हारुन, मौलाना वासिल, मौलाना राशिद कंधालवी, ग्राम प्रधान राशिद जंग, पूर्व प्रधान उमरद्दीन, तनवीर जंग, शाहिद मंसूरी व फिरोज अंसारी सहित हजारों लोग मौजूद रहे।
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कांधला। गांव गढ़ी दौलत के मदरसे में आयोजित जलसे में हजरत मौलाना हुसैन अहमद मदनी ने फरमाया कि इस्लाम कभी भी दूसरे धर्मों को बुरा कहने की इजाजत नहीं देता। उन्होंने कहा कि हम लोगों को अपने बच्चों को दीनी तालीम के साथ ही दुनियावी तालीम भी हासिल करानी चाहिए।
मदरसा बदरुल उलूम में आयोजित सालाना जलसे में मौलाना मदनी और हजरत मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी शेख उल हदीस अमरोहा ने संयुक्त रूप से 30 तलबाओं की दस्तारबंदी की। जलसे को खिताब करते हुए हजरत मौलाना मदनी ने लोगों से नशे को जड़ से खत्म करने की अपील की। हजरत मौलाना राशिद नायब मोहतमिम देवबंद दारुल उलूम ने जलसे को खिताब करते हुए फरमाया कि जब इंसानी समाज में बुराइयां दिखाई देने लगे तो, तब अल्लाह के गुस्से का शिकार होना पड़ता है। हमें समाज में फैली बुराइयों को दूर करना होगा। मौलाना तौकीर ने फरमाया कि समाज से अमानतदारी का समाज से खात्मा हो रहा है। मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी शेख उल हदीस अमरोहा ने फरमाया कि जब सच्चाई का इंसानी समाज से जनाजा निकल जाए, तब अल्लाह का गुस्सा इंसानी समाज पर नाजिल होता है।
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जलसे की सदारत मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी शेख उल हदीस अमरोहा व निजामत मदरसा बदरुल उलूम गढ़ी दौलत के प्रबंधक हजरत मौलाना अकील ने की। जलसे में मौलाना अब्दुल मालिक, मौलाना जहूर, मौलाना तैय्यब, मौलाना तहसीन, मौलाना इसराइल, मौलाना हारुन, मौलाना वासिल, मौलाना राशिद कंधालवी, ग्राम प्रधान राशिद जंग, पूर्व प्रधान उमरद्दीन, तनवीर जंग, शाहिद मंसूरी व फिरोज अंसारी सहित हजारों लोग मौजूद रहे।
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