{"_id":"68c46c86070849f6a10a8505","slug":"industry-news-shamli-news-c-26-1-sal1002-149484-2025-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: नेपाल हिंसा से झटका, शामली का करोड़ों का कारोबार हुआ प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: नेपाल हिंसा से झटका, शामली का करोड़ों का कारोबार हुआ प्रभावित
विज्ञापन
शामली। नेपाल में भड़की हिंसा, आगजनी और बाजार बंदी का असर अब सीमावर्ती व्यापार तक सीमित न रहकर शामली जिले के उद्योग जगत को भी गहरा झटका दे रहा है। जिले से नेपाल को निर्यात होने वाला रिमधुरा, गैस चूल्हा, कुकर, माचिस और लकड़ी की चम्मच का कारोबार ठप हो गया है। करोड़ों रुपये का माल सीमा पर अटका पड़ा है, जबकि पहले भेजे गए माल का भुगतान भी बेमियादी समय तक टल गया है।
शामली जिले का रिमधुरा और गैस चूल्हा उद्योग नेपाल के प्रमुख शहरों विराटनगर, धनगढ़ी और बुटवल में मजबूत पकड़ रखता है। लेकिन नेपाल में हालात बिगड़ने से कारोबारी संकट में आ गए हैं। रिमधुरा उद्योग से जुड़े उद्यमी सुधीर धीमान ने बताया कि उनका करीब 60 लाख रुपये का ऑर्डर और भुगतान रुका हुआ है। इसी तरह उद्यमी वेदप्रकाश आर्य का कहना है कि यूपी सीमा से जुड़े डीलर अब नेपाल को माल भेजने से रोक रहे हैं, जिससे तैयार माल फैक्ट्री में ही पड़ा रह गया है।
आईआईए (इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अनुज गर्ग का कहना है कि उनका माचिस का 20 से 30 लाख रुपये का भुगतान फंसा है। आईआईए के चेयरमैन विशाल गुप्ता का करीब 25 लाख रुपये और उद्यमी रोहित–शशि गर्ग का आठ लाख रुपये का माल व भुगतान अटका हुआ है।
विज्ञापन
रोहित गर्ग ने बताया कि उनके गैस चूल्हों का उत्पाद नेपाल के धनगढ़ी में डीलरों को जाता है। लेकिन बाजार बंदी और तनाव के कारण डीलरों ने साफ कह दिया है कि हालात सामान्य होने पर ही भुगतान किया जाएगा।
विज्ञापन
शामली जिले का रिमधुरा और गैस चूल्हा उद्योग नेपाल के प्रमुख शहरों विराटनगर, धनगढ़ी और बुटवल में मजबूत पकड़ रखता है। लेकिन नेपाल में हालात बिगड़ने से कारोबारी संकट में आ गए हैं। रिमधुरा उद्योग से जुड़े उद्यमी सुधीर धीमान ने बताया कि उनका करीब 60 लाख रुपये का ऑर्डर और भुगतान रुका हुआ है। इसी तरह उद्यमी वेदप्रकाश आर्य का कहना है कि यूपी सीमा से जुड़े डीलर अब नेपाल को माल भेजने से रोक रहे हैं, जिससे तैयार माल फैक्ट्री में ही पड़ा रह गया है।
विज्ञापन
आईआईए (इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अनुज गर्ग का कहना है कि उनका माचिस का 20 से 30 लाख रुपये का भुगतान फंसा है। आईआईए के चेयरमैन विशाल गुप्ता का करीब 25 लाख रुपये और उद्यमी रोहित–शशि गर्ग का आठ लाख रुपये का माल व भुगतान अटका हुआ है।
विज्ञापन
रोहित गर्ग ने बताया कि उनके गैस चूल्हों का उत्पाद नेपाल के धनगढ़ी में डीलरों को जाता है। लेकिन बाजार बंदी और तनाव के कारण डीलरों ने साफ कह दिया है कि हालात सामान्य होने पर ही भुगतान किया जाएगा।