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संघर्ष में गिरफ्तार घायल युवक की मौत
ब्यूरो/ अमर उजाला, शामली
Updated Sun, 13 Dec 2015 12:30 AM IST
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शामली। जिला पंचायत चुनाव के दौरान लक्ष्मीपुरा में हुए संघर्ष के मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। मुजफ्फरनगर जेल में युवक की हालत बिगड़ गई थी। आरोप है कि चौसाना पुलिस ने युवक को पीटा था। शनिवार की देर शाम परिजनों ने ग्रामीणों के साथ हंगामा किया। पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत किया।
गत 29 अक्तूबर को ऊन ब्लाक में जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए मतदान हुआ था। इस दौरान चौसाना के गांव लक्ष्मीपुरा में मतदान के बाद दो पक्षों में संघर्ष हुआ था। इस मामले में विक्रम सिंह समेत दर्जनों लोगों पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। बाद में पुलिस ने आरोपी बनाए गए विक्रम को गिरफ्तार कर लिया था, जहां से उसे मुजफ्फरनगर जेल में भेज दिया गया। इस दौरान विक्रम सिंह की तबीयत बिगड़ गई।
जिस पर उसे मेरठ में भर्ती कराया गया। शनिवार को विक्रम की मेरठ में उपचार के दौरान मौत हो गई। उसकी मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। देर शाम दर्जनों ग्रामीणों के साथ परिजन शामली में झिंझाना रोड पर पहुंच गए और हंगामा करना लगे। इस दौरान सपा एमएलसी विरेंद्र सिंह व जिला पंचायत सदस्य पंजाब सिंह भी पहुंच गए। उनके सामने परिजनों ने आरोप लगाया कि एक पुलिसकर्मी ने जेल ले जाने के दौरान विक्रम सिंह की बुरी तरह से पिटाई की थी, जिससे उसकी हालत बिगड़ी है।
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परिजनों व ग्रामीणों ने इस दौरान जाम लगाने का भी प्रयास किया। सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी वीके मिश्रा भी पहुंच गए, जहां दोनों नेताओं ने एडिशनल एसपी से बात की। इस दौरान उन्होंने परिजनों व ग्रामीणों को आश्वासन देते हुए कहा कि विक्रम की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सुबह तक आ जाएगी। इसमें जो भी पुलिसकर्मी दोषी है। उस पर भी कड़ी कार्रवाई होगी। इस आश्वासन के बाद परिजन शव लेकर गांव लौट गए।
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गत 29 अक्तूबर को ऊन ब्लाक में जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए मतदान हुआ था। इस दौरान चौसाना के गांव लक्ष्मीपुरा में मतदान के बाद दो पक्षों में संघर्ष हुआ था। इस मामले में विक्रम सिंह समेत दर्जनों लोगों पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। बाद में पुलिस ने आरोपी बनाए गए विक्रम को गिरफ्तार कर लिया था, जहां से उसे मुजफ्फरनगर जेल में भेज दिया गया। इस दौरान विक्रम सिंह की तबीयत बिगड़ गई।
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जिस पर उसे मेरठ में भर्ती कराया गया। शनिवार को विक्रम की मेरठ में उपचार के दौरान मौत हो गई। उसकी मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। देर शाम दर्जनों ग्रामीणों के साथ परिजन शामली में झिंझाना रोड पर पहुंच गए और हंगामा करना लगे। इस दौरान सपा एमएलसी विरेंद्र सिंह व जिला पंचायत सदस्य पंजाब सिंह भी पहुंच गए। उनके सामने परिजनों ने आरोप लगाया कि एक पुलिसकर्मी ने जेल ले जाने के दौरान विक्रम सिंह की बुरी तरह से पिटाई की थी, जिससे उसकी हालत बिगड़ी है।
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परिजनों व ग्रामीणों ने इस दौरान जाम लगाने का भी प्रयास किया। सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी वीके मिश्रा भी पहुंच गए, जहां दोनों नेताओं ने एडिशनल एसपी से बात की। इस दौरान उन्होंने परिजनों व ग्रामीणों को आश्वासन देते हुए कहा कि विक्रम की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सुबह तक आ जाएगी। इसमें जो भी पुलिसकर्मी दोषी है। उस पर भी कड़ी कार्रवाई होगी। इस आश्वासन के बाद परिजन शव लेकर गांव लौट गए।