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Shamli News: निवेश के प्रस्ताव 1600 करोड़ के पार, 2000 करोड़ से ज्यादा होने के आसार
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शामली कैराना रोड स्थित होटल में जिला स्तरीय इंवेस्टर मीट में मुख्यमंत्री का उद्बोधन सुनते उद्यमी।
- स्थानीय इनवेस्टर मीट में जुटे जिले के उद्यमी, प्रशासन का 750 करोड़ के निवेश का था लक्ष्य
- पेपर और स्टील उद्योग के लिए मिले सबसे ज्यादा प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
फोटो समाचार
शामली। स्थानीय इनवेस्टर मीट में जिले में निवेश के प्रस्ताव 1695 करोड़ के पार पहुंच गए। प्रदेश स्तरीय इनवेस्टर समिट तक इनके 2200 करोड़ से पार पहुंचने की उम्मीद है। उद्यमियों ने प्रदेश में बेहतर माहौल को निवेश बढ़ने का कारण बताया। साथ ही अपनी समस्याएं भी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने रखी।
कैराना रोड स्थित एक होटल में आयोजित जिला स्तरीय इनवेस्टर मीट में 750 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष 1695 करोड़ के निवेश प्रस्ताव उद्यमियों ने पेश किए। साथ ही आश्वस्त किया कि लखनऊ में फरवरी माह में होने वाली यूपी ग्लोबल इनवेस्टर समिट तक यह आंकड़ा 2200 करोड़ पार कर जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैराना सांसद प्रदीप चौधरी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले जिले में अपराध बढ़ने और खराब कानून व्यवस्था के चलते उद्यमियों का पलायन शुरू हो गया था। यहां के उद्यमी और व्यापारी पलायन करके दूसरे प्रांतों में चले गए थे। भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रदेश में कानून व्यवस्था में सुधार हुआ। निवेश के लिए अच्छा माहौल बनाया गया। जिसका परिणाम है कि यहां उद्योगों में निवेश को बढ़ावा मिला है।
एमएलसी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि उद्योगों से ही विकास संभव है। आने वाले समय में जिले में पांच-छह एक्सप्रेसवे और हाईवे का निर्माण होने से जिला प्रदेश में नंबर एक स्थान पर होगा। पूर्व विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने भाजपा सरकार में अच्छे माहौल की प्रशंसा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीएम जसजीत कौर ने कहा कि उद्यमियों के सहयोग से लक्ष्य से दोगुना निवेश हुआ है। अभी यह तीन गुना तक बढ़ सकता है। संयुक्त आयुक्त उद्योग अंजू रानी ने कहा कि उद्योगों के सामने भूमि की समस्या है। वह ग्रीन पॉलिसी के तहत उद्योग विकसित कर सकते हैं। एक हजार दिन में लाइसेंस लेकर उत्पादन शुरू कर सकते हैं।
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सीडीओ शंभूनाथ तिवारी, एडीएम संतोष कुमार सिंह, जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त परमहंस मौर्य, सहायक आयुक्त डॉ. बनवारी लाल, पर्यटन अधिकारी अंजू चौधरी के अलावा, अशोक बंसल, आशीष जैन, विशाल गुप्ता, अमित जैन, अशोक मित्तल, अतुल बंसल, चरत बंसल आदि मौजूद रहे। संचालन अजय बाबू शर्मा ने किया।
पेपर और स्टील कारोबार में अधिक हुआ निवेश
जिले में पेपर और स्टील कारोबार में सबसे अधिक निवेश हुआ है। पेपर उद्योग में कुल 650 करोड़ का निवेश अभी तक हुआ है। इसके अलावा स्टील प्लांट में 150 करोड़ का निवेश हुआ है। इसके अलावा करीब 300 करोड़ की लागत से जिले में मेडिकल कॉलेज का निर्माण होगा।
एनसीआर क्षेत्र से बाहर करने की मांग
कार्यक्रम में उद्यमियों ने एनसीआर क्षेत्र में शामिल होने की वजह से नुकसान समेत अन्य मुद्दे उठाए। आईआईए अध्यक्ष अनुज गर्ग, साइमा के अध्यक्ष अंकित गोयल और वामा के अध्यक्ष आशीष जैन ने कहा कि कोयला और जेनरेटर प्रतिबंध के कारण उद्यमियों को नुकसान झेलना पड़ा रहा है। एनसीआर से बाहर क्षेत्र के उद्यमियों से वह पिछड़ जाएंगे। जिले में 60-70 उद्योग ऐसे हैं जो कोयला ईंधन के रूप में प्रयोग करते हैं। एक जनवरी से इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिले के उद्योगों को एनसीआर से बाहर किया जाए। इसके अलावा जिला उद्योग केंद्र पर अधिकारियों की तैनाती की मांग की।
आठ माह में मिला बिजली का कनेक्शन
साइमा के चेयरमैन अंकित गोयल ने शिकायत की कि बिजली कनेक्शन देने में अधिकारी सात से आठ माह तक का समय लगा देते हैं। इससे उद्यमियों को तो नुकसान होता ही है। सरकार को राजस्व का नुकसान भी होता है। उन्होंने विभिन्न छूट और इंसेंटिव समय पर दिलाने की मांग रखी।
ये हुए बड़े निवेश
1. सिक्का पेपर्स लिमिटेड - 400 करोड़
2. मैसर्स ज्ञान चेन्नई एजुकेशनल सोसायटी, मेडिकल कॉलेज - 300 करोड़
3. मैसर्स निकिता पेपर्स - 250 करोड़
4. शामली स्टील प्लांट -150 करोड़
5. श्री पारस मेटल - 60 करोड़
6. सेवाराम मेटल - 50 करोड़
7. रीतू इंडस्ट्रीज - 50 करोड़
8. हाइमन एनवायरमेंटल - 50 करोड़
9. गोल्डन ग्लोबल एग्रोटेक - 30 करोड़
10. अमर स्पलिंट - 25 करोड़
11. कैरियर व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड - 25 करोड़
अन्य निवेश- 305 करोड़
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- पेपर और स्टील उद्योग के लिए मिले सबसे ज्यादा प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
फोटो समाचार
शामली। स्थानीय इनवेस्टर मीट में जिले में निवेश के प्रस्ताव 1695 करोड़ के पार पहुंच गए। प्रदेश स्तरीय इनवेस्टर समिट तक इनके 2200 करोड़ से पार पहुंचने की उम्मीद है। उद्यमियों ने प्रदेश में बेहतर माहौल को निवेश बढ़ने का कारण बताया। साथ ही अपनी समस्याएं भी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने रखी।
कैराना रोड स्थित एक होटल में आयोजित जिला स्तरीय इनवेस्टर मीट में 750 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष 1695 करोड़ के निवेश प्रस्ताव उद्यमियों ने पेश किए। साथ ही आश्वस्त किया कि लखनऊ में फरवरी माह में होने वाली यूपी ग्लोबल इनवेस्टर समिट तक यह आंकड़ा 2200 करोड़ पार कर जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैराना सांसद प्रदीप चौधरी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले जिले में अपराध बढ़ने और खराब कानून व्यवस्था के चलते उद्यमियों का पलायन शुरू हो गया था। यहां के उद्यमी और व्यापारी पलायन करके दूसरे प्रांतों में चले गए थे। भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रदेश में कानून व्यवस्था में सुधार हुआ। निवेश के लिए अच्छा माहौल बनाया गया। जिसका परिणाम है कि यहां उद्योगों में निवेश को बढ़ावा मिला है।
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एमएलसी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि उद्योगों से ही विकास संभव है। आने वाले समय में जिले में पांच-छह एक्सप्रेसवे और हाईवे का निर्माण होने से जिला प्रदेश में नंबर एक स्थान पर होगा। पूर्व विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने भाजपा सरकार में अच्छे माहौल की प्रशंसा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीएम जसजीत कौर ने कहा कि उद्यमियों के सहयोग से लक्ष्य से दोगुना निवेश हुआ है। अभी यह तीन गुना तक बढ़ सकता है। संयुक्त आयुक्त उद्योग अंजू रानी ने कहा कि उद्योगों के सामने भूमि की समस्या है। वह ग्रीन पॉलिसी के तहत उद्योग विकसित कर सकते हैं। एक हजार दिन में लाइसेंस लेकर उत्पादन शुरू कर सकते हैं।
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सीडीओ शंभूनाथ तिवारी, एडीएम संतोष कुमार सिंह, जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त परमहंस मौर्य, सहायक आयुक्त डॉ. बनवारी लाल, पर्यटन अधिकारी अंजू चौधरी के अलावा, अशोक बंसल, आशीष जैन, विशाल गुप्ता, अमित जैन, अशोक मित्तल, अतुल बंसल, चरत बंसल आदि मौजूद रहे। संचालन अजय बाबू शर्मा ने किया।
पेपर और स्टील कारोबार में अधिक हुआ निवेश
जिले में पेपर और स्टील कारोबार में सबसे अधिक निवेश हुआ है। पेपर उद्योग में कुल 650 करोड़ का निवेश अभी तक हुआ है। इसके अलावा स्टील प्लांट में 150 करोड़ का निवेश हुआ है। इसके अलावा करीब 300 करोड़ की लागत से जिले में मेडिकल कॉलेज का निर्माण होगा।
एनसीआर क्षेत्र से बाहर करने की मांग
कार्यक्रम में उद्यमियों ने एनसीआर क्षेत्र में शामिल होने की वजह से नुकसान समेत अन्य मुद्दे उठाए। आईआईए अध्यक्ष अनुज गर्ग, साइमा के अध्यक्ष अंकित गोयल और वामा के अध्यक्ष आशीष जैन ने कहा कि कोयला और जेनरेटर प्रतिबंध के कारण उद्यमियों को नुकसान झेलना पड़ा रहा है। एनसीआर से बाहर क्षेत्र के उद्यमियों से वह पिछड़ जाएंगे। जिले में 60-70 उद्योग ऐसे हैं जो कोयला ईंधन के रूप में प्रयोग करते हैं। एक जनवरी से इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिले के उद्योगों को एनसीआर से बाहर किया जाए। इसके अलावा जिला उद्योग केंद्र पर अधिकारियों की तैनाती की मांग की।
आठ माह में मिला बिजली का कनेक्शन
साइमा के चेयरमैन अंकित गोयल ने शिकायत की कि बिजली कनेक्शन देने में अधिकारी सात से आठ माह तक का समय लगा देते हैं। इससे उद्यमियों को तो नुकसान होता ही है। सरकार को राजस्व का नुकसान भी होता है। उन्होंने विभिन्न छूट और इंसेंटिव समय पर दिलाने की मांग रखी।
ये हुए बड़े निवेश
1. सिक्का पेपर्स लिमिटेड - 400 करोड़
2. मैसर्स ज्ञान चेन्नई एजुकेशनल सोसायटी, मेडिकल कॉलेज - 300 करोड़
3. मैसर्स निकिता पेपर्स - 250 करोड़
4. शामली स्टील प्लांट -150 करोड़
5. श्री पारस मेटल - 60 करोड़
6. सेवाराम मेटल - 50 करोड़
7. रीतू इंडस्ट्रीज - 50 करोड़
8. हाइमन एनवायरमेंटल - 50 करोड़
9. गोल्डन ग्लोबल एग्रोटेक - 30 करोड़
10. अमर स्पलिंट - 25 करोड़
11. कैरियर व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड - 25 करोड़
अन्य निवेश- 305 करोड़

शामली कैराना रोड स्थित होटल में जिला स्तरीय इंवेस्टर मीट में मुख्यमंत्री का उद्बोधन सुनते उद्यमी।