बड़ा खुलासा: देश को दहलाना चाहते थे ISI एजेंट, भारत-पाक युद्ध की फिल्में देखने के हैं शौकीन, चल रही थी ये डील
यूपी पुलिस और एसटीएफ ने आईएसआई और आतंकी संगठनों के प्लान को चौपट कर दिया। हालांकि अभी अंदेशा है कि आईएसआई के अन्य सदस्य किसी भी तरह की घटना को देश में अंजाम दे सकते हैं।
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वहीं, वेस्ट यूपी के अधिक से अधिक लोगों को अपने साथ जोड़ा जा रहा था। हालांकि, पुलिस और एसटीएफ ने आईएसआई और आतंकी संगठनों के प्लान को चौपट कर दिया। मगर अभी भी आईएसआई एजेंटों के संपर्क में रहने वाले लोगों की तलाश एसटीएफ कर रही है। माना जा रहा है कि अन्य सदस्य किसी भी तरह की घटना को देश में अंजाम दे सकते हैं।
एसटीएफ और शामली पुलिस ने कलीम के संपर्क में रहने वाले लोगों की धरपकड़ के लिए शामली, बागपत, मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर, बुलंदशहर, हापुड़, नोएडा और दिल्ली के कई स्थानों की खाक छानी। हालांकि अभी अन्य कोई पकड़ में नहीं आ सका है।
खुफिया सूत्रों के अनुसार, कलीम ने भी पूछताछ में बताया है कि सूर्यवंशी फिल्म की तरह ही देश में एक स्थान पर हथियार, बारूद एकत्रित कर किसी बड़ी वारदात की तैयारी थी।
हालांकि तैयारी सूर्यवंशी फिल्म के रिलीज होने से पहले से ही चली आ रही है। देश के कई लोग आईएसआई एजेंटों का पूरा सहयोग कर रहे हैं। जांच में पता चला है कि कलीम और उसका भाई, अन्य आईएसआई से जुड़े लोग भारत और पाकिस्तान पर बनने वाली फिल्मों को देखना अधिक पसंद करते हैं।
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इस्लामिक देशों के स्टेटस लगाते हैं गिरोह के सदस्य
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, जांच में पता चला है कि आईएसआई और अन्य संगठनों के लिए काम करने वाले लोग इस्लामिक देशों का स्टेट्स अपने व्हाट्सएप या फिर अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर लगाते हैं। इन्हें लगता है कि इस तरह का स्टेट्स देखकर अन्य लोग भी इनके साथ जुड़ेंगे। कलीम की तरह ही अन्य लोग भी भारत में लोगों को जेहाद फैलाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
जल्द गिरफ्त में होंगे तहसीम और यूसुफ
शामली के एसपी अभिषेक और एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार सिंह का कहना है कि संयुक्त अभियान चलाकर फरार चल रहे तहसीम और सहारनपुर के यूसुफ की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही फरार आरोपी गिरफ्त में होंगे।