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Shamli News: पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट कलीम द्वारा फर्जी आईडी पर लिए गए सिम का करते थे प्रयोग
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- सहारनपुर का युसुफ समसी, कलीम और उसके भाई को उपलब्ध कराता था फर्जी आईडी पर लिए गए सिम
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। आईएसआई से जुड़े कलीम और उसके भाई के संबंध में पुलिस और एसटीएफ की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में पता चला है कि आईएसआई का पाकिस्तानी एजेंट दिलशाद और हाफिज खालिद कलीम और अन्य द्वारा सहारनपुर, आजमगढ़ और अन्य स्थानों से लिए गए सिम पर ही व्हाट्सएप चलाते थे तथा कलीम और उसके भाई से बातचीत करते थे। अक्सर वीडियो कॉल पर भी बात की जाती थी।
एसटीएफ के अनुसार, जांच में पता चला है कि सहारनपुर का रहने वाला युसुफ समसी भी कलीम और उसके भाई के साथ जुड़ा हुआ था। वह दोनों को फर्जी आईडी पर लिए गए सिम उपलब्ध कराता था। युसुफ खुद भी आईएसआई के संपर्क में था। इसके बदले कलीम युसुफ को मोटे रुपये देता था। कलीम और पाकिस्तान में बैठे आईएसआई के सदस्य सहारनपुर की रूखसार, आजमगढ़ के विनयराज, सहारनपुर के आसिफ, दानिश की आईडी पर निकाले गए सिम का प्रयोग कर रहे थे।
बताया गया कि कई अन्य डिस्ट्रीब्यूटर भी गिरोह को फर्जी आईडी पर चंद रुपयों के लालच में सिम उपलब्ध करा रहे थे। छह सिमों की डिटेल एसटीएफ की जांच में सामने आई है। अन्य सिम डिस्ट्रीब्यूटरों की तलाश भी पुलिस और एसटीएफ ने शुरू कर दी है। इसके अलावा पता चला है कि आरोपी गिरोह के सदस्य फर्जी वीजा का प्रयोग कर भी पाकिस्तान गया है। फर्जी वीजा किसकी सहायता से बनवाया गया, इसकी जांच भी शुरू कर दी गई है।
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शामली। आईएसआई से जुड़े कलीम और उसके भाई के संबंध में पुलिस और एसटीएफ की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में पता चला है कि आईएसआई का पाकिस्तानी एजेंट दिलशाद और हाफिज खालिद कलीम और अन्य द्वारा सहारनपुर, आजमगढ़ और अन्य स्थानों से लिए गए सिम पर ही व्हाट्सएप चलाते थे तथा कलीम और उसके भाई से बातचीत करते थे। अक्सर वीडियो कॉल पर भी बात की जाती थी।
एसटीएफ के अनुसार, जांच में पता चला है कि सहारनपुर का रहने वाला युसुफ समसी भी कलीम और उसके भाई के साथ जुड़ा हुआ था। वह दोनों को फर्जी आईडी पर लिए गए सिम उपलब्ध कराता था। युसुफ खुद भी आईएसआई के संपर्क में था। इसके बदले कलीम युसुफ को मोटे रुपये देता था। कलीम और पाकिस्तान में बैठे आईएसआई के सदस्य सहारनपुर की रूखसार, आजमगढ़ के विनयराज, सहारनपुर के आसिफ, दानिश की आईडी पर निकाले गए सिम का प्रयोग कर रहे थे।
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बताया गया कि कई अन्य डिस्ट्रीब्यूटर भी गिरोह को फर्जी आईडी पर चंद रुपयों के लालच में सिम उपलब्ध करा रहे थे। छह सिमों की डिटेल एसटीएफ की जांच में सामने आई है। अन्य सिम डिस्ट्रीब्यूटरों की तलाश भी पुलिस और एसटीएफ ने शुरू कर दी है। इसके अलावा पता चला है कि आरोपी गिरोह के सदस्य फर्जी वीजा का प्रयोग कर भी पाकिस्तान गया है। फर्जी वीजा किसकी सहायता से बनवाया गया, इसकी जांच भी शुरू कर दी गई है।
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