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Shamli News: उत्कृष्ट सेवा सम्मान से सम्मानित किए गए थे इंस्पेक्टर सुनील
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शामली। उदपुर गांव के ईंट भट्ठे के पास जंगल में हुई मुठभेड़ में शहीद हुए एसटीएफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार साहसी और निडर थे। उन्होंने पूर्व में आईएसआई एजेंटों को पकड़वाने से लेकर पचास हजार के इनामी दस्यु ओमप्रकाश और अन्य को मार गिराने में अहम भूमिका निभाई थी। वर्ष 2015 में सराहनीय सेवा सम्मान और वर्ष 2022 में उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिह्न उन्हें दिया गया था। शहीद होने के बाद अब हर कोई उनकी वीरता और शौर्य की सराहना कर रहा है।
एसटीएफ से मिली जानकारी के अनुसार सुनील कुमार 1 सितंबर 1990 में आरक्षी पद पर पीएसी में भर्ती हुए थे। इसके बाद एसटीएफ में दरोगा के पद पर नियुक्त हुए। 19 मार्च 2008 को यूपी के फतेहपुर में हुई पुलिस मुठभेड़ में सुनील ने पचास हजार के इनामी राजराज और दस्यु ओमप्रकाश को मार गिराया। इसके बाद उन्हें आउट ऑफ टर्न पदोन्नति देकर इंस्पेक्टर बना दिया गया था। वर्ष 2024 में सरकार ने उन्हें अति उत्कृष्ट सेवा पदक प्रदान किया था। यही नहीं वर्ष 2008 में पांच लाख के इनामी अंबिका उर्फ ठोकिया को मुठभेड़ में मार गिराया था। वर्ष 2012 और 2013 में एक लाख के इनामी सुशील मूंछ, बदन सिंह, भूपेंद्र जाफर को पकड़ने में भी अहम भूमिका निभाई थी।
सुनील ने शामली में आईएसआई एजेंट कलीम को गिरफ्तार कराने में अहम भूमिका निभाई थी। वर्ष 2023 में अनिल दुजाना को मार गिराया था। 30 मई 2024 को लोनी बॉर्डर पर पचास हजार के इनामी लोनी के राहुल को गिरफ्तार किया था। 8 अक्तूबर 2021 को रंगदारी, अपहरण, हत्या को अंजाम देने वाले पचास हजार के इनामी गोहाना के नवीन को गौतमबुद्धनगर से गिरफ्तार किया था। इनके अलावा भी कई इनामियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाई थी। एसटीएफ के एसपी के अनुसार सुनील साहसी थे और घटनाओं का चंद दिनों में ही खुलासा करने में भी अहम भूमिका निभाते थे।
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एसटीएफ से मिली जानकारी के अनुसार सुनील कुमार 1 सितंबर 1990 में आरक्षी पद पर पीएसी में भर्ती हुए थे। इसके बाद एसटीएफ में दरोगा के पद पर नियुक्त हुए। 19 मार्च 2008 को यूपी के फतेहपुर में हुई पुलिस मुठभेड़ में सुनील ने पचास हजार के इनामी राजराज और दस्यु ओमप्रकाश को मार गिराया। इसके बाद उन्हें आउट ऑफ टर्न पदोन्नति देकर इंस्पेक्टर बना दिया गया था। वर्ष 2024 में सरकार ने उन्हें अति उत्कृष्ट सेवा पदक प्रदान किया था। यही नहीं वर्ष 2008 में पांच लाख के इनामी अंबिका उर्फ ठोकिया को मुठभेड़ में मार गिराया था। वर्ष 2012 और 2013 में एक लाख के इनामी सुशील मूंछ, बदन सिंह, भूपेंद्र जाफर को पकड़ने में भी अहम भूमिका निभाई थी।
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सुनील ने शामली में आईएसआई एजेंट कलीम को गिरफ्तार कराने में अहम भूमिका निभाई थी। वर्ष 2023 में अनिल दुजाना को मार गिराया था। 30 मई 2024 को लोनी बॉर्डर पर पचास हजार के इनामी लोनी के राहुल को गिरफ्तार किया था। 8 अक्तूबर 2021 को रंगदारी, अपहरण, हत्या को अंजाम देने वाले पचास हजार के इनामी गोहाना के नवीन को गौतमबुद्धनगर से गिरफ्तार किया था। इनके अलावा भी कई इनामियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाई थी। एसटीएफ के एसपी के अनुसार सुनील साहसी थे और घटनाओं का चंद दिनों में ही खुलासा करने में भी अहम भूमिका निभाते थे।
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